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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- शादी का वादा कर रिलेशन बनाना हर बार रेप नहीं होता

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश. (File Pic)
दिल्‍ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश. (File Pic)

Delhi High court की सिंगल जज बेंच ने कहा कि अपीलकर्ता द्वारा की गई शिकायत के साथ-साथ उसकी गवाही पढ़ने से स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि आरोपी के साथ उनके संबंध भी सहमतिपूर्ण थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 18, 2020, 9:16 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) ने कहा है कि शादी का वादा कर के यौन संबंध (Physical Relation) बनाना हर बार रेप (Rape) नहीं होता है. एक महिला की ओर से दाखिल किए गए मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की. महिला का आरोप है कि साल 2008 से साल 2015 तक वह पुरुष के साथ रिश्ते में थी. बाद में शख्स ने महिला को छोड़कर किसी और से शादी कर ली.

महिला ने आरोप लगाया कि शादी का वादा कर के पुरुष ने उसके साथ कई महीनों तक शारीरिक संबंध बनाए. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार इस मामले में आरोपी को पहले ट्रायल कोर्ट से बरी किया जा चुका था और अब हाईकोर्ट ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी है.

तब  धारा 375 के तहत मामला चलाया जा सकता है...
सिंगल जज बेंच ने कहा कि अपीलकर्ता द्वारा की गई शिकायत के साथ-साथ उसकी गवाही पढ़ने से स्पष्ट रूप से संकेत मिलता है कि आरोपी के साथ उनके संबंध भी सहमतिपूर्ण थे. जस्टिस विभू बाखरू ने कहा कि कुछ मामले ऐसे होते हैं जहां महिलाएं शादी के वादे में फंसकर कुछ मौकों पर शारीरिक संबंध बनाने को तैयार हो जाती है. जबकि इसमें उनकी पूरी सहमति नहीं होती है. यह 'क्षणिक' होता है और ऐसे में IPC की धारा 375 के तहत मामला चलाया जा सकता है.



अदालत ने कहा कि लेकिन अगर कोई लगातार और लंबे समय तक यौन संबंध बना रहा है तो यह बिल्कुल नहीं माना जा सकता है कि इतने लंबे समय तक सिर्फ शादी के वादे पर ऐसा किया गया था. बेंच ने पाया 'जैसा कि ट्रायल कोर्ट ने बताया महिला की शिकायत के अनुसार, उसने कहा है कि साल 2008 में आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे और तीन या चार महीने बाद, पुरुष ने शादी करने का वादा किया. और फिर वह साथ रहने लगीं.'
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