कोरोना मरीजों के लिए दिल्ली के अस्पतालों में कितने बेड हैं? हाईकोर्ट ने केंद्र और आप सरकार से पूछा

अस्पताल में भर्ती मरीज. (पीटीआई फाइल फोटो)

अस्पताल में भर्ती मरीज. (पीटीआई फाइल फोटो)

Delhi Coronavirus Update: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के मद्देनजर सोमवार रात दस बजे से 26 अप्रैल सुबह पांच बजे तक छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 6:31 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र और आप सरकार को निर्देश दिया कि वे मंगलवार तक हलफनामे देकर कोविड-19 के मरीजों के लिए प्रत्येक अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या बताएं. वर्तमान महामारी की दशा का जायजा लेते हुए उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी के पहलू पर अत्यावश्यकता के आधार पर गौर किया जाये. न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पिल्लै की पीठ ने कहा कि अपने हलफनामों में केंद्र एवं दिल्ली सरकार यह भी बतायेंगे कि अस्पतालों के कितने बेडों के साथ वेंटीलेटर एवं ऑक्सीजन की सुविधा है और कितने में ऐसी सुविधा नहीं है.



पीठ ने दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति अचानक बंद कर देने वाली कंपनी को तत्काल यह आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया. उच्च न्यायालय को बताया गया कि यह कंपनी अन्य राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है. पीठ ने यह भी कहा कि 24 घंटे के अंदर कोविड-19 जांच रिपोर्ट नहीं देने पर प्रयोगशालाओं के विरुद्ध कार्रवाई के दिल्ली सरकार के निर्देश को लागू नहीं किया जाएगा. प्रवासी मजदूर संकट पर अदालत ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार पिछले साल लॉकडाउन में विफल रही थी और उससे सबक सीखने की जरूरत है. इस मामले पर अब मंगलवार को फिर सुनवाई होगी.



दूसरी ओर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों और उनके कारण स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ रहे भार के मद्देनजर सोमवार रात दस बजे से 26 अप्रैल सुबह पांच बजे तक छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है. केजरीवाल ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में बीते कुछ दिन से कोविड-19 के प्रतिदिन करीब 25,500 मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली पर भार बहुत बढ़ गया है, लेकिन यह अभी ध्वस्त नहीं हुई है.




मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, यहां दवाओं, बिस्तर, आईसीयू और ऑक्सीजन की गंभीर कमी है, ऐसे में स्वास्थ्य प्रणाली को ध्वस्त होने से बचाने के लिए लॉकडाउन बहुत आवश्यक है. केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन लगाने का फैसला लेना आसान नहीं था. उन्होंने प्रवासियों से अपील की कि वे दिल्ली छोड़कर न जाएं और कहा कि सरकार अच्छी तरह से उनकी देखभाल करेगी. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं चलती रहेंगी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस अवधि के दौरान स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार करेगी.



डीडीएमए के आदेश के अनुसार जो लोग कोविड-19 जांच या टीकाकरण के लिए जा रहे हैं, उन्हें वैध आई-कार्ड दिखाने पर छूट दी गई है. हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी जाने वालों को आवाजाही की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें वैध टिकट दिखाना होगा. इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडियाकर्मियों को भी प्रतिबंधों से छूट दी गई है. दिल्ली में रविवार को कोविड-19 के एक दिन में सबसे अधिक 25,462 नये मामले सामने आये थे, जबकि संक्रमण की दर 29.74 प्रतिशत रही. संक्रमण की दर 29.74 प्रतिशत होने का मतलब है कि दिल्ली में जांच किया जा रहे लगभग प्रत्येक तीसरा नमूने में संक्रमण पाया जा रहा है.



(इनपुट भाषा से भी)


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