राज्‍यसभा: अमित शाह बोले- दिल्‍ली हिंसा में जो लोग शामिल उन्‍हें पाताल से भी ढूंढ कर लाएंगे

राज्‍यसभा: अमित शाह बोले- दिल्‍ली हिंसा में जो लोग शामिल उन्‍हें पाताल से भी ढूंढ कर लाएंगे
अमित शाह ने संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब दिया.

राज्यसभा (Rajya Sabha) में दिल्ली हिंसा पर हुई चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार पर जमकर आरोप लगाए. वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष का सवालों का विस्‍तार से जवाब भी दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 8:30 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी स्थित उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा पर (Delhi Violence) गुरुवार को राज्यसभा (Rajya Sabha) में चर्चा हुई. इसके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में बयान दिया. इससे पहले बुधवार को लोकसभा में दिल्‍ली हिंसा पर चर्चा हुई थी. इस दौरान शाह ने दिल्‍ली पुलिस की पीठ भी थपथपाई थी और कहा कि पुलिस ने 36 घंटे के अंदर दिल्‍ली में हिंसा रोकी. आज विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने सीएए, एनपीआर और दिल्‍ली हिंसा पर विस्‍तार पर भाषण दिया.

एनपीआर पर सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कपिल सिब्बल बड़े अधिवक्ता हैं. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि मुझे बताएं सीएए में ऐसा कौन सा प्रावधान है जिससे मुस्लिमों की नागरिकता छिन सकती है. इसपर कपिल सिब्‍बल ने बीच में उठकर कहा कि उन्‍होंने मुस्लिमों की नागरिकता छिनने की बात नहीं कही. जब अमित शाह और कपिल सिब्‍बल के बीच में सदन में बात हो रही थी तो अन्‍य सांसद हूटिंग भी कर रहे थे.

अमित शाह ने कहा, 'अगर एनपीआर की बात करें तो उसमें सूचना देने का प्रावधान वैकल्पिक है. एनपीआर में कोई भी कागजात नहीं मांगा जाएगा. इस देश में किसी को भी NPR की प्रक्रिया से डरने की जरूरत नहीं है.' गृह मंत्री ने कहा, 'मैं गुलाम नबी आजाद, डेरेक ओ ब्रायन और आनंद शर्मा से कह चुका हूं कि आप आइए हमारे साथ बैठिए और एनपीआर पर चर्चा कीजिए, मैं सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हूं.
शाह ने कहा कि हमनें सभी संप्रदाय के धर्मगुरूओं की बैठक बुलाकर अमन-चैन कायम करने की कोशिश की. उन्‍होंने कहा कि एजेंसियों के माध्‍यम से हमारे पास सूचना आई कि हिंसा के लिए पैसे विदेश से आए थे, पैसे देश से आए थे और पैसे बांटे भी गए. इसके लिए हमनें उस वक्‍त ही जांच शुरू कर दी थी, लेकिन दुर्भाग्‍य की बात है कि प्राथमिक जांच चल रही थी और दंगा हो गया. पैसे ट्रांसफर करने वाले, हवाला का काम करने वाले ऐसे 5 लोगों को हमनें गिरफ्तार किया है.



शाह ने कहा कि दंगों के पहले और बाद में यूज होने वाले सैकड़ों अकाउंट को बंद किया गया है. कुछ अकाउंट ऐसे थे जो दंगों के दो दिन पहले शुरू हुए और दो दिन बाद बंद हो गए, उनकी जांच की जा रही है. उनके माध्‍यम से केवल दंगा फैलाने, घृणा फैलाने का काम किय गया. उन्हें बताना चाहता हूं कि अगर वो सोचते हैं कि हम बच गए, तो वो गलत हैं, हम उन्हें पाताल से भी खोजकर निकालेंगे और सजा दिलाएंगे.

