...तो दिल्ली वालों को नहीं मिलेंगी DTC की नई 1,000 लो फ्लोर बसें, ये फंस गया पेंच, मंत्री बोले-अभी नहीं कर सकते कुछ

नई बसों की खरीद मामले में केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर टेंडर प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में घोर अनियमितताएं बरतने के आरोप लग रहे हैं. (File Photo)

दिल्ली सरकार राजधानी की सड़कों पर 1,000 नई लो फ्लोर बसों को खरीदने की तैयारी में जुटी हुई थी. लेकिन अब इसको लेकर प्रशासनिक पेच फंस गया है. LG ने इन बसों की खरीद में मिली अनियमितताओं की शिकायतों के चलत फिलहाल ब्रेक लगा दी है. इसको लेकर जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है, जो कि 2 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

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    नई दिल्ली. दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) बेड़े में डीटीसी (DTC) की 1,000 नई बसों को शामिल करने का मामला एक बार फिर खटाई में पड़ गया है. नई बसों की खरीद मामले में केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर टेंडर प्रक्रिया और वर्क ऑर्डर के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया में घोर अनियमितताएं बरतने के आरोप लग रहे हैं. इसके चलते बसों की खरीद मामले को जांच के लिये एक कमेटी को सौंप दिया गया है जिसके बाद अब आम लोगों को नई बसों के लिए और इंतजार करना होगा.



    बताते चलें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार (Aam Aadmi Party Government) की ओर से डीटीसी बेड़े में 1,000 नई लो फ्लोर बसों (New Low Floor Buses) की खरीद की जानी थी. बीएस-VI (BS-VI) मानक आधारित इन बसों की खरीद को लेकर दिल्ली सरकार (Delhi Government) टेंडर प्रक्रिया से लेकर वर्क आर्डर तक जारी कर चुकी है.

    बसों की खरीद के लिए 890 करोड़ रुपए किए जा चुके हैं मंजूर
    जनवरी माह में डीटीसी बोर्ड ने इन बसों की खरीद के लिए वर्क आर्डर जारी कर 890 करोड़ का फंड भी मंजूर कर दिया था. वहीं, इन बसों की खरीद करने का फैसला नवंबर, 2020 में लिया गया था. लेकिन अब इस मामले को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है जिसकी वजह से फिलहाल बसों की खरीद संबंधी प्रक्रिया रोक दी गई है.

    यह भी पढ़ें: DTC की 1,000 लो फ्लोर बस खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप, LG ने दिए जांच के आदेश, 3 सदस्य कमेटी करेगी जांच

    इस बीच देखा जाए तो डीटीसी बसों की खरीद मामले में बरती गई अनियमितताओं को लेकर दिल्ली विधानसभा में भी विपक्ष की ओर से लगातार सवाल खड़े किए जाते रहे हैं. लेकिन सरकार की ओर से भी इन सभी आरोपों का जवाब भी लगातार दिया जाता रहा है. लेकिन अब विपक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल (LG Anil Baijal) ने गंभीरता से लेते हुए इस मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं.

    3 सदस्यीय कमेटी करेगी मामले की जांच पड़ताल
    दिल्ली के उप-राज्यपाल के आदेशों पर इस पूरे मामले की जांच के लिए अधिकारियों की 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है जो विपक्ष की ओर से की गई शिकायतों की जांच करेगी. जांच संबंधी आदेश दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय के स्पेशल सेक्रेटरीएचपीएस शरण की ओर से गत 16 जून को जारी कर दिये गए हैं.

    जांच कमेटी को 2 सप्ताह के भीतर LG को सौंपनी होगी रिपोर्ट
    इन आदेशों के मुताबिक 3 सदस्यीय कमेटी में भारत सरकार के शहरी परिवहन डिवीजन के पूर्व विभागाध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस अधिकारी ओपी अग्रवाल, दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और परिवहन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी-सह-आयुक्त पूरे मामले की जांच करेंगे. कमेटी को पूरे मामले की जांच करने के लिए सिर्फ 2 सप्ताह का वक्त दिया गया है. यानी 2 सप्ताह के भीतर जांच कमेटी को उप-राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.

    BJP ने की मामले की CBI से जांच कराने की मांग
    केजरीवाल सरकार की ओर से 1,000 लो फ्लोर डीटीसी बसों की खरीद प्रक्रिया में किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार पर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और रोहिणी से विधायक विजेंद्र गुप्ता ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत पर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि बसों की खरीद मामले पर मंत्री की ओर से झूठ बोला जा रहा है.

    मंत्री गहलोत के इस दावे को खुला झूठा बताया है कि मामले को देखने के लिए दिल्ली के उप-राज्यपाल की ओर से एक कमेटी गठित किए जाने के बाद डीटीसी ने बसों के वर्क आर्डर को रोक दिया है. भाजपा ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए उप-राज्यपाल से भी अनुरोध किया है.

    गुप्ता का कहना है कि बस खरीद पर रोक लगाने का आदेश दिल्ली सरकार की ओर से 11 जून, 2021 को लिया गया था जबकि उप-राज्यपाल की ओर से तथ्यों की जांच के लिए कमेटी का गठन 16 जून, 2021 को किया गया था. लेकिन मंत्री गहलोत इस मामले पर भ्रमित कर खुला झूठ बोल रहे हैं.

    गुप्ता ने कहा कि परिवहन विभाग की स्पेशल कमिश्नर (विजिलेंस) शशि कौशल कमेटी में 4 जून, 2021 को अपनी रिपोर्ट भी पेश की थी जिसमें तमाम अनियमितताएं की ओर इशारा किया गया था. इस कमेटी की ओर से यह भी सिफारिश की गई थी कि भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा इस मामले की जांच करवाई जाए.

    इस बीच देखा जाता विपक्षी विधायकों की ओर से इस मामले की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को 12 मार्च, 2021 को पत्र लिखा गया था इस पत्र पर गंभीर संज्ञान लेते हुए एसीबी ने सतर्कता निदेशालय को जांच करने के लिए आग्रह पत्र भी भेजा था लेकिन गत 2 माह से जांच का मामला लंबित है.

    इस पूरे मामले पर क्या कहते हैं दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत
    डीटीसी बसों की खरीद को जारी टेंडर प्रक्रिया और वर्क आर्डर को लेकर अनियमितताओं के सवाल पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash Gahlot) ने कहा है कि भाजपा ने उप-राज्यपाल को शिकायत की है. उप-राज्यपाल की ओर से उस शिकायत पर एक कमेटी का गठन किया है. इसलिए जब तक गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है, सरकार ने बसों की खरीद की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है.

    उन्होंने भाजपा (BJP) पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि वह अपनी जांच करा लें. केजरीवाल सरकार हर तरीके की जांच के लिए तैयार है. जांच में सच सबके सामने आ जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले भी भाजपा वाले 400 फाइलों की जांच करा चुके हैं. लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला था. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार देश की सबसे ईमानदार सरकार है.

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