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Delhi Pollution: जहरीले कोहरे की चादर में दिल्ली, आंखों में जलन की समस्या, 471 पर पहुंचा AQI

Delhi Pollution: जहरीले कोहरे की चादर में दिल्ली, आंखों में जलन की समस्या, 471 पर पहुंचा AQI

दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 577 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया.(फाइल फोटो)

दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 577 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया.(फाइल फोटो)

Delhi Air Pollution, Stubble Burning: दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा अधिक रही. एक अधिकारी ने कहा, 'इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Indira Gandhi International Airport) और सफदरजंग हवाई अड्डे पर कोहरे (Fog) के कारण दृश्यता 200-500 मीटर रही. आर्द्रता अधिक होने की वजह से शुक्रवार को कोहरा और घना हो गया.'

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    नई दिल्ली: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi NCR Pollution) में आंखों में जलन पैदा करने वाला कोहरा (Fog) शुक्रवार को और घना हो गया तथा कई जगहों पर दृश्यता 200 मीटर रही. राजधानी में नवंबर की शुरुआत से ही प्रदूषण (Pollution) के स्तर में वृद्धि देखने को मिल रही है. चार हजार से अधिक खेतों में पराली जलाए (Stubble Burning) जाने के कारण दिल्ली के प्रदूषण में शुक्रवार को इसका योगदान 35 प्रतिशत रहा और अपराह्न चार बजे तक 24 घंटे के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 471 दर्ज किए जाने में पराली जलाए जाने का अहम योगदान रहा. यह इस मौसम में एक्यूआई का सबसे खराब स्तर है. एक्यूआई बृहस्पतिवार को 411 था.

    दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के एक विश्लेषण के अनुसार, हर साल एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में लोगों को बेहद दूषित हवा में सांस लेनी पड़ती है. फरीदाबाद (460), गाजियाबाद (486), ग्रेटर नोएडा (478), गुरुग्राम (448) और नोएडा (488) में भी अपराह्न चार बजे गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज की गई.

    यहां समझे क्या है AQI
    शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को “अच्छा”, 51 से 100 के बीच में “संतोषजनक”, 101 से 200 के बीच “मध्यम”, 201 से 300 तक “खराब”, 301 से 400 के बीच में “बेहद खराब” तथा 401 से 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है.

    केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कारक कण पीएम 2.5 की मात्रा का 24 घंटे का औसत रात में 300 का आंकड़ा पार कर गया और इसकी मात्रा शुक्रवार को अपराह्न चार बजे 381 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही. पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से लगभग छह गुना अधिक रही.

    क्या है पीएम10 स्तर
    पीएम 10 का स्तर 577 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया. ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) के अनुसार, 48 घंटे या इससे ज्यादा अवधि के दौरान, पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम से अधिक और पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम से अधिक होने पर वायु गुणवत्ता को आपातकालीन श्रेणी में माना जाता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया था और ठंड थी.

    दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा अधिक रही. एक अधिकारी ने कहा, “इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सफदरजंग हवाई अड्डे पर कोहरे के कारण दृश्यता 200-500 मीटर रही. आर्द्रता अधिक होने की वजह से शुक्रवार को कोहरा और घना हो गया .”

    सीएसई ने कहा- ये आपातकाल की स्थिति है
    हरित थिंक टैंक विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने बुधवार को कहा था कि यह कोहरा जन स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति है और यह स्थिति पिछले चार साल में सबसे लंबी अवधि हो सकती है. उसने कहा था कि अपेक्षाकृत तेज हवाओं की स्थानीय परिस्थितियों के बावजूद इस साल कोहरे की लंबी अवधि का कारण शहर में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कमी हो सकती है.

    उसने एक अन्य रिपोर्ट में बताया कि 24 अक्टूबर से आठ नवंबर तक इस साल सर्दियों के शुरुआती चरण में दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों का योगदान 50 प्रतिशत रहा है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी ‘सफर’ ने बताया कि दिल्ली में पीएम 2.5 उत्पन्न करने में पराली जलाए जाने का योगदान चार नवंबर से लगातार कम से कम 25 प्रतिशत दर्ज किया किया जा रहा है.

    Tags: Air pollution delhi, Delhi pollution, Pollution AQI Level, Stubble Burning

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