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दिल्‍ली हाईकोर्ट का आदेश-परीक्षा की तैयारी के लिए जेल से होटल शिफ्ट किया जाए जामिया स्‍टूडेंट

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश. (File Pic)
दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश. (File Pic)

दिल्‍ली में हुए दंगों के केस में आसिफ न्‍यायिक हिरासत में तिहाड़ में बंद है. दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने यह भी कहा है कि 7 दिसंबर को आसिफ की परीक्षाएं खत्‍म होने के साथ ही उसे वापस जेल में शिफ्ट कर दिया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 4, 2020, 11:47 AM IST
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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को दिल्‍ली के तिहाड़ जेल प्रशासन (Tihar Jail) को एक छात्र की पढ़ाई के संबंध में अहम आदेश दिया है. दिल्‍ली हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन ने कहा है कि जेल में न्‍यायिक हिरासत में बंद जामिया मिलिया इस्‍लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) के छात्र आसिफ इकबाल तान्‍हा (Asif Iqbal Tanha) को उसकी परीक्षा की तैयारी करने के लिए जेल से लाजपत नगर के एक होटल में शिफ्ट किया जाए. दिल्‍ली में हुए दंगों के केस में आसिफ न्‍यायिक हिरासत में तिहाड़ में बंद है. शुक्रवार से उसकी परीक्षाएं शुरू हैं.

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि 7 दिसंबर को आसिफ की परीक्षाएं खत्‍म होने के साथ ही उसे वापस जेल में शिफ्ट कर दिया जाए. दिल्‍ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को यह आदेश आसिफ की उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें उसने 4 से 7 दिसंबर के बीच होने वाले जामिया मिलिया इस्‍लामिया में उसके बीए (ऑनर्स) के कंपार्टमेंटल एक्‍जाम की तैयारी करने और परीक्षा देने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की गई थी.

इससे पहले 26 नवंबर को ट्रायल कोर्ट ने आसिफ को एक्‍जाम के लिए 4, 5 और 7 दिसंबर के लिए कस्‍टडी पैरोल दी थी. लेकिन उसके वकील ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करके उसके लिए अंतरिम जमानत मांगी थी. वकील ने दलील दी थी कि कस्‍टडी के दौरान उसे परीक्षा देने के लिए जेल से लाने और ले जाने के लिए काफी समय बर्बाद होगा. ऐसे में वह परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाएगा.



आसिफ की अंतरिम बेल का दिल्‍ली पुलिस ने विरोध किया था. हालांकि एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट में यह सुझाव दिया था कि परीक्षा के दिनों के दौरान आसिफ को किसी गेस्‍ट हाउस में रखा जा सकता है, लेकिन उस समय भी वह न्‍यायिक हिरासत में हो. ऐसे में उनका यह सुझाव हाईकोर्ट ने मान लिया.

सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने गुरुवार को आदेश में कहा, 'यह जेल सुपरिटेंडेंट की जिम्‍मेदारी होनी चाहिए वह सुनिश्चित करें कि याचिकाकर्ता उक्‍त तारीख पर परीक्षा केंद्र में सुबह 8:30 बजे पहुंच जाए. इसके बाद वह उक्‍त गेस्‍ट हाउस में परीक्षा के बाद ले जाया जाए.'
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