अक्टूबर से दिल्ली-एनसीआर की कारों पर लगेंगे रंगीन स्टिकर, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के लिए होलोग्राम आधारित स्टिकरों पर सड़क परिवहन मंत्रालय के सुझाव को स्वीकार कर मंत्रालय से कहा कि इसे दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर तक लागू करें.

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Updated: August 13, 2018, 3:14 PM IST
अक्टूबर से दिल्ली-एनसीआर की कारों पर लगेंगे रंगीन स्टिकर, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: August 13, 2018, 3:14 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस योजना की मंजूरी दी है जिसके तहत दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में चार पहिया गाड़ियों पर कलर कोडेड स्टीकर लगाए जाएंगे. केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वाहनों पर होलोग्राम आधारित रंगीन स्टिकर लगाने के सुझाव पर वे सहमत हैं, जिससे पता चल सकेगा कि वाहनों में किस तरह के ईंधन का इस्तेमाल किया जा रहा है.

सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोर्ट को बताया कि हल्के नीले रंग के होलोग्राम आधारित स्टिकर पेट्रोल एवं सीएनजी से चलने वाली कारों में लगाए जाएंगे. सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोर्ट से कहा कि नारंगी रंग के होलोग्राम आधारित स्टिकर डीजल से चलने वाले वाहनों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- क्या चौपहिया वाहनों के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें समान हो सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों के लिए होलोग्राम आधारित स्टिकरों पर सड़क परिवहन मंत्रालय के सुझाव को स्वीकार कर मंत्रालय से कहा कि इसे दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर तक लागू करें. अदालत ने सड़क परिवहन मंत्रालय से यह भी कहा कि वह इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों के लिए हरे रंग की नंबर प्लेटों या हरे स्टिकरों पर विचार करें.

30 जुलाई को, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि स्टिकर को वाहनों पर रखने के लिए 'कोई आपत्ति नहीं है'. इन स्टिकरों से कार के बारे में यह जानकारी मिलेगी कि यह बिजली, हाइब्रिड, डीजल से चलती है.

खंडपीठ को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एएनएस नाडकर्णी ने अवगत कराया था कि एक वकील द्वारा इस संबंध में किए गए सुझाव पर कोई आपत्ति नहीं थी, जो वायु प्रदूषण मामले में अदालत में एमिकस क्यूरी के रूप में सहायता कर रहे है.

उन्होंने कहा, 'स्टिकर पर, मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे इंडिया (एमओआरटीएच) सहमत हो गया है.' एएनएस नाडकर्णी ने खंडपीठ को बताया और कहा कि उन्होंने इस संबंध में एक हलफनामा दायर किया है. यह मुद्दा अदालत में वायु प्रदूषण की सुनवाई के दौरान उठा था.
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दिल्ली: प्रदूषण के खिलाफ HC में PIL दायर, कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
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