Home /News /nation /

भारत-चीन के बीच समझौते के बावजूद नरमी नहीं, चीनी सेना बढ़ा रही है सैनिकों की संख्या

भारत-चीन के बीच समझौते के बावजूद नरमी नहीं, चीनी सेना बढ़ा रही है सैनिकों की संख्या

5 सूत्री समझौते के बावजूद भारत और चीन के बीच नहीं दिख रही नरमी,   लड़ाई के तरफ बढ़ रहे हैं दोनों देश (AP)

5 सूत्री समझौते के बावजूद भारत और चीन के बीच नहीं दिख रही नरमी, लड़ाई के तरफ बढ़ रहे हैं दोनों देश (AP)

India China agree on 5-point Plan: जमीनी स्‍तर पर देखा जाए तो चीन की सेना अधिक सैनिकों को एकत्र कर रही है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब पैंगोंग झील के उत्तर की ओर फिंगर-3 क्षेत्र के पास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों को एकत्र करने की जानकारी मिली है.

अधिक पढ़ें ...
  • News18Hindi
  • Last Updated :
    नई दिल्‍ली. भारत और चीन (India and China) के बीच तनावपूर्ण और खूनी सीमा संघर्ष (Bloody Border Standoff) के 4 महीने हो गए हैं. अब भारत और चीन ने गतिरोध को दूर करने के लिए सुरक्षा बलों को पीछे हटने और तनाव को कम करने के लिए पांच सूत्रीय समझौते पर सहमति जताई है. लेकिन एलएसी पर जैसे हालात हैं, उसके हिसाब से नरमी के संकेत दोनों ही ओर से मिलते नहीं दिख रहे हैं.

    चीन एक तरफ बात कर रहा है, लेकिन उसने एलएसी पर सैनिकों की संख्या बढ़ाना भी शुरू कर दिया है. यह भारत और चीन के बीच समझौते का उल्लंघन है. जमीनी स्‍तर पर देखा जाए तो चीन की सेना अधिक सैनिकों को एकत्र कर रही है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अब पैंगोंग झील के उत्तर की ओर फिंगर-3 क्षेत्र के पास पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों को एकत्र करने की जानकारी मिली है. भारत के दक्षिण की ओर से कुछ सामरिक ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद, चीनी सेना उत्तर दिशा में भी ऐसा ही कुछ करने की कोशिश कर रही है.

    ये भी पढ़ें:- India-China Standoff: चीन ने LAC पर 50 हज़ार सैनिक और H-6 बॉम्बर तैनात किए

    ये भी पढ़ें: India-China Standoff: पैंगोंग झील के उत्तर में चीन ने शुरू किया निर्माण कार्य, भारतीय सेना भी तैयार



    एलएसी पर स्थिति काफी गंभीर है. हालांकि दोनों देशों के नेतृत्व नहीं चाहते कि युद्ध जैसी स्थिति बने. जाहिर है कि न तो पक्ष डी-एस्कलेशन की दिशा में पहला कदम उठाने में सक्षम हैं. साथ ही, चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के लिए यह समय काफी जटिल है. अगले महीने, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) एक प्रमुख सम्मेलन आयोजित करने वाली है. यहां शी सीसीपी की स्थापना के शताब्दी वर्ष के समारोह की घोषणा करेंगे. जहां शी चाहेंगे कि पार्टी के दिग्‍गजों में केवल माओ को अगले नेता के तौर पर देखा जाए. और वह इस समारोह के माध्‍यम से बताने की कोशिश करेंगे कि सीसीपी सबसे मजबूत है और चीन सबसे मजबूत स्थिति में है. इसलिए, समय को देखते हुए शी को रियायतें देने के रूप में देखा जा सकता है.

    Tags: India china, India china ladakh, Ladakh Border Dispute

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर