JNU मामलाः 1200 पन्नों की चार्जशीट में कन्हैया-उमर समेत 10 पर देशद्रोह का आरोप

कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान की गिरफ्तारी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. विपक्ष ने पुलिस पर सत्ताधारी बीजेपी की शह पर काम करने का आरोप लगाया था.

News18Hindi
Updated: January 14, 2019, 5:58 PM IST
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Updated: January 14, 2019, 5:58 PM IST
देश की प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य समेत 10 छात्रों के खिलाफ देशद्रोह के मामले में दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सुमीत आनंद की कोर्ट में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की.  पुलिस ने जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के मामले में यह चार्जशीट दाखिल की है. यह कार्यक्रम संसद हमला मामले के मास्टरमाइंड अफजल गुरू को फांसी की बरसी पर नौ फरवरी 2016 को आयोजित किया गया था.

आरोपपत्र में सीसीटीवी के फुटेज, मोबाइल फोन के फुटेज और दस्तावेजी प्रमाण भी हैं. पुलिस का आरोप है कि कन्हैया कुमार ने भीड़ को भारत विरोधी नारे लगाने के लिए उकसाया था.

मामले में कश्मीरी छात्रों आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईया रसूल, बशीर भट, बशरत के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किए गए.



इन सभी कश्मीरी छात्रों से भी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है. इनके खिलाफ चार्जशीट में 124A (देशद्रोह), 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120B जैसी धाराएं लगाई गई हैं.

इस चार्जशीट के कॉलम 12 में 36 आरोपी है, जिन पर कोर्ट तय करेगी कि उन्हें आरोपी बनाना है या नहीं. इन 36 के खिलाफ पुलिस को डायरेक्ट एविडेंस नही मिले हैं.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र की कॉलम संख्या 12 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता डी राजा की पुत्री अपराजिता, जेएनयूएसयू की तत्कालीन उपाध्यक्ष शहला राशिद, राम नागा, आशुतोष कुमार और बनोज्योत्सना लाहिरी सहित कम से कम 36 अन्य लोगों के नाम हैं क्योंकि इन लोगों के खिलाफ सबूत अपर्याप्त हैं. मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सुमित आनंद ने आरोप पत्र सक्षम अदालत में मंगलवार को विचार के लिए सूचीबद्ध किया.



दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, गवाहों के बयानों के बाद देशद्रोह का ये मामला दर्ज किया गया है. गवाहों के मुताबिक कन्हैया कुमार ने भी देशद्रोही नारे लगाए थे. वहीं उमर खालिद के खिलाफ धोखाधड़ी का भी मामला दर्ज किया गया है.

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बता दें कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी पर लटकाए जाने के विरोध में वर्ष 2016 में जेएनयू कैंपस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. भाजपा के सांसद महेश गिरी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की शिकायत पर वसंत कुंज (उत्तर) पुलिस थाने में 11 फरवरी 2016 को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए तथा 120बी के तहत एक मामला दर्ज किया गया था. एबीवीपी ने कथित आयोजन को ‘राष्ट्र विरोधी’ बताते हुए शिकायत की थी जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसकी अनुमति रद्द कर दी थी. इसके बावजूद यह आयोजन हुआ था.

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इस संबंध में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान को यह कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. इन सभी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया था. हालांकि उनकी गिरफ्तारी से बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. विपक्ष ने पुलिस पर सत्ताधारी बीजेपी की शह पर काम करने का आरोप लगाया था.

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