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कोरोना मरीजों के लिए दिल्ली को मिलेंगे 800 बिस्तरों वाले रेलवे कोच, रोज होंगे 60 हजार टेस्ट: गृह मंत्रालय

दिल्ली में पहली बार 11 नवंबर को कोविड-19 के 8,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए. (सांकेतिक तस्वीर)
दिल्ली में पहली बार 11 नवंबर को कोविड-19 के 8,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए. (सांकेतिक तस्वीर)

Delhi Coronavirus Cases: गृह मंत्रालय ने विशेषज्ञों की 10 टीमें बनाई हैं जो दिल्ली के 100 से ज्यादा निजी अस्पतालों में जाकर वहां बिस्तरों के उपयोग, जांच की क्षमता और आईसीयू के लिए अतिरिक्त बिस्तरों की पहचान करने का काम करेंगी. टीमें अस्पतालों का दौरा कर रही हैं.

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नई दिल्ली. केन्द्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने बुधवार को बताया कि कोविड-19 ड्यूटी (Covid-19 Duty) के लिए अर्द्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के 45 डॉक्टर और 160 चिकित्साकर्मी दिल्ली पहुंच चुके हैं, वहीं भारतीय रेल (Indian Railways) राष्ट्रीय राजधानी को 800 बिस्तरों वाले कोच उपलब्ध कराएगा जिनका उपयोग स्वास्थ्य और पृथक-वास केन्द्रों (Isolation Wards) के रूप में होगा. केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) दिल्ली हवाईअड्डे (Delhi Airport) के पास स्थित कोविड-19 अस्पताल (Covid-19 Hospital) में अगले तीन-चार दिनों में आईसीयू में मौजूदा 250 बिस्तरों में 250 अतिरिक्त बिस्तर जोड़ने जा रहा है. इसके अलावा 35 बीआईपीएपी बिस्तर भी उपलब्ध कराए जाएंगे.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) की अध्यक्षता में रविवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए 12 फैसलों को लागू करने के क्रम में यह कदम उठाया गया है. दिल्ली में 28 अक्टूबर से कोविड-19 के नए मामलों में तेजी आयी है और उस दिन पहली बार शहर में 5,000 से ज्यादा नए मामले आए थे. शहर में पहली बार 11 नवंबर को कोविड-19 के 8,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए.

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दिल्ली में करीब 5 लाख लोग कोरोना की चपेट
दिल्ली में कल मंगलवार को कोविड-19 के 6,396 नए मामले आए हैं. शहर में अभी तक 4.95 लाख से ज्यादा लोग इस महामारी की चपेट में आए हैं. प्रशासन ने बताया कि महामारी से और 99 लोगों की मौत होने के साथ संक्रमण से मरने वालों की संख्या 7,812 हो गई है. राष्ट्रीय राजधानी में नए मामलों में वृद्धि का कारण त्योहारी सीजन, बढ़ते प्रदूषण और कोविड-19 नियमों में ढील को माना जा रहा है.

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि हवाईअड्डे के निकट स्थित डीआरडीओ के अस्पताल और छत्तरपुर स्थित कोविड-19 देखभाल केन्द्र में तैनाती के लिए अर्द्धसैनिक बलों के 45 डॉक्टर और 160 चिकित्साकर्मी दिल्ली आए हुए हैं.

अधिकारियों ने बताया कि बाकी डॉक्टर और चिकित्साकर्मी अगले कुछ दिनों में दिल्ली आ जाएंगे. उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने विशेषज्ञों की 10 टीमें बनाई हैं जो दिल्ली के 100 से ज्यादा निजी अस्पतालों में जाकर वहां बिस्तरों के उपयोग, जांच की क्षमता और आईसीयू के लिए अतिरिक्त बिस्तरों की पहचान करने का काम करेंगी. टीमें अस्पतालों का दौरा कर रही हैं.

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नवंबर के अंत तक रोज होंगे 60,000 टेस्ट
भारतीय रेल शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन पर 800 बिस्तरों वाले कोच मुहैया करा रहा है. अर्धसैनिक बलों के डॉक्टर और चिकित्साकर्मी इन कोविड-19 सह पृथक-वास केन्द्रों में आने वाली मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी उठाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और दिल्ली सरकार साथ मिलकर नवंबर के अंत तक 60,000 आरटी-पीसीआर जांच प्रतिदिन की क्षमता विकसित करने पर काम कर रहे हैं. प्रवक्ता ने बताया कि 17 नवंबर को दिल्ली में रोजाना 10,000 जांच की क्षमता है.

इसके तहत एम्स, दिल्ली में आरटी-पीसीआर जांच के पांच लैब काम करने लगे हैं.

घर-घर जाकर सर्वे करने की भी है योजना
अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में घर-घर जाकर सर्वे करने की योजना अंतिम चरण में हैं और उसके इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना है. सर्वे 25 नवंबर तक पूरा होने की आशा है. प्रवक्ता के अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) ने बेंगलुरु से 250 वेंटिलेटर भेजे हैं जो सप्ताह के अंत तक दिल्ली पहुंचेंगे. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली हवाईअड्डे के पास स्थित डीआरडीओ के अस्पताल के लिए 35 बीआईपीएपी मशीनें भेजी हैं.

दिल्ली वासियों के लिए कोविड-19 की जांच आसान बनाने के लक्ष्य से आईसीएमआर अगले सप्ताह से चरणबद्ध तरीके से 10 मोबाइल जांच वैन तैनात करेगा जिनकी क्षमता 20,000 जांच की होगी.

दिल्ली में कोविड-19 हालात को लेकर रविवार को हुई बैठक में गृहमंत्री अमित शाह के अलावा दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने हिस्सा लिया था.
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