हत्या की कोशिश के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई अनोखी सजा, 1 महीने तक करनी होगी गुरुद्वारे में सेवा

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने  हत्या की कोशिश के आरोपी मोहम्मद उमिर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने हत्या की कोशिश के आरोपी मोहम्मद उमिर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया

सजा के तहत हत्या के प्रयास के आरोपी 21 वर्षीय मोहम्मद उमिर को एक महीने तक बंगला साहिब गुरुद्वारे में सेवा करनी होगी. 16 मार्च से 16 अप्रैल तक सेवा के बाद उसे एक सर्टिफिकेट गुरुद्वारे से प्राप्त कर हाईकोर्ट में दाखिल करना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 8:05 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) ने एक अहम फैसले में मर्डर की कोशिश के आरोपी 21 वर्षीय युवक को सजा के तौर पर एक महीने तक दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब (Gurudwara Bangla Sahib) में सामुदायिक सेवा करने का निर्देश दिया है. आरोपी का नाम मोहम्मद उमिर है और अपने जुर्म के चलते हो रहे पछतावे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे इस तरह की सजा सुनाई है. सजा सुनाने के दौरान दिल्ली कोर्ट ने यह भी कहा कि युवाओं को अपने गुस्से को काबू करना सीखना चाहिए. इस दौरान ध्यान रखना चाहिए कि वह कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते.

सजा के तहत हत्या के प्रयास के आरोपी 21 वर्षीय युवक को एक महीने तक बंगला साहिब गुरुद्वारे में सेवा करनी होगी. 16 मार्च से 16 अप्रैल तक सेवा के बाद उसे एक सर्टिफिकेट गुरुद्वारे से प्राप्त कर हाईकोर्ट में दाखिल करना होगा. यह आदेश हाईकोर्ट ने दिया है क्योंकि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है. साथ ही हाईकोर्ट ने एफआईआर रद करने का भी आदेश दिया है.

ये था मामला

मोहम्मद उमिर नाम के युवक के खिलाफ उसके पड़ोसी की शिकायत पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था. उमिर ने अपने पड़ोसी को सब्जी काटने वाले चाकू से वार कर घायल कर दिया था. दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने हत्या की कोशिश के आरोपी मोहम्मद उमिर के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया. इसके साथ ही सजा के एलान के दौरान जस्टिस ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी मोहम्मद उमिर सिर्फ 21 वर्षीय युवा है. ऐसे में उसका पूरा जीवन उसके आगे पड़ा है. इसमें यह भी महत्वपूर्ण है कि आरोपित और पीड़ित पक्ष ने आपस में समझौता भी कर लिया है. वहीं, मोहम्मद उमिर के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है.
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद जस्टिस प्रसाद द्वारा सुनाई गई सजा के मुताबिक, आरोपित मोहम्मद उमिर को आगामी 16 मार्च से अगले महीने 16 अप्रैल तक दिल्ली के नामी गुरुद्वारा बंगला साहिब में सामुदायिक सेवा करनी होगी. इतना ही नहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने मोहम्मद उमिर द्वारा एक महीना पूरा होने के बाद हाई कोर्ट में गुरुद्वारा बंगला साहिब से मिला एक सर्टिफिकेट दायर करना होगा. इसमें यह लिखा होगा कि मोहम्मद उमिर ने हाई कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा का पूरा अनुपालन किया. सजा सुनाने के दौरान हाईकोर्ट ने आरोपी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. इसके साथ ही कोर्ट की ओर से ऐसी गतिविधियों में भविष्य में शामिल न होने और भविष्य में अपराध से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई है.
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