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    JNU​ हिंसा में दिल्ली पुलिस ने खुद को दी क्लीन चिट, 5 जनवरी को हुई थी मारपीट

    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 5 जनवरी को हुई थी​ हिंसा.
    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 5 जनवरी को हुई थी​ हिंसा.

    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में इसी साल 5 जनवरी को करीब 100 नकाबपोश लोग लाठी-डंडों के साथ कैंपस (JNU Campus) के अंदर आ गए थे. करीब 4 घंटे तक उन्होंने परिसर के अंदर काफी तोड़फोड़ की. इस घटना में 36 लोग घायल हुए थे.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 19, 2020, 9:16 AM IST
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    नई दिल्ली. जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) परिसर के अंदर 5 जनवरी को हुई हिंसा के मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की एक कमेटी ने स्थानीय पुलिस को क्लीन चिट (clean chit) दे दी है. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर के मुताबिक जेएनयू हिंसा (JNU Violence) के लिए स्थानीय दिल्ली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की थी ​जिसे इस पूरे मामले से जुड़ी जानकारी और पुलिस पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी.

    क्या हुआ था 5 जनवरी को?
    बता दें कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इसी साल 5 जनवरी को करीब 100 नकाबपोश लोग लाठी-डंडों के साथ कैंपस के अंदर आ गए थे. करीब 4 घंटे तक उन्होंने परिसर के अंदर काफी तोड़फोड़ की. इस पूरी घटना में 36 लोग जख्मी भी हुए थे, जिसमें जेएनयू के छात्र, टीचर और स्टाफ के लोग शामिल थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच की जिमेदारी क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी. इस घटनाक्रम में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.

    पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे थे
    जेएनयू हिंसा के बाद दिल्ली की लोकल पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए गए थे. उस पर दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया गया था कि सब कुछ जानते हुए पुलिस कैंपस के अंदर क्यों नहीं गई. इसके जवाब में दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि जामिया में दंगाइयों का पीछा करते हुए उनकी टीम कैंपस में गई थी लेकिन जेएनयू कैंपस में पुलिस को जाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन से इजाजत लेनी होती है. खबर है कि कमेटी ने जेएनयू हिंसा के बारे में कई पुलिसकर्मियों से अलग अलग जानकारी जुटाई थी और सभी ने एक जैसा ही जवाब दिया.



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    एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक के पास थे 27 पुलिसकर्मी
    जानकारी के मुताबिक एडमिन ब्लॉक पर किसी भी तरह का प्रदर्शन ना हो इसके लिए एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक के आसपास 27 पुलिसकर्मियों को सादी व​र्दी में लगाया गया था. इस दौरान 27 पुलिसकर्मियों के पास किसी भी तरह के हथियार या लाठी नहीं थी. इन पुलसकर्मियों का काम एडमिन ब्लॉक के पास किसी तरह का धरना नहीं होने देने का ऑर्डर था.

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    पुलिस के पास कैंपस से गई थी 23 कॉल
    जांच के दौराना पता चला है कि घटना वाले दिन जेएनयू कैंपस के अंदर से दिल्ली पुलिस को 23 पीसीआर कॉल आईं थीं. इन कॉल में बताया गया था कि छात्रों के बीच मारपीट हो रही है. डीसीपी देवेंद्र आर्या 5 बजे के करीब कैंपस में गए थे लेकिन उस समय स्थिति सामान्य हो चुकी थी. खबर है कि फैक्ट फाइंडिंग कमिटी ने जांच में पाया है कि जेएनयू में घटना वाले दिन की शुरुआत में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया था लेकिन पुलिस की दखल के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी.
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