Home /News /nation /

Covid-19: कोरोना वायरस का कौन सा वेरिएंट है सबसे ज्यादा जानलेवा, डेल्टा या डेल्टा प्लस?

Covid-19: कोरोना वायरस का कौन सा वेरिएंट है सबसे ज्यादा जानलेवा, डेल्टा या डेल्टा प्लस?

भारत में कोरोना की दूसरी लहर डेल्टा वेरिएंट से आई थी. अब तक ये 84 देशों में फैल चुका है.

भारत में कोरोना की दूसरी लहर डेल्टा वेरिएंट से आई थी. अब तक ये 84 देशों में फैल चुका है.

Coronavirus Delta Plus: भारत में डेल्टा प्लस का संक्रमण फिलहाल कम है. वैज्ञानिकों की नज़र इस बात पर है कि कही आने वाले दिनों ये वेरिएंट ज्यादा तेजी से लोगों को अपनी चपेट में न लेने लगे.

    नई दिल्ली. पिछले दिनों मुंबई में कोरोना से एक मौत ने हर किसी को डरा दिया है. 63 साल के एक महिला की मौत कोरोना वायरस (Coronavirus) के डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta) से हुई. अब तक देश भर में इस वेरिएंट से तीन लोगों की जान जा चुकी है. पिछले महीने महाराष्ट्र के रायगढ़ ज़िले में 69 साल की एक महिला की मौत भी कोरोना के इसी वेरिएंट से हुई. इसके अलावा रत्नागिरी में भी 80 साल की महिला की जान चली गई. लिहाज़ा देश भर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच डेल्टा प्लस वेरिएंट से हुई मौत ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है.

    भारत में कोरोना की दूसरी लहर डेल्टा वेरिएंट से आई थी. अब तक ये 84 देशों में फैल चुका है. अब डेल्टा के म्युटेंट से ही निकला डेल्टा पल्स वेरिएंट हर तरफ तबाही मचा रहा है. ये अब तक 11 देशों में फैल चुका है. इसके अलावा इस वेरिएंट की पहचान तीन राज्यों- महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश में हुई है. वैज्ञानिक और लैब की नजर फिलहाल डेल्टा प्सल वेरिएंट पर है. ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर कोरोना का डेल्टा प्लस वेरिएंट पर मौजूदा वैक्सीन का असर है या नहीं.

    क्या डेल्टा प्लस वेरिएंट ज्यादा खतरनाक है?
    भारत में डेल्टा प्लस का संक्रमण फिलहाल कम है. वैज्ञानिकों की नज़र इस बात पर है कि कही आने वाले दिनों ये वेरिएंट ज्यादा तेजी से लोगों को अपनी चपेट में न लेने लगे. चूंकि AY.1 और AY.2 दोनों डेल्टा के वंशज हैं, इसलिए उनके डेल्टा वेरिएंट के कुछ गुणों को साझा करने की संभावना है, जैसे ट्रांसमिसिबिलिटी. इसके अलावा, K417N म्युटेशन बीटा वेरिएंट में मौजूद है. ये एंटीबॉडीज़ को कई बार चकमा दे सकता है. भारत सरकार के अनुसार, डेल्टा प्लस वेरिएंट तेज़ी से फैलता है. ये फेफड़ों की कोशिकाओं पर आक्रमण करता है. डेल्टा प्लस वेरिएंट कथित तौर पर डेल्टा की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तेजी से फैलता है.

    डेल्टा के मुकाबले कितनी तेजी से फैलता है डेल्टा प्लस?
    लैब स्टडीज और जीनोमिक डेटा के अनुसार, वैज्ञानिकों की राय है कि डेल्टा प्लस डेल्टा वेरिएंट की तुलना में तेजी से नहीं बढ़ रहा है. यहां तक ​​​​कि डेल्टा प्लस के मामले 12 राज्यों में पाए गए हैं. INSACOG के अनुसार जो 28 प्रयोगशालाओं का एक ग्रुप है वायरस की जीनोम के लिए 12 राज्यों के 45,000 सैंपल में से 48 ऐसे वेरिएंट मिले हैं जो म्युटेंट के जरिए तेज़ी से फैल सकते हैं.

    क्या है लक्षण?
    भारत में शीर्ष वायरोलॉजिस्ट के मुताबिक डेल्टा प्लस वेरिएंट के प्रमुख लक्षण हैं- खांसी, दस्त, बुखार, सीने में दर्द, सांस की तकलीफ, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, पेट दर्द, जी मिचलाना और भूख न लगना
    डेल्टा और डेल्टा प्लस का मुकाबला करने में टीके कितने प्रभावी हैं?
    विशेषज्ञों का कहना है कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में कोविशील्ड की एक खुराक भी 70% से अधिक प्रभावी है. लेकिन जहां तक ​​डेल्टा प्लस का सवाल है, फिलहाल रुझान स्पष्ट नहीं हैं.

    Tags: Delta Plus Variant, Delta Variant

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर