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सरकार जेल में कैदियों के लिए चल रहे कोविड 19 वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम के बारे में बताए: Delhi HC

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने सरकार से कहा कि वह एक हलफनामा दाखिल करे, जिसमें कैदियों को टीके की दूसरी खुराक देने की अधिकारियों की योजना को लेकर प्रकाश डाला जाए. (फाइल फोटो)

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने सरकार से कहा कि वह एक हलफनामा दाखिल करे, जिसमें कैदियों को टीके की दूसरी खुराक देने की अधिकारियों की योजना को लेकर प्रकाश डाला जाए. (फाइल फोटो)

Covid 19 : मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने दिल्ली सरकार को एक नया हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया, ताकि यह पता चल सके कि जेल में उन लोगों पर टीकाकरण कार्यक्रम कैसे चल रहा है, जो पहले से ही जेल में बंद हैं, चाहे वह विचाराधीन हों या दोषी और वे जो जेल में नए आए हैं.

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नई दिल्‍ली : दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली सरकार (Delhi Govt) को निर्देश है दिया कि वह यहां की जेलों में मौजूदा और नए कैदियों के लिए चलाए जा रहे कोविड-19 (Covid 19) टीकाकरण अभियान के बारे में बताए. साथ ही न्यायालय ने सरकार से कहा कि वह एक हलफनामा दाखिल करे, जिसमें कैदियों को टीके की दूसरी खुराक देने की अधिकारियों की योजना को लेकर प्रकाश डाला जाए.

मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने दिल्ली सरकार को एक नया हलफनामा दाखिल करने के लिए समय दिया, ताकि यह पता चल सके कि जेल में उन लोगों पर टीकाकरण कार्यक्रम कैसे चल रहा है, जो पहले से ही जेल में बंद हैं, चाहे वह विचाराधीन हों या दोषी और वे जो जेल में नए आए हैं.

कोर्ट ने सरकार से यह भी स्‍पष्‍ट करने को कहा कि समय-समय पर कैदियों पर स्वास्थ्य जांच कैसे की जाती है. केस की अगली सुनवाई 16 सितंबर मुकर्रर की गई है.

दरअसल, दिल्‍ली उच्च न्यायालय उन सभी कैदियों के टीकाकरण की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जो सरेंडर करने से पहले जमानत या पैरोल पर बाहर थे, ताकि जेलों के अंदर COVID-19 संक्रमण फैलने से रोका जा सके. अदालत ने कहा कि जेल में बंद सभी लोगों को टीका लगवाया जाएगा और जो लोग बाहर से जेल आ रहे हैं, उन्हें भी टीका लगाया जाएगा.सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के स्‍टैंडिंग काउंसिल संतोष कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वह जेल में पहले से टीका लगाए गए कैदियों की संख्या पर एक नई स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेंगे.

अदालत ने फरवरी में याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था और दिल्ली सरकार से इस मुद्दे पर "तुरंत" कार्रवाई करने को कहा था.

दो याचिकाओं में से एक हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रही 63 वर्षीय महिला की ओर से दायर की गई है. उसने मांग की है कि सभी कैदियों विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, जो जमानत, पैरोल या फरलो पर बाहर थे, को उनके आत्मसमर्पण से पहले टीका लगाया जाना चाहिए. महिला ने यह याचिका वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित साहनी के माध्यम से दायर की है. याचिका में महिला ने राष्ट्रीय राजधानी में जेल कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और सभी कैदियों के टीकाकरण की भी मांग की है.

दूसरी याचिका चार वकील अधिवक्ता अभिलाषा श्रावत, प्रभाष, कार्तिक मल्होत्रा​​और मानव नरूला द्वारा दायर की गई है, जिसमें दिल्ली सरकार को "जमानत पर बाहर सभी कैदियों को Covid​​-19 टीकाकरण की व्यवस्था और सुविधा प्रदान करने के निर्देश देने की मांग की गई है.

दोनों याचिकाओं में दावा किया गया है कि 14 जनवरी तक दिल्ली की तीन जेलों में 16,396 कैदी थे, जबकि इनकी कुल क्षमता 10,026 है. लिहाजा, सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी.

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