दिल्ली हाईकोर्ट का JNU प्रशासन को निर्देश- संक्रमित छात्रों के लिए जल्द बनाएं आइसोलेशन सेंटर

कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन, छात्र व टीचरों को आपसी मतभेद भुला कर कैंपस व छात्रों की बेहतरी के लिए मिलजुल कर काम करने का भी सुझाव दिया है. (File Photo)

कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन, छात्र व टीचरों को आपसी मतभेद भुला कर कैंपस व छात्रों की बेहतरी के लिए मिलजुल कर काम करने का भी सुझाव दिया है. (File Photo)

Coronavirus in JNU: कोर्ट ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले छात्रों के बुनियादी मापदंडों की निगरानी को सुगम बनाने के लिए यदि किसी सहायक/नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है, तो एसडीएम और जेएनयू टास्क फोर्स आम सहमति पर तय करेंगे कि पैरामेडिक/नर्सिंग स्टाफ के लिए व्यवस्था कैसे की जाए.

  • Share this:

नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) प्रशासन को निर्देश दिया कि वह परिसर में रहने वाले कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए तुरंत आइसोलेशन सेंटर बनाए. हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रशासन से कहा है कि वह परिसर में सभी सुविधाओं से युक्त कोरोना केयर सेंटर भी बनाए. जस्टिस प्रतिबा मनिंदर सिंह ने प्रशासन से यह भी कहा कि आइसोलेशन सेंटर एवं कोरोना केयर सेंटर बनाने में कोरोना टास्क फोर्स के संबंधित एसडीएम से सलाह ली जाए. ऐसे में प्रभावित व्यक्ति तुरंत इसोलेट हो जाएंगे. इससे लोगों के बुनियादी मापदंडों पर भी नजर रखने में मदद मिल सकेगी.

कोर्ट 28 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने यह निर्देश जेएनयू छात्र संघ व टीचरों की एसोसिएशन व दो अन्य प्रोफेसर्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. कोर्ट ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने वाले छात्रों के बुनियादी मापदंडों की निगरानी को सुगम बनाने के लिए यदि किसी सहायक/नर्सिंग स्टाफ की आवश्यकता है, तो एसडीएम और जेएनयू टास्क फोर्स आम सहमति पर तय करेंगे कि पैरामेडिकल/नर्सिंग स्टाफ के लिए व्यवस्था कैसे की जाए.

ये भी पढ़ें- ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जमाखोरी : नवनीत कालरा को दिल्ली हाईकोर्ट से भी राहत नहीं

न्यायमूर्ति ने कहा कि परिसर में डॉक्टरों को भी आइसोलेशन सेंटर में किसी भी मरीज के लिए स्वयं सेवा के लिए पैनल में शामिल किया जा सकता है. कोरोना केयर सेंटर में ऑक्सीजन बेड व अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं.
कोर्ट ने जेएनयू प्रशासन, छात्र व टीचरों को आपसी मतभेद भुलाकर कैंपस व छात्रों की बेहतरी के लिए मिलजुल कर काम करने का भी सुझाव दिया है. उसने कहा कि भारत के सबसे प्रभावशाली विश्वविद्यालय, जेएनयू प्रशासन, छात्र और शिक्षक संघों के बीच लगातार तकरार के बाद उबाल आ गया है. जबकि कोरोना की दूसरी लहर में यह बंद है.


याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि जेएनयू परिसर में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है, लेकिन बार-बार इस ओर ध्यान दिलवाने पर भी प्रशासन कुछ नहीं कर रहा. इस मामले में उन्होंने शिक्षा मंत्रालय, अनुदान आयोग, एसडीएम को भी पत्र लिखा लेकिन कुछ नहीं हुआ. जेएनयू प्रशासन और अन्य ने बताया कि कोरोना टास्क फोर्स और कोरोना रिस्पांस टीम पहले से ही जेएनयू परिसर के भीतर काम कर रही है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज