Home /News /nation /

वर्चुअल सुनवाई के दौरान बनियान में ही आ गया शख्स, दिल्ली HC ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

वर्चुअल सुनवाई के दौरान बनियान में ही आ गया शख्स, दिल्ली HC ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

जिस व्यक्ति पर ये जुर्माना लगाया गया है, वो एक महिला द्वारा अपने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दायर मामले में एक आरोपी था. (फ़ाइल फोटो)

जिस व्यक्ति पर ये जुर्माना लगाया गया है, वो एक महिला द्वारा अपने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दायर मामले में एक आरोपी था. (फ़ाइल फोटो)

Delhi High court: कोरोना के चलते इन दिनों ज्यादातर मामलों की सुनवाई वीडियो लिंक (Virtual Hearing) के जरिेए हो रही है. जिस व्यक्ति पर ये जुर्माना लगाया गया है, वो एक महिला द्वारा अपने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दायर मामले में एक आरोपी था. आदेश के मुताबिक उन्हें ये पैसा दिल्ली हाई कोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के पास जमा कराना होगा. पिछले साल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जोर देकर कहा था कि वर्चुअल सुनवाई के दौरान न्यूनतम अदालती शिष्टाचार का पालन जरूर किया जाना चाहिए.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक शख्स पर पेशी के दौरान बनियान में आने के चलते जुर्माना लगाया है. मामले की सुनवाई वर्चुअल तरीके (Virtual Hearing) से हो रही थी. जज ने नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता को 10 हजार रुपये का जुर्माना देने को कहा है. आदेश के मुताबिक उन्हें ये पैसा दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी के पास जमा कराना होगा. अदालत ने एक वैवाहिक विवाद से संबंधित FIR को रद्द करने की मांग वाली याचिका का निपटारा करते हुए ये आदेश पारित किया. जिस व्यक्ति पर ये जुर्माना लगाया गया है, वो एक महिला द्वारा अपने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दायर मामले में एक आरोपी था.

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जस्टिस रजनीश भटनागर ने एक आदेश में कहा, ‘याचिकाकर्ता संख्या 5 का न्यायालय के समक्ष हाज़िर होने का आचरण पूरी तरह से अस्वीकार्य है. भले ही केस की सुनवाई वर्चुअल तरीके से की जा रही थी, लेकिन उन्हें उचित कपड़ों में अदालत के सामने पेश होना चाहिए था. जबकि वो बनियान में आ गया’.

    क्या था पूरा मामला?
    दोनों पक्षों ने इस साल जुलाई में अपने विवाद को सुलझा लिया था और प्राथमिकी को रद्द करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया और 2019 में दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया.

    ये भी पढ़ें:- Lakhimpur Case: प्रियंका गांधी बोलीं- गृह राज्यमंत्री के साथ मंच साझा नहीं, उन्हें बर्खास्त करें पीएम मोदी

    पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने जताई है नाराज़गी
    बता दें कि कोरोना के चलते इन दिनों ज्यादातर मामलों की सुनवाई वीडियो लिंक के जरिेए हो रही है. ये कोई पहला मामला नहीं है, जब जज ने कपड़े को लेकर किसी को सुनवाई के दौरान टोका हो. इससे पहले पिछले साल जून में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक वकील टी-शर्ट पहने हुए बिस्तर पर लेटे दिखे थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा था कि वर्चुअल सुनवाई के दौरान न्यूनतम अदालती शिष्टाचार का पालन जरूर किया जाना चाहिए. बाद में वकील ने जज से बिना शर्त माफी मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था.

    क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट?
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, ‘हम सभी कठिन दौर से गुजर रहे हैं और वर्चुअल अदालतों में सुनवाई समय की जरूरत बन गई है. फिर भी, सभ्य कपड़े और पृष्ठभूमि के मामले में न्यूनतम अदालती शिष्टाचार का पालन किया जाना चाहिए. ऐसा सुनवाई की सार्वजनिक प्रकृति को देखते हुए करना चाहिए.

    Tags: DELHI HIGH COURT, Supreme Court

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर