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दल-बदलुओं को चुनाव नहीं लड़ने देने की मांग, SC ने सरकार और EC से मांगा जवाब

ख्य न्यायाधीश एस एस बोबड़े (CJI SA Bobde) की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है.
ख्य न्यायाधीश एस एस बोबड़े (CJI SA Bobde) की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है.

Anti Defection Law: याचिका में कहा गया है 'एक बार सदन का सदस्य 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य हो जाता है, तो उसे चुने गए कार्यकाल के दौरान फिर से चुनाव लड़ने नहीं दिया जा सकता.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 8:13 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को दल-बदल कानून (Anti Defection Law) के संबंध में दायर की गई याचिका पर कार्रवाई की है. सर्वोच्च अदालत ने याचिका को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission of India) और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है. कांग्रेस (Congress) नेता की तरफ से दायर की गई याचिका में 10वीं सूची के तहत अयोग्य ठहराए गए विधायकों को सदन के कार्यकाल के दौरान उपचुनाव लड़ने से रोकने की मांग की गई थी.

मुख्य न्यायाधीश एसएस बोबडे (CJI SA Bobde) की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है. अदालत ने दोनों से चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. इस याचिका में कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने हाल ही में हुई सियासी घटनाओं का जिक्र किया है, जिसमें विधानसभा के सदस्य इस्तीफा दे देते हैं और सरकार गिर जाती है. जिसके बाद वे दोबारा विरोधी पार्टी की बनाई सरकार के साथ मंत्रियों के रूप में उभर कर आते हैं.

याचिका में कहा गया है, 'एक बार सदन का सदस्य 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य हो जाता है, तो उसे चुने गए कार्यकाल के दौरान फिर से चुनाव लड़ने नहीं दिया जा सकता.' इस दौरान याचिकाकर्ता ने कर्नाटक, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की सियासी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि एक विधायक भी जो स्वेच्छा से इस्तीफा देता है, वो दल बदल कानून के दायरे में आता है और उसे अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए. अनुसूची में साफ है कि सांसद या विधायक बनने की अयोग्यता निश्चित सदन के पूरे 5 वर्षों के कार्यकाल तक जारी रहती है.




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गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी. हालांकि, बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस सरकार मुश्किल में आ गई थी. वहीं, कांग्रेस में शामिल सिंधिया समर्थकों ने बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. जिसके बाद कांग्रेस सरकार गिर गई और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बनाए गए.

इसके बाद राजस्थान में भी अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार है, लेकिन यहां भी खबरें आईं थी कि पॉपुलर नेता सचिन पायलट पार्टी छोड़ने का विचार कर रहे है. इसके बाद भी कई हफ्तों तक चले सियासी ड्रामे के बाद राजस्थान में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ था. राज्य में अभी भी कांग्रेस की सरकार है.
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