अब नहीं होगा डेंगू, FDA ने दी एंटी-डेंगू टीका को मान्यता

अब नहीं होगा डेंगू, FDA ने दी एंटी-डेंगू टीका को मान्यता
डेंगू का यह टीका अभी दूसरे टीकों की तरह गांव-गांव, शहर-शहर घूमकर नहीं लगाया जाएगा.

डेंगू का यह टीका अभी दूसरे टीकों की तरह गांव-गांव, शहर-शहर घूमकर नहीं लगाया जाएगा.

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अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने डेंगू के टीके को स्वीकृति दे दी है. इसका नाम डेंग्वाक्सिया है. फिलहाल इसका इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह और बेहद जांच-पड़ताल के बाद ही किया जा रहा है. अभी कुछ बेहद चुनिंदा लोगों को ही इसका इस्तेमाल करने दिया जा रहा है. क्योंकि कुछ लोगों में इस टीके का उल्टा प्रभाव पड़ने की सूचनाएं भी आई हैं. इसलिए यह टीका अभी दूसरे टीकों की तरह गांव-गांव, शहर-शहर घूमकर नहीं लगाया जाएगा.

फिलहाल इसे विकस‌ित करने वाली एजेंसी का दावा है कि यह टीका आ जाने के बाद दुनियाभर के लाखों को डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से निजात दिलाने में सफल होगा. साथ में यहा भी कहा जा रहा है कि एफडीए की ओर स्वीकृति मिलने के बाद बाजार में संघर्ष कर रहा यह उत्पाद एक बार फिर से वापसी करने में सफल होगा.

सिंगापुर के ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डाउने गुल्बर इस टीका को बनाने वालों में सबसे अहम भूमिका निभाई है. उनका कहना है, "यह टीका पूरी दुनिया में साबित कर देगा कि यह डेंगू के‌ लिए एक उचित इलाज है." इन्होंने डेंग्वाक्सिया टीका को पहले टकेडा में रहते हुए बनाया था. लेकिन बाद में सनोफी कंपनी से जुड़ गए थे.



प्रतीकात्मक तस्वीर

टीका से बढ़ जाती थी डेंगू होने की संभावना
सनोफी ने साल 2015 से ही डेग्वाक्सिया को अमेरिका के बाहर के देशों में उतार दिया था. लेकिन साल 2017 में फिलीपींस में स्कूली बच्चों को बांट दिया गया था. लेकिन वहां कई बच्चों पर इसका उलटा प्रभाव पड़ा. इसके बाद सनोफी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था.

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खुद कंपनी को इस बात की घोषणा करनी पड़ी थी कि जिन लोगों को कभी डेंगू नहीं हुआ है, अगर उन्हें टीका लगा दिया जाता है तो उन्हें डेंगू होने की संभवना बढ़ जाती है.

9 से 16 साल के किशारों को ही लगाई जा सकता है ये टीका
अब जब एफडीए ने दोबारा इसे मान्यता दी है तो इस शर्त के साथ कि फिलहाल यह टीका केवल 9 से 16 साल के किशोर व किशोरियों को ही लगाया जाएगा. साथ ही ये टेस्ट पहले ही कर लिया जाएगा और पुख्ता हो लिया जाएगा कि किशोर अथवा किशोरी को पहले ही डेंगू हो चुका है.

दुनिया के एक तिहाई हिस्से में घूम रहे हैं डेंगू के वायरस
केंद्रीय रोग नियंण के एक आंकड़े के अनुसार दुनिया के एक-तिहाई हिस्से में डेंगू होने का खतरा लगातार बना रहता है. इसके वायरस हर जगह मौजूद रहते हैं. आमतौर पर इसके वायरस मच्छर से फैलते हैं.

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ऐसा बताया जा रहा है कि दुनिया में 40 करोड़ से ज्यादा लोग डेंगू की गिरफ्त में आ चुके हैं. जबकि पांच लाख से ज्यादा लोग डेंगू हाईमोरहैजिक फीवर का शिकार हो चुके हैं. जबकि सीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार 20 हजार लोगों की अब तक डेंगू से मौत हो चुकी है.

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