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कोरोना संक्रमण पर बड़ा फैसला, तिहाड़ जेल से रिहा होंगे 3000 कैदी

News18India
Updated: March 23, 2020, 8:40 PM IST
कोरोना संक्रमण पर बड़ा फैसला, तिहाड़ जेल से रिहा होंगे 3000 कैदी
जेल से रिहा होंगे कैदी.

कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए लिया गया है फैसला. तिहाड़ जेल (Tihar Jail) से 3000 में से कम से कम 1500 कैदी पैरोल, फर्लो या अंडर ट्रायल पर अंतरिम जमानत के तहत छोड़े जाएंगे.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 8:40 PM IST
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नई दिल्‍ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को रोकने और उससे निपटने के लिए सरकार के स्‍तर पर कोशिशें जारी हैं. लोगों से घरों में रहने और सोशल डिस्‍टैंसिंग (social Distancing) की अपील की गई है. इसी क्रम में दिल्‍ली स्थित तिहाड़ जेल प्रशासन (Tihar jail) ने बड़ा फैसला लिया है. उनके अनुसार तिहाड़ जेल में बंद 3000 कैदियों को रिहा किया जाएगा.  इनमें कम से कम 1500 कैदी पैरोल, फर्लो या अंडर ट्रायल पर अंतरिम जमानत के तहत छोड़े जाएंगे.

मिलेगी स्‍पेशल पैरोल या फर्लो
सोमवार को प्राप्‍त आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्‍या 467 पहुंच गई है. दिल्‍ली में इसके 29 मामले सामने आए हैं. इसे देखते हुए दिल्‍ली सरकार ने सोमवार को दिल्‍ली हाईकोर्ट से कहा था कि उसने अपनी जेलों में बंद कैदियों को कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार के चलते स्‍पेशल पैरोल और फर्लो के तहत छोड़ने का निर्णय लिया है.

दो जजों की बेंच को दी जानकारी



दिल्‍ली की आप सरकार की ओर से हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच (जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सुब्रमण्‍यम प्रसाद) को यह जानकारी दी गई थी कि सरकार अपने जेल संबंधी नियमों में संशोधन कर रही है, जिससे कि कैदियों को स्‍पेशल पैरोल और फर्लो पर छोड़ जाने का रास्‍ता साफ हो सके.

दिल्‍ली सरकार की ओर से हाईकोर्ट में यह जानकारी उसके एडिशनल स्‍टैंडिंग काउंसल अनुज अग्रवाल की ओर से दी गई. उनके अनुसार राज्‍य सरकार अगले कुछ दिनों में जेल नियमावली में दो प्रावधानों के संबंध में संशोधन को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया है आदेश
बता दें कि देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी बड़ा आदेश दिया है. अदालत ने जेलों में भीड़भाड़ के चलते फैलने वाले संक्रमण के खतरे के मद्देनजर कैदियों को बाहर निकालने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 7 साल तक की सजा के मामले में आरोपियों और सजायाफ्ता दोषियों को जमानत या पैरोल पर छोड़ा जाए.

'राज्य सरकारें हाई पावर कमेटी बनाएं'
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकारें हाई पावर कमेटी बनाएं. इस कमेटी में लॉ सेक्रेटरी, स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के चैयरमैन, जेल के डीजी शामिल होंगे. ये कमेटी तय करेगी कि 7 साल की सज़ा वाले मामलों में किन सजायाफ्ता दोषियों और अंडर ट्रायल कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर छोड़ा जा सकता है, ताकि जेल में भी सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो किया जा सके. अदालत ने इस मामले में स्वत: संज्ञान से ये आदेश दिया.

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First published: March 23, 2020, 8:18 PM IST
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