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निर्भया केस: SC में रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद दोषियों के पास बचे ये दो ऑप्शन

निर्भया केस: SC में रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद दोषियों के पास बचे ये दो ऑप्शन

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

16 दिसंबर, 2012 की रात फिल्म देखकर लौटते समय 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा निर्भया (बदला हुआ नाम) के साथ छह लोगों ने चलती बस में गैंगरेप किया और दरिंदगी की सारी हदें पार की थीं.

    दिल्ली के निर्भया गैंगरेप केस में चार दोषियों में से तीन की रिव्यू पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को फैसला आया. शीर्ष अदालत ने तीनों दोषियों की याचिका खारिज कर दी है और उनकी सज़ा-ए-मौत को बरकरार रखा है.

    चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने मुकेश (29), पवन गुप्ता (22) और विनय शर्मा की याचिकाओं पर अपना फैसला दिया. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इन दोषियों के पास क्यूरेटिव पिटीशन और फिर राष्ट्रपति के पास दया याचिका का विकल्प ही बचता है.

    शीर्ष अदालत ने अपने 2017 के फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट और निचली अदालत द्वारा 23 साल की पैरामेडिक छात्रा से 16 दिसंबर 2012 को गैंगरेप और हत्या के मामले में उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा था. जिसके बाद इन दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी.


    चौथे दोषी अक्षय ने पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की थी. अक्षय कुमार सिंह के वकील एपी सिंह ने कहा, "अक्षय ने अब तक पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की है. उनकी तरफ से जल्द ही याचिका दाखिल करेंगे."

    EXCLUSIVE: निर्भया की मां को आज भी है इस बात का दर्द...

    शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, "वो जुविनाइल नहीं थे. यह दुर्भाग्य है कि उसने बेटी के साथ वो अपराध किया. कोर्ट के फैसले से न्यायिक व्यवस्था पर हमारा विश्वास और पक्का हुआ है. उम्मीद है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा. दोषियों को फांसी होगी."

    बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात फिल्म देखकर लौटते समय 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा निर्भया (बदला हुआ नाम) के साथ छह लोगों ने चलती बस में गैंगरेप किया और दरिंदगी की सारी हदें पार की थीं. दोषियों ने निर्भया और उसके दोस्त को चलती बस से नीचे फेंक दिया था. यहां तक कि दोनों को कुचलकर मारने की कोशिश भी की गई थी.

    इस मामले में दिल्ली की निचली अदालत और हाईकोर्ट ने चार दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता, अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा को मौत की सजा सुनाई थी. मुख्य अभियुक्त ने ट्रायल के दौरान जेल मे खुदकशी कर ली थी. जबकि, एक अन्य नाबालिग था, जो तीन साल की सजा पूरी होने के बाद छूट चुका है.

    Tags: Supreme Court

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