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ध्‍यान दें! इन गाइइलाइंस के तहत ही दिल्‍ली में 10वीं-12वीं के छात्रों के लिए खोले जाएंगे स्‍कूल

दिल्‍ली में 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट्स और प्री-बोर्ड/बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूलों की तैयारी को लेकर स्‍कूलों को खोलने के आदेश जारी किए गए हैं. (फाइल फोटो)
दिल्‍ली में 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट्स और प्री-बोर्ड/बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूलों की तैयारी को लेकर स्‍कूलों को खोलने के आदेश जारी किए गए हैं. (फाइल फोटो)

School open in Delhi: दिल्‍ली सरकार की ओर से जारी की गई एसओपी के तहत स्कूल कैंपस में किसी भी तरह के रोगग्रस्त बच्चे/ स्टाफ को रखने की अनुमति नहीं होगी. स्कूल एंट्री गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2021, 6:05 PM IST
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नई दिल्‍ली : कोरोना काल (Covid 19) में दिल्‍ली सरकार (Delhi Government) के एक बड़े फैसले के तहत 18 जनवरी से सशर्त 10वीं और 12वीं के छात्रों को स्‍कूल जाने की छूट दी गई है. दिल्‍ली सरकार (Delhi Government) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार मुताबिक, 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट्स और प्री-बोर्ड/बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूलों की तैयारी को लेकर स्‍कूलों को खोलने के आदेश जारी किए गए हैं.

हालांकि सरकार ने आवश्‍यक रूप से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है, जिसके तहत ही स्‍कूल इन कक्षाओं के लिए छात्रों को बुला सकती हैं. इनमें स्‍कूलों को स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा, आवश्‍यक तैयारी, परिजनों की सह‍मति, क्‍वारंटाइन रूम, फेस मास्‍क गाइडलाइंस, कैंपस गेस्‍ट पॉलिसी, कम्‍युनिटी/कॉमन स्‍पेस पॉलिसी एवं जागरूकता अभियान के तहत ही स्‍कूल संचालक/प्रशासन विद्यालयों को चला सकता है.

आइए जानते हैं इससे जुड़ीं 10 खास बातें...
दिल्‍ली सरकार की ओर से जारी की गई एसओपी के तहत स्कूल कैंपस में किसी भी तरह के रोगग्रस्त बच्चे/ स्टाफ को रखने की अनुमति नहीं होगी. स्कूल एंट्री गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य होगी. स्कूल के प्रवेश द्वार से लेकर क्लास रूम, लैब्स और पब्लिक यूटिलिटी आदि जगहों पर हाथों को सैनिटाइज करने की व्‍यवस्‍था रखनी होगी.
प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट, प्री बोर्ड/बोर्ड परीक्षा आदि के लिए तैयारी और दिशानिर्देश में सरकार की ओर से कहा गया है कि कंस्ट्रक्शन ज़ोन के बाहर के स्कूलों को केवल सूचीबद्ध गतिविधियों के तहत अनुमति दी जाएगी. कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
COVID 19 की गाइडलाइंस के मद्देनजर शैक्षणिक गतिविधियों के लिए कक्षा/लैब्स में 12-15 से अधिक छात्र नहीं रखे जाने चाहिए. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कर्मचारियों को समय सारणी की आवश्यकता के अनुसार स्कूल बुलाया जा सकता है.
एसओपी में कहा गया है क‍ि स्कूल के मुख्य द्वार/निकास द्वार पर भीड़ से बचने के लिए स्कूल की टाइमिंग को कम से कम 15 मिनट के अंतराल के साथ रखना होगा.
स्‍कूल के प्रमुख को यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्र केवल अपने माता-पिता की लिखित सहमति के साथ ही स्कूल आएं. यानि अगर कोई अभिभावक अपने बच्‍चे को स्‍कूल न भेजना चाहे तो वह नहीं आएं.
आपातकाल के मामले में स्कूल में क्‍वारंटाइन रूम की उपलब्धता सुनिश्चित स्कूल प्रमुख सुनिश्‍चित करेंगे. स्कूल के सभी सदस्यों को स्कूल परिसर में उचित तरीके से मास्क पहनना होगा.
अगर किसी भी छात्र या स्टाफ सदस्य में कोविड 19 से संबंधित उपरोक्त लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें अन्य लोगों से दूर और एक बाहरी/अच्छी हवादार जगह में जाने के लिए कहा जाएगा या क्‍वारंटाइन रूम में रखा जाएगा.
आपातकाल के लिए अतिरिक्त मास्क की उपलब्धता का प्रावधान करना होगा. यह सलाह दी जाती है कि स्‍कूल परिसर में हर कोई 6 फीट या उससे अधिक की दूरी बनाए रखेगा.
रूटीन गेस्‍ट विजिट को कम से कम रखा जाए. हालांकि, आपातकाल के दौरान, माता-पिता को उचित कोविड उपयुक्त व्यवहार (सीएबी) प्रोटोकॉल के तहत आने की अनुमति दी जा सकती है.
बता दें कि दिल्ली में कोरोना महामारी को देखते हुए 16 मार्च, 2020 को केजरीवाल सरकार ने सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था. राजधानी के सभी स्कूल तभी से बंद हैं. हालांकि ऑनलाइन क्लास चल रही हैं. अब कोरोना की रफ्तार थमने और कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत के साथ ही स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया गया है.
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