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हवा की दिशा बदलने के साथ दिल्ली की एयर क्वालिटी खराब हुई

भाषा
Updated: October 21, 2019, 12:01 AM IST
हवा की दिशा बदलने के साथ दिल्ली की एयर क्वालिटी खराब हुई
गुरुवार को नई दिल्ली का राजपथ धुंध में डूबा रहा (फोटो क्रेडिट- PTI)

पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है. पछुआ और उत्तर पश्चिमी हवाएं पश्चिमी क्षेत्रों से धूल और धुआं दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ले आई.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (National Capital Delhi) की वायु गुणवत्ता  (Air Quality) रविवार को ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई. पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है. पछुआ और उत्तर पश्चिमी हवाएं पश्चिमी क्षेत्रों से धूल और धुआं दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ले आई.

दिल्ली में पूरे सप्ताह हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ के बीच रही, इसमें शनिवार को थोड़ा सुधार हुआ और गुणवत्ता ‘मध्यम’ हो गई थी. इसका कारण मुख्य रूप से तेज हवाएं रहीं, जिसने प्रदूषकों का प्रभाव कम कर दिया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से प्राप्त जानकारी में कहा गया है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर रविवार दोपहर लगभग 100 अंक बढ़ गया, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार के 161 की अपेक्षा 258 तक पहुंच गया.

 

ऐसे होती है AQI के जरिए हवा की पहचान

AQI शून्य से 50 के बीच होने पर ‘अच्छा’ होता है, जबकि 51 से 100 के बीच होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच होने पर उसे ‘गंभीर’ समझा जाता है.

 

मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर के दौरान सबसे ज्यादा जलाई जाती है पराली
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दिल्ली के वातावरण में शुक्रवार को पीएम 2.5 सांद्रता में पराली जलाने की भागीदारी 7% हो गई. पंजाब और आसपास के राज्यों में 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच पराली जलाने की अधिकतम घटनाएं होती हैं. यह दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है. पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में पराली जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद, वित्तीय प्रोत्साहन के अभाव में किसान ऐसा कर रहे हैं.

राज्य सरकारें दे रही हैं आधुनिक कृषि उपकरणों पर 50 से 80% सब्सिडी
राज्य सरकारें किसानों और सहकारी समितियों को पराली के उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि उपकरण (Modern Agricultural Equipment) खरीदने और पराली जलाने के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के लिए 50 से 80% सब्सिडी प्रदान कर रही हैं.

दिल्ली सरकार ने बार-बार जोर दिया है कि दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता का प्रमुख कारण पराली जलाना था. सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण की रोकथाम और स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकी है.

(इनपुट भाषा)

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First published: October 20, 2019, 11:23 PM IST
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