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हाईकोर्ट ने लगाई रोक फिर भी त्रिपुरा के इन मंदिरों में जारी है पशु बलि

भाषा
Updated: September 30, 2019, 7:29 PM IST
हाईकोर्ट ने लगाई रोक फिर भी त्रिपुरा के इन मंदिरों में जारी है पशु बलि
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने मंदिर में बलि देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.

अदालत ने मुख्य सचिव को दो बड़े मंदिरों--देवी त्रिपुरेश्वरी मंदिर (Tripureshwari) और चतुरदास देवता मंदिर (Chaturdas Devta Mandir)-- में सीसीटीवी कैमरे लगाने को निर्देश दिया था जहां बड़ी संख्या में पशु बलि दी जाती है.

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  • Last Updated: September 30, 2019, 7:29 PM IST
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अगरतला. त्रिपुरा हाईकोर्ट (Tripura Highcourt) ने राज्य के सभी मंदिरों में धार्मिक कारणों से पशुओं और पक्षियों की बलि पर रोक लगा दी है, इसके बावजूद गोमती जिले के त्रिपुरेश्वरी मंदिर (Tripureshwari Temple) में यह प्रथा बिना किसी रोक-टोक के जारी है. त्रिपुरेश्वरी मंदिर के प्रबंधक माणिक दत्ता ने कहा कि शनिवार को अमावस्या (Amavasya) के मौके पर अनुष्ठान के तौर पर 100 से ज्यादा पशुओं की बलि दी गई है.

मणिक दत्ता ने गोमती जिला मुख्यालय उदयपुर में पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें मंदिर ट्रस्ट या सेवायत जिलाधिकारी की ओर से किसी तरह का कोई निर्देश नहीं मिला है.’’ गोमती के अतिरिक्त जिलाधिकारी पीएल चकमा ने दत्ता के दावे का खंडन नहीं किया.

चकमा ने उदयपुर से फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमें पशु बलि पर रोक के संबंध में न त्रिपुरेश्वरी मंदिर ट्रस्ट से और न ही राज्य के राजस्व विभाग से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं. लिहाज़ा, यथास्थिति बरकरार रखी गई है.’’



शुक्रवार को पारित किया गया था आदेश



मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति अरिंदम लोध की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद शुक्रवार को आदेश पारित किया था. आदेश में कहा गया, ‘‘त्रिपुरा राज्य के किसी भी मंदिर के अहाते में राज्य समेत किसी भी व्यक्ति को किसी भी पशु/पक्षी की बलि देने की अनुमति नहीं है.’’

पीठ ने आदेश को लागू करने के लिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया. अदालत ने मुख्य सचिव को दो बड़े मंदिरों--देवी त्रिपुरेश्वरी मंदिर और चतुरदास देवता मंदिर-- में सीसीटीवी कैमरे लगाने को निर्देश दिया था जहां बड़ी संख्या में पशु बलि दी जाती है.

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे शाही परिवार के वारिस
इस बीच, त्रिपुरा के शाही परिवार के वारिस प्रद्योत किशोर माणिक्य देववर्मन ने पत्रकारों से कहा कि वह हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में रिट याचिका दायर करेंगे. उन्होंने रविवार को ट्वीट भी किया, ‘‘हमारे मंदिरों में पशु बलि पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने जा रहा हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि मंदिरों में पशुओं के सामूहिक वध की जरूरत नहीं है, लेकिन हाईकोर्ट रीति-रिवाज, संस्कृति में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. यह उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है.’’

कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री रत्नलाल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार मामले पर चर्चा करेगी. उन्होंने रविवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘हम हाईकोर्ट के आदेश को प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं. आदेश का अच्छी तरह से अध्ययन करेंगे और फिर कोई निर्णय करेंगे.’’

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First published: September 30, 2019, 7:29 PM IST
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