शाह ने कहा कि दो लोग आईएसआईएस के संदिग्‍ध भी मिले हैं. उनके पास आईएस से मैटेरियल आता था और वे नफरत को आगे फैलाने का काम करते थे उनको भी हमनें पकड़ लिया है. उन्‍होंने कहा कि पुलिस विभाग के दोनों कर्मचारी अंकित शर्मा और रतनलाल को मारने वालों को दिल्‍ली पुलिस ने पूर्णतया रूप से गिरफ्तार कर लिया. इसकी साजिश की जांच चल रही है. जिन्‍होंने चाकू चलाया उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्‍ध है. रतनलाल पर पत्‍थर चलाने वाले की भी गिरफ्तारी हो चुकी है.

शाह ने कहा कि बहुत दु:ख के साथ मैं कहना चाहता हूं कि पूरे देश में CAA को लेकर मुसलमान भाइयों-बहनों के मन में एक भय बैठाया गया कि आपकी नागरिकता CAA से छीन ली जाएगी. ये गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं, CAA नागरिकता लेने का कानून है ही नहीं, ये नागरिकता देने का कानून है.

लोगों की जान गई, घर जल गए, हम निजता की बात करते हैं: शाह
शाह ने कहा कि सदन में कहा गया था फेस आईडी के लिए हम जिस साफ्टवेयर का यूज कर रहे हैं उससे निजता भंग हो रही है. मैं यहां पर स्‍पष्‍ट कर दूं कि इसके लिए हम आधार डेटा का उपयोग नहीं कर रहे हैं. हमने ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी कार्ड का फेस आईडी के लिए उपयोग किया. लेकिन मैं काफी विनम्रता के साथ सदन से कहना चाहता हूं कि किसी की जान चली गई, किसी का घर जल गया तो क्‍या हम निजता की बात करते हैं.

1100 की पहचान हुई, 336 लोग UP ये आए थे: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि जिसने भी ऐसा काम किया है उसे वैज्ञानिकता के साथ कोर्ट के सामने खड़ा करे और कठोर से कठोर सजा देने का काम किया जाए. इसमें हमने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का दुरुपयोग नहीं किया. उन्‍होंने कहा कि हिंसा में 1100 से  ज्‍यादा लोगों की पहचान हुई. जिनमें 336 लोग उत्‍तर प्रदेश से आए थे. ये सवाल उठता है कि यूपी के लोगों का नाम क्‍यों लिया जा रहा है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि दिल्‍ली में जहां हिंसा हुई उसकी सीमा यूपी से लगती है. हिंसा के दौरान यूपी से लोग आए, इसका हमारे पास प्रमाण भी है.

हम किसी को बख्‍शेंगे नहीं: अमित शाह
देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्‍ली हिंसा पर आज सदन में चर्चा हो रही है. सबसे पहले इस हिंसा में जिन लोगों की जान गई और जिन लोगों की मलकियत को नुकसान पहुंचा है उन लोगों के प्रति दिन की गहराई से संवेदना, दुख प्रकट करता हूं. मैं देश को भी विश्‍वास दिलाना चाहता हूं कि हिंसा में शामिल लोग चाहे किसी भी जाति, मजहब और पार्टी के होंगे उनको बख्‍शा नहीं जाएगा. उन्‍हें छोड़ा नहीं जाएगा.

अमित शाह ने विपक्ष का जवाब देते हुए कहा कि दंगों के उपरांत अब तक 700 FIR दर्ज की गई है और जिसने भी FIR दर्ज करवाई है, उसे रजिस्टर करने से पुलिस ने कहीं भी ना नहीं की है. 2647 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सभी को सबूत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. हिंसा के अगले दिन ही हमनें एक एैड दिया था कि जिसके पास भी दंगे से जुड़े सबूत या कोई वीडियो हो वे इस इमेल एट्रेस या फिर व्‍हाट्सऐप पर भेजे. इसके बाद हमारे पास समाज के सभी वर्गों के माध्‍यम से भारी संख्‍या में वीडियो आए और 25 कंप्‍यूटर की मदद से इसको जांचा जा रहा है.

