• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • विधानसभा चुनावों से पहले AAP ने कसी कमर, 'देशभक्ति' और 'रामराज्य' हैं केजरीवाल के नए हथियार

विधानसभा चुनावों से पहले AAP ने कसी कमर, 'देशभक्ति' और 'रामराज्य' हैं केजरीवाल के नए हथियार

75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि उनकी सरकार दिल्ली के स्कूलों में देशभक्ति का पाठ्यक्रम लागू करेगी. फाइल फोटो

75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि उनकी सरकार दिल्ली के स्कूलों में देशभक्ति का पाठ्यक्रम लागू करेगी. फाइल फोटो

Aam Aadmi Party ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की हर विधानसभा में तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया है. पहली तिरंगा यात्रा रविवार को आगरा में आयोजित की जाएगी.

  • Share this:

    (रूपश्री नंदा)
    नई दिल्ली.
    ‘हमने दिल्ली को बदल दिया है… मैंने ईश्वर के साथ समझौता किया है कि जब तक मैं अपने देश को दुनिया में नंबर वन नहीं देख लेता, उससे पहले नहीं मरूंगा.’ ये बयान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का है, जिन्होंने 4 अप्रैल 2021 को हरियाणा (Haryana) के जींद में किसानों की महापंचायत में दिया था. केंद्र के तीन कृषि कानूनों (Farm Laws) की वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से केजरीवाल ने अपील करते हुए आखिर तक लड़ाई लड़ने की अपील की थी और लोगों को आश्वासन दिया था कि वे ‘दस साल पहले वाले केजरीवाल’ ही हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री का संकेत अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की तरफ था, जिसने उन्हें राजनीतिक वजन दिया और दिल्ली की सत्ता में बिठा दिया.

    बीते नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से अरविंद केजरीवाल ने उनके हित में उठाए गए कदमों को गिनाया और कहा कि उनकी सरकार ने लंगर के साथ वॉटर टैंक और शौचालय की व्यवस्था भी की है. केंद्र सरकार के दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन (संशोधन) अधिनियम, 2021 का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा था, ‘किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए हमने बड़ी कीमत चुकाई है. वे (बीजेपी की अगुआई वाली केंद्रीय सरकार) हमें इसके लिए परेशान कर रहे हैं. उन्होंने ऐसा कानून पास किया है कि दिल्ली में एक चुनी हुई सरकार और चुने हुए मुख्यमंत्री के पास कोई ताकत नहीं बची है. सारी शक्तियां उप-राज्यपाल को मिल गई है. क्या इसी के लिए आजादी का आंदोलन हुआ था.’ दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन (संशोधन) अधिनियम, 2021 उपराज्यपाल को शक्ति प्रदान करता है और उपराज्यपाल केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं.

    संक्षेप में कहें तो केजरीवाल ने अपनी लाइन सीधी रखी; बीजेपी नीत केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है. अपनी सरकार के रास्ते में रोड़ा अटकाने का उन पर आरोप लगाया और किसानों के आंदोलन का समर्थन किया. इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण ये कि केजरीवाल ने खुद को देशभक्त घोषित कर दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि आम आदमी पार्टी की स्ट्रैटजी बीजेपी के प्लेबुक से निकली है और उसी पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की गई. केजरीवाल ने कहा कि जो लोग किसान आंदोलन के साथ हैं, वे देशभक्त हैं और जो किसानों के आंदोलन के खिलाफ हैं, वे गद्दार हैं.

    दरअसल केजरीवाल का खुद को देशभक्त घोषित करना, 9 वर्षीय आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं का संकेत है. जनवरी में आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केजरीवाल ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी आगामी 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ेगी. पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात, जहां अगले साल चुनाव होने हैं. पिछले कुछ महीनों से इन राज्यों में केजरीवाल के दौरे आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट तौर पर दर्शाते हैं.

    और देशभक्ति पहला की-वर्ड है, जिसे लेकर AAP को उम्मीद है कि इससे राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी. 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि उनकी सरकार दिल्ली के स्कूलों में देशभक्ति का पाठ्यक्रम लागू करेगी. दिल्ली सरकार के देशभक्ति पाठ्यक्रम के बारे में बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि इसके तीन उद्देश्य हैं. पहला कि बच्चे अपने देश के बारे में गर्व महसूस करें, अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार बनें. साथ ही भारत की समस्याओं का हल ढूंढ़ने के लिए त्याग खातिर खुद को तैयार करें.

    और अब आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा में तिरंगा यात्रा निकालने का ऐलान किया है. पहली तिरंगा यात्रा रविवार को आगरा में आयोजित की जाएगी. इसके बाद 14 सितंबर को अयोध्या में तिरंगा यात्रा शेड्यूल है.

    देशभक्ति के बाद आम आदमी पार्टी ने अपनी रणनीति में एक नया चैप्टर जोड़ा है और वह कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है – रामराज्य. ये वो विचार हैं, जिनके साथ आम आदमी पार्टी अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना चाहती है. साथ ही केजरीवाल का डेवलपमेंट मॉडल भी है, जोकि जनता के मुफ्त सुविधाओं पर आधारित है. जैसे कि फ्री पानी और बिजली, साथ ही फ्री वाई-फाई भी, महिलाओं के फ्री बस सुविधा और बढ़िया स्कूल के साथ बेहतरीन अस्पताल भी.

    केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में रामराज्य स्थापित करने का वादा किया था, इस मौके पर केजरीवाल ने बुजुर्गों के लिए अयोध्या स्थित राम मंदिर तक फ्री तीर्थयात्रा का आश्वासन दिया था. राम मंदिर का निर्माण अभी चल रहा है.

    वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी कहती हैं कि केजरीवाल राजनीतिक रूप से संवेदनशील शब्दों का इस्तेमाल करके उन विधानसभा क्षेत्रों को अपनी ओर खींचना चाह रहे हैं, जहां बीजेपी की पकड़ है. उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां, बीजेपी के दबदबे वाले राजनीतिक स्पेस में अपनी जगह बनाने के लिए रास्ता ढूंढ़ रही हैं. चौधरी ने कहा कि केजरीवाल ने कोई मुस्लिम विरोधी बयान नहीं दिया है, लेकिन रामराज्य पर उनका फोकस शक पैदा कर सकता है. हालांकि ऐसा प्रतीत होता है कि आम आदमी पार्टी ये रिस्क लेने को तैयार है.

    दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने भगवान राम और हनुमान पर जोर देते हुए उनके 10 सिद्धांतों की बात की, जो दिल्ली में रामराज्य के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में काम करेंगे. ये सिद्धांत- भुखमरी से आजादी, बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सभी के लिए बेहतर चिकित्सा, 200 यूनिट फ्री बिजली, हर घर के लिए 20 हजार लीटर फ्री पानी, सबको रोजगार, गरीबों को मकान, महिला सुरक्षा, बुजुर्गों को सम्मान और सभी जाति-धर्मों के साथ बराबरी का व्यवहार.

    केजरीवाल ने रामराज्य का मतलब सभी के लिए गुड गवर्नेंस और जीवन यापन के लिए बेहतरीन सुविधाओं की बात की. साथ ही भरोसा दिया कि रामराज्य में किसी के साथ भी भेदभाव नहीं होगा.

    हालांकि नीरजा चौधरी का कहना है कि मौजूदा संदर्भ में रामराज्य का एक निश्चित मतलब है, और यही पर सवाल खड़ा होता है कि विपक्षी पार्टियां हिंदुओं के साथ अपनी पहचान कैसे बनाएंगी. साथ ही उनकी चिंताओं और उनकी पहचान के बारे में क्या सोचती हैं? उन्हें अन्य समुदायों के खिलाफ भी नहीं दिखना है. ये एक दोधारी तलवार की तरह है. राजनीतिक विश्लेषक गीता भट्ट कहती हैं कि ‘रामराज्य का कॉन्सेप्ट नैतिकता पर आधारित है. केजरीवाल की नैतिकता तब सवालों के घेरे में आ जाती है, जब वह खासतौर पर राम मंदिर निर्माण के बाद बुजुर्गों की तीर्थयात्रा को स्पांसर करने की बात कहते हैं.’

    उन्होंने कहा, ‘केजरीवाल ने राम मंदिर निर्माण के प्रति कोई प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है. हालांकि यह निजी है और पैसे का दान भी महत्वपूर्ण नहीं है. लेकिन एक विचार है और वह कि राम मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता मायने रखती है.’ भट्ट ने दिल्ली में केजरीवाल द्वारा रामराज्य स्थापित किए जाने की प्रतिज्ञा पर भी सवाल किया और कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में जनता ने जिस तरह की तबाही झेली है, उसके लिए राज्य सरकार को कोर्ट से डांट पड़ी है. उन्होंने कहा कि रामराज्य का मतलब सभी लोगों के लिए शांति के साथ सभी सुविधाओं की उपलब्धता भी है.

    हालांकि आम आदमी पार्टी ने अपनी रणनीति पर फोकस करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पांव फैलाने के लिए सक्रियता के साथ काम शुरू कर दिया है. ये महत्वाकांक्षा आम आदमी पार्टी की शुरू से रही है, लेकिन अभी तक उसे हासिल नहीं कर पाई है. अरविंद केजरीवाल को उम्मीद है कि ‘देशभक्ति’ और ‘रामराज्य’ AAP के लिए राष्ट्रीय राजनीति में ट्रंप कार्ड साबित होंगे. इससे भी ज्यादा आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि ‘देशभक्ति’ और ‘रामराज्य’ की रणनीति मौजूदा माहौल में हिंदुओं को आम आदमी पार्टी के पाले में खींचने में मददगार साबित होगी. साथ ही वेलफेयर स्कीम और सबको साथ लेकर चलने का वादा अल्पसंख्यकों के साथ हर वर्ग का समर्थन हासिल कर सकता है. हालांकि राजनीति में दोधारी तलवार पर बैलेंस हासिल करना हमेशा मुश्किल होता है, लेकिन समय ही बताएगा कि केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को कितनी कामयाबी मिली.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज