दिल्‍ली पुलिस ने PMO को किया गुमराह, जिंदा शख्‍स को मरा बताया

दिल्‍ली पुलिस ने PMO को किया गुमराह, जिंदा शख्‍स को मरा बताया
दिल्‍ली पुलिस ने पीएमओ को किया गुमराह, जिंदा शख्‍स को मरा बताया

दिल्‍ली पुलिस का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने एक बार फिर खाकी वर्दी को दागदार कर दिया है. दरअसल दिल्ली में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने दिल्ली पुलिस पर सीसीटीवी कैमरों की खरीद-फरोख्त में घोटाले के आरोप लगाए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2017, 11:35 PM IST
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दिल्‍ली पुलिस का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जिसने एक बार फिर खाकी वर्दी को दागदार कर दिया है. दरअसल दिल्ली में एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने दिल्ली पुलिस पर सीसीटीवी कैमरों की खरीद-फरोख्त में घोटाले के आरोप लगाए हैं. इसकी प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय में ये रिपोर्ट लगा दी थी की शिकायतकर्ता की मानसिक हालत ठीक नहीं है क्योंकि उसके बेटे की मौत हो गई है.

आरटीआई एक्टिविस्ट के इन आरोपों के बाद दिल्ली पुलिस की शिकायत एक बार फिर पीएमओ से की है. बाहरी दिल्ली के कादीपुर गांव में रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट हरपाल राणा की मानसिक हालत भी ठीक है और उनका बेटा अखिल राणा भी जीवित है. लेकिन दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में हरपाल को मानसिक बीमार बता दिया और ये भी लिख दिया कि ऐसा उनके बेटे की मौत हो जाने की वजह से हुआ है. ये रिपोर्ट पीएमओ ग्रीवांस सेल में ऑनलाइन मिली.

सीसीटीवी घोटाले से जुड़ी मांगी थी जानकारी
हरपाल राणा आरटीआई एक्टिविस्ट ने बताया, 'मुझे मानसिक बीमार बता दिया, बेटे को मरा बता दिया. मुझे बड़ा दुख हुआ. ये गलत है. इसके लिए मैंने शिकायत भी की है.' दरसअल हरपाल ने दिल्ली पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरों की खरीद को लेकर कई आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी.
हरपाल के मुताबिक अलग-अलग कई जवाब मिले जिनके मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 2010 से 2017 तक 3309 सीसीटीवी कैमरे खरीदे. ये कैमरे 67 जगहों पर लगे हैं. इनकी खरीद पर 227 करोड़ खर्च हुए. यानि एक कैमरा 6 लाख रुपये से ऊपर की कीमत पर लिया गया. जबकि सभी कैमरों की असल कीमत 15 करोड़ रुपये के आसपास बनती है.



प्रधानमंत्री कार्यालय में की थी शिकायत
हरपाल के मुताबिक जब इस घोटाले की शिकायत उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में 8 अप्रैल 2016 को की तो 30 जून 2016 को दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर केस बंद कर दिया, हालांकि ये रिपोर्ट उन्होंने ऑनलाइन अभी कुछ दिन पहले देखी. इससे हरपाल का बेटा भी नाराज़ है.

हरपाल ने अब 2 दिसम्बर को प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले की फिर से शिकायत की है जिसका जवाब अब तक नहीं आया है. वहीं दिल्ली पुलिस से इस मामले में जवाब मांगा गया तो पुलिस प्रशासन ने ज्यादा कुछ न बताते हुए जांच की बात कही है.
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