वारिश पठान और सर्जिल इमाम का नाम लेकर जावड़ेकर ने विपक्ष को घेरा
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सीएए पर लोगों ने कहा कि रामलीला मैदान से आर-पार की लड़ाई होगी. जो विरोध में नहीं उतरेगा वह कायर कहलाएगा. एक सर्जिल इमाम जिन्‍ना वाली आजादी मांग रहे थे. उसने यह भी कहा कि असम को देश से तोड़ना है. एक आम आदमी पार्टी के विधायक ने कहा कि ये लोग हमारी सारी धार्मिक गतिविधि बंद कर देंगे. ये उकसाना नहीं तो क्‍या था. बच्‍चों से कहलाया गया, मोदी-शाह को मारेंगे, ये उकसाना नहीं तो क्‍या था. वारिश पठान 15 करोड़ और 100 करोड़ की बात करते हैं, ये उकसाना नहीं तो क्‍या था.

जावड़ेकर ने कहा कि लुधियाना में 21 फरवरी को एक जलसा हुआ. उसमें कहा गया कि ये तुम्‍हारी दाढ़ी पकड़कर खीचेंगे, हमपर जुर्म करेंगे और बहू बेटियों को कुत्‍ते की तरह नोचेंगे, ये उकसाना नहीं तो क्‍या है. ये बात मौलाना हबीब उल रहमान ने बोला था. प्रकाश जावड़ेकर के भाषण पर सदन में जमकर हंगामा भी हुआ.

शाहीन बाग पर विजय गोयल ने कही ये बात
बीजेपी के राज्यसभा सांसद विजय गोयल ने कहा कि दिल्‍ली हिंसा पर जिस तरह के भाषण हो रहे हैं, उनसे तो माहौल और खराब हो रहा है. कल लोकसभा में ओवैसी साहब ने कहा कि लाशों के ऊपर राज हो रहा है. मैं समझता हूं कि इसे हमें संभालना चाहिए. मैं दिल्‍ली के अंदर पला बढ़ा. चांदनीचौक की गलियों में खेला. वहां की आबादी का बहुत तेजी से परिवर्तन हो रहा था. वहां बहुत पतली गलियां हैं. जनसंख्‍या इतनी बढ़ गई है कि जगह नहीं है. वहां पर मुस्लिम आबादी ज्‍यादा है.

मैंने दोनों समाज के लिए समान काम किया: विजय गोयल
उन्‍होंने कहा कि मैं चांदनी चौक से चुनाव लड़ना नहीं चाहता था, लेकिन पार्टी ने यंग नेता के तौर पर मुझे वहां भेजा. ऐसा कहा जा सकता है कि मुझे जबरन धक्‍का दिया गया. लेकिन मैंने वहां से एक बार नहीं, कई बार चुनाव जीता. 1947 के बाद मैं पहला नेता हूं जिसने इस क्षेत्र में दोनों समाज के लिए समान काम किया है.

विजय गोयल ने कहा कि जब मैं पैदा हुआ तो मेरा देश धर्म के आधार पर विभाजित था. नागरिकता कानून में किसी की नागरिकता लेने का नहीं देने का प्रस्‍ताव है, तो आज आप लोग सड़क पर जाकर खिलाफत क्‍यों कर रहे हैं. शहीन बाग, घृणा है, नफरत है, झूठ है और मक्‍कारी है. ये देश के विकास में रोड़ा है, ये शाहीन बाग सांप्रदायिक है. अगर आज शाहीन बाग ना होता तो हिंसा भी नहीं होती.

अमित शाह जो कहते हैं वह करते हैं: विजय गोयल
विजय गोयल ने कहा कि गांधी जी की बात का असर इसलिए था क्‍योंकि वे जो कहते थे, वहीं करते थे. और मोदी जी भी ऐसा ही करते हैं. मेरे गृहमंत्री की बात का भी असर इसलिए है क्‍योंकि वे जो कहते हैं वो कहते हैं. शाह कहते हैं कि 370 हटेगा तो वे हटेगा, वे कहते हैं कि एनपीआर आएगा तो आएगा, वे कहते हैं कि दंगाइयों को सजा मिलेगी तो एक एक दंगाई को सजा मिलेगी. चाहे वे किसी भी धर्म का हो.

धर्म और राजनीति का मिश्रण खतरनाक: आनंद शर्मा
आनंद शर्मा ने कहा कि मेरे समझ में धर्म और राजनीति का मिश्रण खतरनाक और जहरीला है. जो लोग अपने धर्म को मानते हैं, सम्‍मान करते हैं वह किसी दूसरे धर्म के लोगों पर हाथ नहीं उठाते, दूसरों पर जुर्म नहीं करते. मेरे पास भी धर्म ग्रंथ हैं, जो घर में रहते हैं लेकिन जब मैं बाहर आता हूं तो हमारा संविधान ही हमारा धर्म ग्रंथ है. अगर इस भावना को लेकर चलें तो शायद ऐसी घटनाएं ना हों. गृहमंत्री जी ये कहा गया कि जो कुछ हुआ, उसकी पृष्‍टभूमि में सीएए और एनपीआर की बात आई. ये कहना गलत है कि जो लोग इसके विरोध में थे वहीं लोग हिंसा में शामिल थे, ये कहना उचित नहीं है.

दिल्‍ली हिंसा भारत के लिए कलंक: आनंद शर्मा
कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने कहा कि शासन प्रशासन को यह प्रयास करना चाहिए था कि गांधी जी के संदेश को याद रखते. ना कि राजधानी में दंगा हो. तीन दिन तक राजधानी जलती रहे, लोग मरते रहें. ये मुद्दा नहीं कि वे किस धर्म के थे, मुद्दा ये है कि लोग मरते रहे. बच्‍चे पर सितम ढाया गया. ये गांधी जी का संदेश नहीं था. जो हुआ है वो भारतीय प्रजातंत्र पर एक कलंक है, जिसको साफ करना, धोना हम सब का धर्म है.

आनंद शर्मा ने कहा कि पुलिस के होते हुए इतना बड़ा कांड हो जाए, इसकी सफाई और जवाबदेही दोनों बनती है. जिस इलाके में दंगा हुआ है उसका पूरा क्षेत्रफल तीन किलोमीटर है. भजनपुरा, चांदबांग, शिव विहार के आस-पास के क्षेत्र में सबसे बड़ी हिंसा हुई. पुलिस और सीआरपीएफ की दर्जनों कंपनियों के कारण भी हिंसा होती रही. जब पहले दिन ही इतनी भारी संख्‍या में मार-काट चलती रही तो पहले दिन ही क्‍यों नहीं शूट एण्‍ड साइट के ऑर्डर दे दिए गए. कहीं न कहीं ये कमी रही है. इससे देश की छवि धुमिल हुई है.

उन्‍होंने कहा कि अमेरिका के राष्‍ट्रपति उस दिन राजधानी में थे. कड़ी सुरक्षा थी. उसके बावजूद ये हो जाए. ऐसा तो बिलकुल नहीं होना चाहिए था. प्रश्‍न है, ये क्‍यों हुआ. तनाव था, चुनाव था दिल्‍ली में भाषण हुए थे. जिसने भी धार्मिक भावनाओं को भड़काने की बात की, उन्‍होंने इस देश का अहित किया है. समाज को बांटने की ये प्रक्रिया काफी समय से चल रही है. ये देश बहुधर्मी है. इसकी विविधता ही इसकी शक्ति है.

23 फरवरी देश के लिए काला दिन: नरेश गुजराल
शिरोमणि अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने कहा कि 23 फरवरी देश के लिए काला दिन था. इस दिन आम लोगों को मारा गया. इस घटना में लगभग 53 लोगों की मौत हो गई जबकि 300 से ज्‍यादा लोग घायल हो गए. वहीं करोड़ों की संपत्ति का नुकसान भी हुआ. दिल्‍ली हिंसा, 1984 दंगों की याद दिलाती है. दिल्‍ली हिंसा की निष्‍पक्ष जांच होनी चाहिए.

डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- हिंसा के दौरान दिल्‍ली पुलिस सोती रही
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि तीन बच्‍चों ने अपने पिता को खो दिया है. हम उनकी आंखों में इस हिंसा को देखेंगे. कई बच्‍चों के माता-पिता कहां गए पता ही नहीं चला. ये बच्‍चे आज जवाब मांग रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में जवाब दिया, लेकिन बच्‍चों को जवाब नहीं मिला. आज हर चीज केवल चुनाव के लिए की जा रही है. दिल्‍ली पुलिस हिंसा के दौरान सोती रही, लेकिन मैं मीडिया की तारीफ करूंगा क्‍योंकि उन्होंने हिंसाग्रस्त इलाकों में शानदार रिपोर्टिंग की.

किसी भी विपक्षी नेता ने शांति की अपील नहीं की: सुधांशु
कपिल सिब्‍बल के बयान के बाद बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'दिल्‍ली हिंसा के दौरान किसी भी विपक्षी नेता की ओर से शांति की अपील नहीं की गई. हर आंदोलन का कोई न कोई प्रतिनिधित्‍व होता है. उन्‍होंने कहा कि मीडिया से बात करने के लिए कई लोग थे, लेकिन गृहमंत्री से बात करने के लिए कोई नहीं था.'

पुलिस ने 36 घंटे में हिंसा पर काबू पाया
सिधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह हिंसा ऐसे समय में हुई जब किसी दूसरे देश के राष्‍ट्रपति यहां आए हुए थे. भारतीय दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए गए. उन्‍होंने कहा कि गृहमंत्री ने दिल्‍ली हिंसा के दौरान क्‍या किया ये रिकॉर्ड में है. वे लगातार हालात का जायजा ले रहे थे और बैठक कर रहे थे. वे देर रात तक बैठक कर रहे थे. वे लगातार दिल्‍ली पुलिस के संपर्क में थे. इस हिंसा में पुलिस का एक जवाब शहीद भी हो गया. पुलिस ने जिस तरह से हिंसा पर काबू पाया वह काबिले तारीफ है.

उन्‍होंने कहा कि अंकित शर्मा पर चाकू से 400 से ज्‍यादा वार किया गया. ऐसे वार सीमा पर किए जाते हैं. ये उन लोगों का काम था जो देश के खिलाफ काम करते हैं.

सिब्‍बल ने पूछा- पुलिस ने कितनी FIR दर्ज की
सिब्बल ने कहा- 'हिंसा पीड़ित अभी भी न्याय के इंतजार में हैं. जब हिंसा हो रही थी तब गृह मंत्री, ट्रंप (अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) के स्वागत में व्यस्त थे. भड़काऊ भाषण देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?' उन्होंने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा, 'दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने हिंसा फैलाने में मदद की.'

लोकसभा (Lok Sabha) में गृह मंत्री द्वारा बुधवार को दिये गए जवाब का संदर्भ देते हुए सिब्बल ने पूछा 'आखिर पुलिस ने कितनी प्राथमिकी दर्ज की? आखिर आज 12 मार्च हो गया.' उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद सिब्बल ने कहा कि बालाकोट (पाकिस्तान) में सर्जिकल स्ट्राइक किया, अच्छा किया लेकिन अपने लोगों पर स्ट्राइक क्यों कर रहे हैं. हमको तो छोड़ दें.

सिब्बल ने अपनी बात कहने के लिए शायरी का भी सहारा लिया. उन्होंने कहा,  'बिन खौफ के मैं जब चलने लगा. हवा का रुख भी बदलने लगा. हम हवा का रुख बदलेंगे और आपको (भाजपा) देश तोड़ने नहीं देंगे.'

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