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Delhi Pollution Today: क्या लॉकडाउन लगाने से बचेगी दिल्ली! जानें हर साल क्यों घुटता है देश की राजधानी का दम?

Delhi Pollution Today: क्या लॉकडाउन लगाने से बचेगी दिल्ली! जानें हर साल क्यों घुटता है देश की राजधानी का दम?

दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत खराब स्तर पर बना हुआ है. (तस्वीर-AP)

दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत खराब स्तर पर बना हुआ है. (तस्वीर-AP)

Delhi AQI: साल 2020 में दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित हवा वाले शहरों में भारत के 13 शहर शामिल थे. दिल्ली में वाय प्रदूषण के कई कारण हैं. सरकार के डेटा के मुताबिक शहर में करीब 25 प्रतिशत वायु प्रदूषण अकेले वाहनों से होता है. अन्य कारणों में बिजली उत्पादन, भारी उद्योग, पटाखे, निर्माण कार्यों से पैदा होने वाली धूल, पराली भी शामिल हैं. दिल्ली सरकार ने शहर में साप्ताहिक लॉकडाउन लगाने की इच्छा जाहिर की है लेकिन उसके पास ट्रैफिक और उद्योगों को बंद करने के अधिकार नहीं है. एक एक्सपर्ट के मुताबिक- 'दिल्ली में लॉकडाउन लगाया जा सकता है. लेकिन शहर के प्रदूषण की समस्या बाहरी भी है. ये एक तरीके से क्षेत्रीय वायु प्रदूषण की समस्या है.'

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    नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में बृहस्पतिवार को भी हवा की गुणवत्ता (AQI) का स्तर दमघोंटू बना रहा. पर्यावरण पर निगाह रखने वाली देश की मुख्य एजेंसी SAFAR के मुताबिक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ (Very Poor) बना हुआ है. करीब 2 करोड़ की आबादी (20 Million Population) वाली दिल्ली को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों (Most Polluted Cities) में गिना जाता है. विशेष तौर पर सर्दियों की शुरुआत में शहर में हवा बेहद जहरीली हो जाती है.

    साल 2020 में दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित हवा वाले शहरों में भारत के 13 शहर शामिल थे. विलानोवा युनिवर्सिटी में एशिया क्षेत्र के वायु प्रदूषण विशेषज्ञ डेबोरा सेलिसोन्ह ने समाचार एजेंसी एपी से कहा है कि उत्तरी भारत में सर्दियों की शुरुआत में वायु प्रदूषण का मामला पराली जलाने से भी जुड़ा हुआ है.

    ये हैं दिल्ली में वायु प्रदूषण के मुख्य कारण
    हालांकि डेबोरा सेलिसोन्ह की बात से इतर दिल्ली में वाय प्रदूषण के कई कारण हैं. सरकार के डेटा के मुताबिक शहर में करीब 25 प्रतिशत वायु प्रदूषण अकेले वाहनों से होता है. अन्य कारणों में बिजली उत्पादन, भारी उद्योग, पटाखे, निर्माण कार्यों से पैदा होने वाली धूल, पराली भी शामिल हैं.

    10 लाख से ज्यादा भारतीय वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवाते हैं
    कई स्टडी में ऐसा दावा किया है कि हर साल करीब 10 लाख से ज्यादा भारतीय वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के कारण जान गंवाते हैं. सेलिसोन्ह ने कहा, ‘स्पष्ट तौर पर ये नहीं बताया जा सकता कि राष्ट्रीय राजधानी में लॉकडाउन लगाने से कितना फर्क पड़ेगा.’

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    लॉकडाउन लगाना चाहती है दिल्ली सरकार
    दिल्ली सरकार ने शहर में साप्ताहिक लॉकडाउन लगाने की इच्छा जाहिर की है, लेकिन उसके पास ट्रैफिक और उद्योगों को बंद करने के अधिकार नहीं हैं. सेलिसोन्ह कहते हैं, ‘दिल्ली में लॉकडाउन लगाया जा सकता है. लेकिन शहर के प्रदूषण की समस्या बाहरी भी है. ये एक तरीके से क्षेत्रीय वायु प्रदूषण की समस्या है.’

    किए जा रहे हैं इमरजेंसी उपाय
    इससे पहले दिल्ली सरकार ने स्कूल बंद करने के साथ कुछ पावर स्टेशन बंद करने का भी निर्णय लिया है. दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. पेट्रोल पंपों पर पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUC) के बिना पेट्रोल भरवाते समय अब 10 हजार रुपये का चालान कट रहा है.

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