WHO की टॉप साइंटिस्ट ने कहा- वैश्विक रूप से प्रभावी होने लगा है डेल्टा वैरिएंट

यह बात एक टॉप एक्सपर्ट ने कही है. (सांकेतिक तस्वीर)

सौम्या स्वामीनाथन (Soumya Swaminathan) ने कहा-डेल्टा वैरिएंट (Delta COVID Variant) अब दुनियाभर में प्रभावी वैरिएंट के रूप में उभर रहा है. इसका कारण इसकी संक्रमण की क्षमता है.

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    जिनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन (Soumya Swaminathan) ने कहा है कि डेल्टा वैरिएंट (Delta COVID Variant) अब वैश्विक रूप से प्रभावी हो रहा है. बता दें ये वैरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था. शुक्रवार को सौम्या स्वामीनाथन ने कहा- डेल्टा वैरिएंट अब दुनियाभर में प्रभावी वैरिएंट के रूप में उभर रहा है. इसका कारण इसकी संक्रमण की क्षमता है.

    बता दें कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के बीच विभिन्न देशों में मिलते नए वैरिएंट्स के नामकरण को लेकर समस्याएं आ रही थीं. आम बोलचाल में इन वैरिएंट्स को उन देशों के नाम से भी पुकारा जाने लगा था जहां पर वो मिले. इसे लेकर हाल ही में भारत ने आपत्ति जाहिर की थी. ऐसे ही बीते साल चीन ने भी कोरोना को 'वुहान वायरस' कहने पर आपत्ति जाहिर की थी. जून महीने की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस समस्या का समाधान तलाश लिया. कोरोना वैरिएंट्स का नामकरण ग्रीक अल्फाबेट के आधार पर किया गया है.

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    WHO ने नामकरण की ये नई व्यवस्था व्यापक रायशुमारी के बाद शुरू की
    भारत में अक्टूबर 2020 में मिले वैरिएंट B.1.617.2 को डेल्टा वैरिएंट (Delta) कहा गया है. इसके अलावा एक अन्य स्ट्रेन B.1.617.1 का नामकरण 'कप्पा' (Kappa) किया गया है. WHO ने नामकरण की ये नई व्यवस्था व्यापक रायशुमारी के बाद शुरू की है. भारत की तरह अन्य देशों में मिले वैरिएंट का नामकरण किया गया है. ब्रिटेन में 2020 में मिले वैरिएंट को 'अल्फा' कहा गया है. दक्षिण अफ्रीका में मिले वैरिएंट को 'बीटा' कहा जाएगा. वहीं ब्राजील में मिले वैरिएंट का नामकरण 'गामा' किया गया है. इसी तरह अमेरिका में मिले वैरिएंट का भी नाम रखा गया है.

    इससे पहले ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक रिपोर्ट में कहा था कि सबसे पहले भारत में पाए गए कोविड-19 डेल्टा वेरिएंट या चिंताजनक वेरिएंट (वीओसी) बी1.617.2, ब्रिटेन में पाए गए अल्फा स्वरूप से लगभग 60 प्रतिशत अधिक संक्रामक है और टीकों की प्रभावशीलता को भी कुछ हद तक कम कर देता है.

    साप्ताहिक आधार पर वीओसी का पता लगा रहे पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने अपने ताजा विश्लेषण में कहा, ''पीएचई के नए अध्ययन बताते हैं कि डेल्टा वेरिएंट अल्फा वेरिएंट की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत अधिक संक्रामक है. सभी क्षेत्रों में डेल्टा के मामलों की वृद्धि दर ऊंची है. स्थानीय आकलन के अनुसार इनकी संख्या 4.5 से 11.5 दिन के बीच दोगुनी हो जाती है.''

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