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Delhi Violence: घर जला, दुकान खत्म और स्कूल भी राख- हर दिल पर गहरे दाग छोड़ गई दिल्ली की हिंसा

News18Hindi
Updated: February 27, 2020, 9:29 AM IST
Delhi Violence: घर जला, दुकान खत्म और स्कूल भी राख- हर दिल पर गहरे दाग छोड़ गई दिल्ली की हिंसा
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में हुई हिंसा में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है.

Delhi Violence: शिव चौक विहार, मुस्तफाबाद और करावल नगर के बीच पड़ता है. यहां हिंसा की ऐसी कई कहानियां हैं. पूर्वोत्तर दिल्ली के इस हिस्से में पिछले तीन दिनों में हुई सांप्रदायिक झड़पों में कुछ भी नहीं बचा है.

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  • Last Updated: February 27, 2020, 9:29 AM IST
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(शिवांस शर्मा, सुहास मुंशी)

नई दिल्ली. अंकित पाल अपने सहकर्मी दिलबर नेगी के लिए काफी परेशान था. दोनों शिव विहार चौक स्थित अनिल स्वीट्स में काम करते थे. मंगलवार को हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने इस दुकान को आग के हवाले कर दिया.

News18 से बातचीत में अंकित पाल बताते हैं, 'बीते दो दिनों से हम अपने घरों में छिपे हुए थे. आज (बुधवार) को अपने आसपास चेकिंग के लिए निकले हैं. सबकुछ बर्बाद हो गया. लेकिन, सबसे चिंता की बात है कि हम अपने सहयोगी दिलबर नेगी से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं.'

जले हुए दुकानों और सामानों के बीच से होकर News18 की टीम उस बहुमंजिला मिठाई की दुकान पर पहुंची, जिसमें सब कुछ खाक हो चुका था. अंदर से धुंआ अभी भी निकल रहा था. जब हमारी टीम दूसरी मंजिल पर पहुंची, तो हमें वहां जली हुई लाश मिली. चेहरे और पैरों को छोड़कर सबकुछ जल चुका था. फिलहाल ये पता नहीं था कि लाश दिलबर नेगी की थी या किसी और की. कुछ मिनटों में पुलिस की टीम पहुंची और लाश को उठाकर ले गई.



शिव चौक विहार, मुस्तफाबाद और करावल नगर के बीच पड़ता है. यहां हिंसा की ऐसी कई कहानियां हैं. पूर्वोत्तर दिल्ली के इस हिस्से में पिछले तीन दिनों में हुई सांप्रदायिक झड़पों में कुछ भी नहीं बचा है. उपद्रवियों ने सबकुछ बर्बाद कर दिया. एक स्कूल को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है. एक-एक क्लास रूम में तोड़फोड़ मचाई गई है. एक गोदाम और उसमें लगी सभी तीन दर्जन कारें जलकर राख हो गईं; कई घरों, दुकानों और वाहनों से अभी भी धुआं निकल रहा है. यही नहीं, बुधवार सुबह भागीरथी विहार के पास पांच घरों को आग के हवाले कर दिया गया. कई दुकानों में भी तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई है.

News18 की टीम थोड़ी आगे बढ़ी तो हमें मुकेश कुमार मिले. हिंसा और आगजनी के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया, 'मेरा सबकुछ खो गया है. उनलोगों ने मेरी दुकान में आग लगा दी. अगर पुलिस वक्त पर यहां पहुंचती, तो शायद हमारी कुछ संपत्ति बच जाती.' वह आगे बताते हैं, 'मुझे लेकर 8 लोग 24 घंटे कर इसी जगह छिपे रहे. कल हम किसी तरह यहां से भाग पाए. अगर हम नहीं छिपते, तो शायद दंगाई हमें भी जला देते.'


इस इलाके में बीते तीन दिन से हालात खराब हो गए हैं, जिसके बाद सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने कर्फ्यू लगा दिया है. वहीं, मौजपुर के निवासियों का कहना है कि कर्फ्यू सिर्फ उनके लिए लगाया गया है, उपद्रवियों के लिए नहीं.

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उपद्रवियों ने इस स्कूल में भी तबाही मचाई.


मौजपुर से जब हमारी टीम खजूरी खास पहुंची, तो लोग उन घरों के अवशेषों को इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे थे, जिनमें मंगलवार को उपद्रवियों ने तोड़फोड़ और लूटपाट के बाद आग लगा दी थी. ये लोग पुलिस को लेकर आक्रोशित थे. इनका कहना है कि जब उपद्रवी आगजनी और आगजनी कर रहे, उसके 1.5 घंटे बाद पुलिस पहुंची.

एक ऑटोरिक्शा चालक मोहन सिंह ने बताया, 'भीड़ में कुछ 1000 से ज्यादा लोग थे. उनलोगों ने डेढ़ से दो घंटे तक तबाही मचाई. भीड़ ने हमारे घरों को लूट लिया और बाद में आग लगा दिया. पुलिस वक्त पर नहीं पहुंची.' मोहन आगे बताते हैं, 'अपना घर बनाने में मेरी पूरी जिंदगी लग गई. अब सब कुछ खत्म हो गया है.'


News18 की टीम ने मौजपुर, गोकुलपुरी, भागीरथी कॉलोनी, मुस्तफाबाद, करावल नगर, शिव विहार, चांद बाग और खुरेजी का दौरा किया. यहां हमें बस जली दुकानें, उजड़े घर, खाक हो चुके ट्रक-ट्रैक्टर और गाड़ियां थी. जिंदगी नहीं.


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First published: February 27, 2020, 8:19 AM IST
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