Delhi Coronavirus : कोविड-19 की जद में ज्यादा आए 5-17 साल के नाबालिग, सीरो-सर्वे के नतीजों ने सरकार की बढ़ाई चिंता

Delhi Coronavirus : कोविड-19 की जद में ज्यादा आए 5-17 साल के नाबालिग, सीरो-सर्वे के नतीजों ने सरकार की बढ़ाई चिंता
. (Reuters/ News18.com)

Delhi Coronavirus सीरो सर्वेक्षण (Delhi Sero Survey) में रक्त सीरम का परीक्षण किया जाता है और यह देखा जाता है कि किसी संक्रमण के खिलाफ उसमें एंटीबॉडीज विकसित हुईं हैं या नहीं.

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  • Last Updated: August 25, 2020, 12:23 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Delhi Coronavirus) के मामलों पर नियंत्रण तो है लेकिन हालिया सीरो सर्वे (Sero Survey) में सामने आए एक तथ्य ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में सीरो सर्वे के रिजल्ट्स में सामने आया है कि सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार इसमें शामिल होने वाले 5-17 वर्ष की आयु के 34.7 प्रतिशत लोगों में कोविड -19 के एंटीबॉडी थे, जबकि आंकड़ा 50 वर्ष से अधिक आयु वालों में 31.2 प्रतिशत और 18-49 वर्ष के लोगों में यह 28.5 प्रतिशत था.

बता दें सीरो के एक नए सर्वेक्षण में पाया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में 29.1 प्रतिशत लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ प्रतिरक्षी (एंटी बॉडीज) विकसित हो गए हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने यह जानकारी दी थी. जैन ने कहा था कि एक से सात अगस्त के बीच यहां 11 जिलों से 15,000 नमूने एकत्रित किए गए और अगली प्रक्रिया एक सितंबर से शुरू होगी. जैन ने कहा,‘ इससे पहले के सर्वेक्षण में पाया गया था कि 22 प्रतिशत लोगों में एंटी बॉडीज विकसित हुए हैं. अब अगस्त में हुआ सर्वेक्षण दिखाता है कि यह आंकड़ा बढ़कर 29.1 प्रतिशत हो गया है, इसका तात्पर्य यह है कि लोग संक्रमित हुए और ठीक भी हो गए.’

सर्वे के रिजल्ट्स के बाद सवाल यह उठ रहे हैं कि आखिर स्कूल बंद और फिर भी नाबालिगों के भीतर आई इन्म्यूनिटी की वजह क्या है. दिल्ली सरकार मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) से जिला आधारित डेटा का इंतजार कर रही है ताकि इसकी वजहों की गहराई में जाया जा सके. ThePrint की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा (DGHS) नूतन मुंडेजा ने बताया कि वह MAMC से डेटा मिलने के बाद ही टिप्पणी कर पाएंगे.



MAMC तैयार कर रही है पूरी रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार MAMC के एक सीनियर डॉक्टर ने कहा कि वह अभी भी पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं और अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पिछले सर्वे के मुकाबले इस सर्वे में किन जिलों में इम्यूनिटी में बढ़ोतरी हुई है. डॉक्टर ने कहा, हालांकि इसकी मुख्य वजहों का पता लगाना मुश्किल है लेकिन अनाधिकृत कालोनियों वाले क्षेत्रों में या कम आर्थिक तबके की आबादी वाले क्षेत्रों में सोशल डिस्टेंसिंग होना मुश्किल है. विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार में वयस्कों के संपर्क में आने से बच्चों में इंफेक्शन आने के आसार हैं.

ग्लोबल हेल्थ और बायोएथिक्स के रिसर्चर अनंत भान ने कहा, ' भले ही स्कूल बंद हैं  लेकिन 18 साल से कम उम्र के बच्चे कोविड 19 के प्रति अभी भी अतिसंवेदनशील हैं. हो सकता है कि इसका असर बहुत ही कम हो. इसकी संभावना है कि  मास्क, हाथ साफ रखने और फिजिकल डिस्टेंसिंग सरीखे नियमों का पालन दूसरे बच्चों के मुकाबले कम हो.
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