केंद्र सरकार को समलैंगिक विवाह संबंधी याचिकाओं पर जवाब देने के लिए दिल्‍ली HC ने दिया अंतिम मौका

समलैंगिक विवाह करने की इजाजत की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया आखिरी मौका (File Pic)

समलैंगिक विवाह करने की इजाजत की मांग वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया आखिरी मौका (File Pic)

Same Sex Marriage: इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया था. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि उन्हें इस मामले पर कुछ निर्देश मिले हैं और जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय दिया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 7:30 PM IST
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नई दिल्‍ली. स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत समलैंगिक विवाह करने की इजाजत की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने केंद्र सरकार (Central Government) को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव सहाय एंडला की बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है. इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया था. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के वकील ने कहा कि उन्हें इस मामले पर कुछ निर्देश मिले हैं और जवाब दाखिल करने के लिए कुछ समय दिया जाए. इसपर केंद्र सरकार के जवाब पर दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 26 फरवरी तक के लिए टाल दिया जाए.

वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता की तरफ से पेश वकील ने कहा था कि उनका क्लाइंट किसी भी प्रथागत या धार्मिक कानूनों के तहत राहत नही मांग रहे है. बल्कि सभी प्रकार के युगल पर लागू होने वाले एसएमए कानून को उनके मामले में भी लागू किए जाने या फिर इसे रद्द करने की मांग की है. याचिकाकर्ता युवतियों ने स्पेशल मैरिज एक्ट को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की. उनकी दलील है कि यह कानून समलैंगिक जोड़ों के बीच विवाह की अनुमति नहीं देता है, वहीं इससे पहले दो पुरुषों ने भी याचिका दायर कर कहा था कि उन्होंने 2017 में शादी की थी, लेकिन न्यूयार्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने समलैंगिक होने के आधार पर उनके विवाह रजिस्ट्रेशन के आवेदन को अस्वीकार कर दिया था.

याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने के बावजूद समलैंगिक लोगों के बीच विवाह संभव नहीं हो पा रहा है. याचिका में हिंदू विवाह एक्ट और स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के लिए एक अधिसूचना जारी करने का अनुरोध किया गया है.
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