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दिल्ली से मेरठ का सफर सिर्फ 50 मिनट में, 1 अप्रैल से मेरठ एक्सप्रेस-वे को खोलने की तैयारी

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे टोल दरों का निर्धारण अगले दो-तीन दिन में होने की संभावना है. फाइल फोटो

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे टोल दरों का निर्धारण अगले दो-तीन दिन में होने की संभावना है. फाइल फोटो

Delhi-Meerut expressway: 14 लेन के इस एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली के सराय काले खां से यूपी गेट तक गाड़ियों के लिए 70 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड रखी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 8:35 PM IST
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नई दिल्ली. एक अप्रैल से दिल्ली से मेरठ का सफर सिर्फ 50 मिनट में तय हो सकेगा. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मेरठ एक्सप्रेस-वे को 1 अप्रैल से इसे खोलने की तैयारी कर ली है. अभी दिल्ली से मेरठ पहुचने में 2 घंटे से ज्यादा समय लगता है, लेकिन 1 अप्रैल से ये सफर सिर्फ 50 मिनट में तय किया जा सकेगा. दिल्ली के सराय काले खां से यूपी गेट तक के एक्सप्रेस-वे पर आवाजाही पहले से ही चल रही है. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने जून 2018 में किया था. काफी लंबे समय से मेरठ एक्सप्रेस-वे के खुलने का इंतजार था, लेकिन 1 अप्रैल को ये इंतजार खत्म हो जाएगा.

NHAI यानी नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसे पब्लिक के लिए खोलने की तैयारी कर ली है. इस एक्सप्रेस-वे के खुल जाने से हजारों लोगों का सफर आसान हो जाएगा. फिलहाल इस एक्सप्रेस-वे को टोल फ्री रखा गया है. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुदित गर्ग ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे ऐसा पहला एडवांस एक्सप्रेस-वे होगा, जिस पर चलती गाड़ी से टोल टैक्स कट जाएगा. हर 8 से 10 किमी की दूरी पर एक्सप्रेस-वे की हर लेन के ऊपर डिस्प्ले लगाई गई है, जिस पर चलती हुई गाड़ी की गति को देख सकेंगे.

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मुदित गर्ग ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि एक्सप्रेस-वे को एक अप्रैल को खोले जाने की मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. लेकिन, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे टोल दरों का निर्धारण अगले दो-तीन दिन में होने की संभावना है. टोल की दरें क्या होंगी इसके लिए एनएचएआई ने सड़क परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है, मंत्रालय से हरी झंडी मिलने तक टोल नहीं देना होगा.



दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की खासियत?
सराय काले खां से यूपी गेट तक एक्सप्रेस्वे का जून 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने उद्घाटन किया था, जिसके बाद गाजियाबाद से दिल्ली और दिल्ली से गाजियाबाद जाने में लोगों को काफी सहूलियत हो रही है. लेकिन, अब मेरठ तक बने इस एक्सप्रेस-वे को औपचारिक तौर पर 1 अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा. खास बात ये है कि ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिडिंग सिस्टम के तहत एक्सप्रेस-वे पर कैमरे के माध्यम से टोल टैक्स की वसूली होगी.

सराए काले खां से लेकर मेरठ के बीच लगभग दो सौ कैमरे लगाए गए हैं. जैसे ही आपकी गाड़ी टोल रोड पर दौड़ेगी, किलोमीटर के हिसाब से टैक्स आपको देना होगा. कैमरे में आपकी गाड़ी का नम्बर कैद होगा, ये गाड़ी के दोनों ओर से लिए गए फोटो के आधार पर टैक्स तय किया जाएगा. टोल की दरें तय करने के लिए एनएचएआई ने मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है.

टोल के लिए NHAI का प्रस्ताव
14 लेन के इस एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली के सराय काले खां से यूपी गेट तक गाड़ियों के लिए 70 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड रखी गई है, जबकि यूपी गेट से मेरठ तक 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ सकेंगी. हर 500 मीटर से 1 किलोमीटर पर कैमरे लगाए गए हैं, स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने पर जुर्माना भी लगेगा. सूत्रों के मुताबिक टोल तय करने के लिए जो प्रस्ताव ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री को भेजा है, उसके मुताबिक दिल्ली से मेरठ तक का टोल ₹125 से लेकर ₹150 तक रखा जा सकता है.

सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इस एक्सप्रेस-वे पर सराय काले खां से यूपी गेट तक का भी टोल चुकाना पड़ेगा. एंट्री पॉइंट से कैमरा कैच करेगा और फिर एक्जिट पॉइंट पर कैमरा कैच करेगा, इस हिसाब से टोल कटेगा.
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