दिल्ली दंगा मामले में राज्य विधानसभा पैनल को झटका, फेसबुक को SC से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक के वीपी को एक हफ्ते के भीतर काउंटर एफिडेविट दायर करने को कहा है. (फाइल फोटो)
सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक के वीपी को एक हफ्ते के भीतर काउंटर एफिडेविट दायर करने को कहा है. (फाइल फोटो)

अजित मोहन (Ajit Mohan) ने दिल्ली दंगों (Delhi Riots) के संबंध में बनाए गए राज्य विधानसभा पैनल (Delhi State Assembly Panel) द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पैनल को यह निर्देश भी दिया गया कि अगली मीटिंग तब तक न की जाए जब तक कोर्ट की कार्यवाही पूरी न हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 23, 2020, 5:19 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फेसबुक इंडिया (Facebook India) के वाइस प्रेसिडेंट अजित मोहन (Ajit Mohan) को दिल्ली दंगे से संबंधित मामले में राहत दी है. कोर्ट ने दिल्ली विधासनभा पैनल (Delhi State Assembly Panel) को निर्देश दिया है कि आगामी 15 अक्टूबर तक अजित मोहन को लेकर कोई जबरिया कार्रवाई न की जाए. अजित मोहन ने दिल्ली दंगों के संबंध में बनाए गए राज्य विधानसभा पैनल द्वारा जारी किए गए दो नोटिसों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पैनल को यह निर्देश भी दिया गया कि अगली मीटिंग तब तक न की जाए जब तक कोर्ट की कार्यवाही पूरी न हो.

दरअसल दिल्ली विधानसभा के एक पैनल ने फेसबुक को दिल्ली दंगों में रोल को लेकर नोटिस जारी किया है. अब फेसबुक ने इस नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट ने अजित मोहन को अगले एक हफ्ते के भीतर काउंटर एफिडेविट दायर करने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को की जाएगी.


पैनल के सामने पेश नहीं हुए अजित मोहन
गौरतलब है कि बीते सप्ताह विधासनभा के पैनल के नोटिस के बावजूद तय तारीख पर फेसबुक के अधिकारी नहीं पहुंचे थे. कुछ समय पूर्व अमेरिकी अखबर वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ये दावा किया था कि फेसबुक ने जानबूझकर दिल्ली दंगों के दौरान भड़काऊ सामग्री पर रोक नहीं लगाई.



पैनल को भेजा गया खत
अजित मोहन, जो कि फेसबुक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं, को विधानसभा पैनल ने उपस्थिति होने के लिए नोटिस भेजा था. उन्हें पैनल के सामने फेसबुक पर लगे आरोपों को लेकर जानकारी देनी थी. लेकिन वो नहीं पहुंचे. इसके बजाए पैनल को फेसबुक के डायरेक्टर ऑफ ट्रस्ट एंड सेफ्टी विक्रम लांगेह की तरफ से एक खत मिला. इस खत में पैनल के नोटिस पर सवाल खड़े किए गए थे और इसे वापस लेने की अपील की गई थी.
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