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दिल्ली दंगा: जिस केस को पुलिस ने कर दिया था बंद, कोर्ट ने उस पर FIR और जांच के दिए आदेश

दिल्ली दंगों के एक मामले में कोर्ट ने पुलिस को दिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश.
दिल्ली दंगों के एक मामले में कोर्ट ने पुलिस को दिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश.

Delhi Riots: यमुना विहार निवासी सलीम ने आरोप लगाया था कि इस साल 24 फरवरी को उनके पड़ोसी सुभाष त्यागी और अशोक त्यागी ने उनके घर में आग लगा दी और उन पर जानलेवा हमला किया. सलीम ने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान उनके पड़ोसी नसीर को गोली मार दी गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 8:13 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली दंगों (Delhi Riot) के एक मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली की अदालत (Court) ने पुलिस की ओर से बंद कर दिए गए एक केस को फिर से खोलकर एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष तथा स्वतंत्र जांच के आदेश जारी किए हैं. पीड़ित पक्ष की ओर से जो साक्ष्य पेश किए गए थे, उसे देखने के बाद कोर्ट ने माना कि शिकायकर्ता के पास सारे सबूत होने के बावजूद पुलिस ने केस को बंद कर दिया था.

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट फहदुद्दीन की अदालत में यमुना विहार निवासी सलीम ने आरोप लगाया था कि इस साल 24 फरवरी को उनके पड़ोसी सुभाष त्यागी और अशोक त्यागी ने उनके घर में आग लगा दी और उन पर जानलेवा हमला किया. सलीम ने आरोप लगाया कि दंगों के दौरान उनके पड़ोसी नसीर को गोली मार दी गई थी. शिकायत के जवाब में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सलीम खुद दंगों में शामिल था. दंगों में शामिल होने की वजह से सलीम को 19 मार्च को गिरफ्तार भी किया गया था. पुलिस ने बताया कि सलीम ने खुद को बचाने के लिए झूठी शिकायत दर्ज कराई थी और इस वक्त सलीम जमानत पर बाहर है.

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जांच के बाद कोई संज्ञेय अपराध नहीं पाया गया था इसलिए सलीम की शिकायत पर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और मामले को बंद कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस की दलील को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा, रिकॉर्ड में रखी गई सामग्री, विशेष रूप से कथित घटना का वीडियो फुटेज देखने के बाद इस मामले में जांच की आवश्यकता है.
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कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश देते हुए कहा कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इस मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जाएगी. कोर्ट ने कहा मामले की जांच कर जल्द से जल्द जांच की रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाए. सलीम की शिकायत में नरेश त्यागी, उत्तम त्यागी और सुप्रीम महेश्वरी का नाम भी है जो दंगों के दौरान परवेज (48) की हत्या में आरोपी हैं.
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