दिल्ली की जहरीली हवा छीन रही है आपकी जिंदगी के 10 साल: स्टडी

दिल्ली की जहरीली हवा छीन रही है आपकी जिंदगी के 10 साल: स्टडी
प्रतीकात्मक

इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत इस समय दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित देश है. उससे ऊपर बस नेपाल है.

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दिल्ली में हवा की क्वालिटी पिछले दो दशकों के दौरान सबसे घातक थी और इसने यहां लोगों की जिंदगी के औसतम 10 साल छीन लिए. दरअसल सोमवार को आए एक नए अध्ययन में यह बताया गया है. इसमें यह भी बताया गया कि देश के 50 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में दिल्ली दूसरे नंबर पर रही. इससे ऊपर बस बुलंदशहर का स्थान है.

इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत इस समय दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित देश है. उससे ऊपर बस नेपाल है. इस स्टडी में कहा गया कि एशिया में जीवन प्रत्याशा की कमी सबसे ज्यादा हुई है, जो भारत और चीन के अनेक हिस्सों में छह साल से ज्यादा कम हो गई.

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एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट एट द यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो (एपिक) द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में सूक्ष्मकणों से प्रदूषण से लोगों की जिंदगी के औसतन 1.8 साल कम हुए हैं और यह इंसानी सेहत के लिए सबसे बड़ा वैश्विक खतरा बन रही है.



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रिपोर्ट के मुताबिक, 'सूक्ष्मकणों से प्रदूषण का जीवन प्रत्याशा पर असर एक बार के धूम्रपान से पड़ने वाले असर के बराबर, दोगुने शराब और ड्रग्स के सेवन, असुरक्षित पानी के तीन गुना इस्तेमाल, एचआईवी-एड्स के पांच गुना संक्रमण और आतंकवाद या संघर्ष से 25 गुना अधिक प्रभाव के बराबर हो सकता है.'

इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि पिछले दो दशकों के दौरान दिल्ली की हवा में घुले सस्पेंडेड पार्टिकल्स औसतन 69 प्रतिशत बढ़ गए, जिससे एक भारतीय नागरिक की जीवन अवधि की संभावना 4.3 साल कम हुई, जबकि 1996 में जीवन प्रत्याशा में 2.2 साल की कमी का अनुमान लगाया गया था.
First published: November 20, 2018, 8:01 AM IST
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