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दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा- CAA के खिलाफ प्रदर्शनों के वीडियो देने वाली अर्जी सुनवाई योग्य नहीं

 दिल्ली हाईकोर्ट ने  दिल्ली पुलिस को याचिका की सुनवाई योग्य होने या नहीं होने के संबंध में एक हफ्ते  में हलफनामा  दाखिल करने के लिए कहा है. (File Pic)
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को याचिका की सुनवाई योग्य होने या नहीं होने के संबंध में एक हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है. (File Pic)

North-East Delhi Violence: दिल्ली पुलिस ने कहा कि फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के एक मामले में आरोपी देवांगना कलिता की नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen Amendment Bill) के खिलाफ प्रदर्शनों की वीडियो की कॉपी मुहैया कराने की अनुरोध करने वाली याचिका सुनवाई योग्य नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 11:30 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने कहा जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (Jawaharlal Nehru University) की छात्रा और पिंजरा तोड़ अभियान के कार्यकर्ता और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हुई हिंसा (North-East Delhi Violence) के एक मामले में आरोपी देवांगना कलिता की नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen Amendment Bill) के खिलाफ प्रदर्शनों की वीडियो की कॉपी मुहैया कराने की अनुरोध करने वाली याचिका सुनवाई योग्य नहीं है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल एसबी राजू (Additional Solicitor General SB Raju) ने जस्टिस सुरेश कैत के समक्ष याचिका के सुनवाई योग्य होने या नहीं होने का मामला उठाया. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को याचिका की सुनवाई योग्य होने या नहीं होने के संबंध में एक हफ्ते में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 4 फरवरी के लिए मुकर्रर कर दी है.

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दिल्ली हाईकोर्ट में वकील आदित्य पुजारी और कुणाल नेगी के माध्यम से दायर याचिका में कलिता ने सीएए (CAA) के खिलाफ प्रदर्शनों के वीडियो और पुलिस के पास मौजूद अन्य इलेक्ट्रॉनिक डाटा की कॉपी मुहैया कराए जाने का अनुरोध किया है जिन्हें चार्जशीट के साथ दायर किया गया था.

कलिता अवैध गतिविधियां (निवारण) कानून के तहत न्यायिक हिरासत में हैं. लेकिन उसे जाफराबाद क्षेत्र में हिंसा के सिलसिले में कोर्ट से जमानत मिल गई थी. संशोधित नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच संघर्ष के बाद 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गयी थी जिसमें कम से कम 53 लोग मारे गए और करीब 200 लोग जख्मी हो गए थे.
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