राष्ट्र ध्वज के खिलाफ बयान देकर फंसी महबूबा मुफ्ती, सुप्रीम कोर्ट के वकील ने दर्ज कराया केस

महबूबा मुफ्ती फाइल फोटो (PTI)
महबूबा मुफ्ती फाइल फोटो (PTI)

Mehbooba Mufti: शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जब तक हमें हमारा जम्मू-कश्मीर का झंडा वापस नहीं मिल जाता हम तिरंगा झंडा नहीं उठाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 2:08 PM IST
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नई दिल्ली. देश के राष्ट्रीय ध्वज के खिलाफ दिए गए बयान पर जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) फंस गई हैं. दिल्ली पुलिस कमिश्नर से महबूबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मांग की गई है. शुक्रवार को महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जब तक हमें हमारा जम्मू-कश्मीर का झंडा वापस नहीं मिल जाता हम तिरंगा झंडा नहीं उठाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने महबूबा के बयान पर आपत्ति जताई है और दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज करवाई है. विनीत जिंदल ने महबूबा के खिलाफ नेशनल ऑनर एक्ट समेत आईपीसी की धारा 121, 151, 153A, 295, 298, 504, 505 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है. अपनी शिकायत में जिंदल ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के विवादित बयान ने एक चुनी हुई सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने का काम किया है. उन्होंने कहा कि महबूबा ने देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान किया है, जिसके कारण उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.

केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
करीब 14 महीने की हिरासत के बाद छूटीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti, PDP) ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने अपने हाथ में जम्मू-कश्मीर का झंडा दिखाते हुए कहा- 'मेरा झंडा ये है. जब ये झंडा वापस आएगा तब हम तिरंगा भी फहराएंगे. जब हम तक हमें अपना झंडा वापस नहीं मिलता तब तक हम कोई झंडा नहीं फहराएंगे. हमारा झंडा ही तिरंगे के साथ हमारे संबंध को स्थापित करता है.'




जारी रहेगा कश्मीर का संघर्ष
इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने कहा था, वह अनुच्छेद 370 के लिए फिर से संघर्ष करेंगी. मुफ्ती ने 5 अगस्त 2019 को 'काला दिन' बताते हुए कहा था कि यह फैसला हमें बुरा लगा. महबूबा ने कहा कि 'एक साल से ज्यादा समय तक हिरासत में रहने के बाद मुझे रिहा कर दिया गया है, उस काले दिन का काला फैसला मेरे दिल और रुह पर हर पल वार करता रहा, मुझे एहसास है कि यही कैफियत जम्मू-कश्मीर के लोगों की रही होगी.'
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