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छात्रों और परिजन के आधार समेत निजी डेटा इकट्ठा करेंगे दिल्ली के सरकारी स्कूल

प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 'विभाग के विभिन्न प्रायजनों के लिए' छात्रों का विश्लेषण किया जाएगा.

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  • Last Updated: September 19, 2018, 3:10 PM IST
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मानस मितुल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शिक्षा निदेशालय सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में पंजीकृत बच्चों की निजी जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं. इसे एक समग्र डाटा बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा. निदेशालय की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में दिल्ली के स्कूलों को 'डेटा बैंक' के लिए छात्रों की 'व्यापक जानकारी' एकत्र करने का निर्देश दिया गया है. निदेशालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 'विभाग के विभिन्न प्रायोजनों के लिए' छात्रों का विश्लेषण किया जाएगा.

शिक्षा निदेशालय के एक अधिकारी ने NEWS18 को बताया कि स्टूडेंट डेटा मॉड्यूल के लिए सूचना एकत्रित की जा रही है. प्राथमिक उद्देश्य छात्रों का डेटा मॉड्यूल का पूरा होना है. हम दिल्ली में पढ़ रहे बाहरी छात्रों की संख्या का पता लगाना चाहते हैं. दिल्ली के बाहर के कई छात्रों को यहां प्रवेश मिलता है और छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है और इसके परिणामस्वरूप दिल्ली के कई छात्र छूट जाते हैं.'



अधिकारी के मुताबिक, 'इसमें पंजीकृत छात्रों, उनके माता-पिता और भाई-बहनों के आधार डेटा शामिल हैं. यदि छात्र से दूसरे राज्य से आते हैं तो हमें उनके परिजन के आधार संख्या की आवश्यकता है. संभव है कि उन्होंने पंजीकृत छात्रों का आधार दिल्ली में बनवाया हो ऐसे में हम उनके परिजन के आधार की जानकारी ले रहे हैं.'
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अधिकारी ने कहा, 'डेटा कलेक्ट करने का जो दूसरा उद्देश्य है वह यह है हम अनुमान लगाना चाहते हैं कि कोई समस्या है या नहीं, और यदि कोई समस्या है, तो हमें इससे कैसे निपटना चाहिए.' उनके अनुसार, 'तीन साल पहले दिल्ली में लगभग 15 लाख छात्र थे. यह संख्या एक लाख कम हो गई है.'

अधिकारी ने बताया, 'कई छात्रों ने दोनों स्कूलों से छात्रवृत्ति लाभ प्राप्त करने के लिए अपने आधार संख्या के साथ दो स्कूलों में दाखिला लिया.' डेटा सेट की मदद से, ऐसे छात्रों की संख्या का पता लगाया जा सकता है.

उन्होंने कहा, 'हम जानना चाहते हैं कि छात्रों की संख्या में गिरावट हमारी तरफ से कुछ कमी के चलते है या धोखाधड़ी से आधार नामांकन के कारण ऐसा हुआ है.' अधिकारी ने कहा कि दो स्कूलों में आधार विवरण दिए जाने के कारण कई नामांकन रद्द कर दिए गए हैं.

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लोधी स्टेट में सरदार पटेल विद्यालय के एक अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने पर कहा, 'छात्र के परिजन और उनके नाम की जानकारी के अलावा उनके आधार कार्ड की जानकारी लेने के भी निर्देश दिए गए हैं. यह आम तौर पर पंजीकृत छात्रों से एकत्रित डेटा से अलग है. हमने कभी ऐसा कार्य नहीं किया है. डेटा एकत्र करने में कुछ समय लगेगा.' डेटा की सुरक्षा के बारे में शिक्षा निदेशालय ने कहा कि डेटा मॉड्यूल, आधार की तरह सुरक्षित रहेगा.

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