गैर-गांधी कांग्रेस प्रमुख की मांग के बावजूद क्यों राहुल-सोनिया की सिफारिश कर रहे हैं कुछ नेता?

गैर-गांधी कांग्रेस प्रमुख की मांग के बावजूद क्यों राहुल-सोनिया की सिफारिश कर रहे हैं कुछ नेता?
कांग्रेस पार्टी नेतृत्व संकट से गुजर रही है (राहुल गांधी और सोनिया गांधी की फाइल फोटो)

Congress New President: कांग्रेस (Congress) में नेतृत्व को लेकर जारी विवाद के बीच पार्टी दो धड़ों में बंटती हुई नजर आ रही है. जहां एक ओर कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी का सामूहिक नेतृत्व होना चाहिए तो वहीं कुछ नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से दोबारा अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने की अपील कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2020, 7:42 PM IST
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नई दिल्ली. एक गैर-गांधी कांग्रेस प्रमुख (Non-Gandhi Congress Chief) को लेकर मांग उठने के बावजूद, पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को कहा कि परिवार (गांधी परिवार) को ही इस ग्रैंड ओल्ड पार्टी (Grand Old Party) का नेतृत्व जारी रखना चाहिए क्योंकि उन्हें एक ऐसे "नेतृत्व की आवश्यकता है जो सभी के लिए स्वीकार्य है" और एक चाल है कि "विभाजन पैदा नहीं करता है." कांग्रेस नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Punjab Chief Minister Amarinder Singh) ने कहा कि एनडीए (NDA) के सफल होने का कारण "एक मजबूत, एकजुट विपक्ष की अनुपस्थिति" है, और इस महत्वपूर्ण मोड़ पर पार्टी में फेरबदल एक "हानिकारक फैसला साबित होगा." उन्होंने आगे कहा कि गांधी परिवार (Gandhi Family) "भूमिका के लिए पूरी तरह से फिट" है क्योंकि परिवार ने "ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से देश की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दिया है."

वहीं अध्यक्ष पद के लिये चुनाव कराने को लेकर कांग्रेस (Congress) के अंदर से उठती आवाजों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद (Senior leader Salman Khurshid) ने रविवार को कहा कि पार्टी को चुनावों की जगह सर्वसम्मति (Consensus) को एक मौका देना चाहिए. खुर्शीद ने यह भी कहा कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का “पूर्ण समर्थन” और “भरोसा” हासिल है और इससे फर्क नहीं पड़ता कि उनपर अध्यक्ष (President) का ठप्पा है या नहीं.

23 नेताओं ने सोनिया को पत्र लिख संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की मांग की
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये एक साक्षात्कार में कहा, “मैंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि गांधी कांग्रेस के नेता हैं. कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता, यहां तक कि विपक्ष भी इससे इनकार नहीं कर सकता. मैं एक नेता के होने से बहुत खुश हूं, मैं इस बात की चिंता नहीं करता कि हमारे पास अध्यक्ष है या नहीं, हमारे पास एक नेता (राहुल गांधी के रूप में) हैं और यह बात मुझे सुकून देती है.”
उनकी टिप्पणी का महत्व इसलिये भी है क्योंकि यह पार्टी की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक से पहले आई है. बैठक में अध्यक्ष पद को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है क्योंकि अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है. इसके साथ ही कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कांग्रेस के 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की मांग की है.



आंतरिक चुनाव की मांग करने वालों पर साधा निशाना
पार्टी में नेताओं के एक वर्ग द्वारा सीडब्ल्यूसी और अध्यक्ष पद के लिये चुनाव कराने की मांग के बारे में पूछे जाने पर आंतरिक चुनाव की मांग करने वालों पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि लोग कांग्रेस में ऐसी मांग को लेकर इतने व्यग्र क्यों हैं, जब किसी और दल में ऐसी मांग नहीं की जाती. खुर्शीद ने कहा, “मैं बहुत हैरान हूं. मैंने कम्युनिस्ट पार्टी या क्षेत्रीय दलों अथवा भाजपा में ऐसी एक मांग के बारे में नहीं सुना. मैंने इनमें से किसी दल में भी चुनावों की मांग के बारे में नहीं सुना.”

उन्होंने कहा, “चुनाव महत्वपूर्ण हैं, लेकिन जिन ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, परिस्थितियों में चुनाव होने हैं उन्हें भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. सर्वसम्मति कांग्रेस में राजनीतिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.” उन्होंने कहा, सर्वसम्मति को छोड़कर चुनावों के विकल्प को अपनाना वो भी बिना उसके निहितार्थ और परिणामों के प्रतिबिंबित हुए “अनदेखे, अनजाने क्षेत्र” में जाने जैसा हो सकता है. खुर्शीद ने यह भी कहा कि इन मुद्दों पर पार्टी के अंदर चर्चा होनी चाहिए और बाहर नहीं.

'समय आ गया है जब कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी'
उनकी टिप्पणी शशि थरूर के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सीडब्ल्यूसी और अध्यक्ष पद के लिये चुनावों की वकालत कर रहे हैं क्योंकि इससे पार्टी के लिये कई फायदे सामने आएंगे. कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी हाल में कहा था कि अब समय आ गया है जब कांग्रेस को “चयन या चुनाव” के जरिये पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति करनी होगी.

यह पूछे जाने पर कि क्या आंतरिक चुनावों के बजाए सर्वसम्मति आगे का रास्ता है, खुर्शीद ने कहा, “मेरी समझ यही कहती है. कांग्रेस की मुझे जितनी समझ है वह कहती है कि सर्वसम्मति बेहद महत्वपूर्ण है.” उन्होंने कहा, “लोग इस पर यह कहकर प्रतिक्रिया देते हैं कि आप अलोकतांत्रिक हैं. मैं नहीं जानता कि क्या सर्वसम्मति किसी तरह से अलोकतांत्रिक है. यह वास्तव में सर्वसम्मति होनी चाहिए. स्वाभाविक रूप से यह किसी पर दबाव डालकर बनाई गई सर्वसम्मति नहीं होनी चाहिए. मुझे लगता है हमें सर्वसम्मति को एक मौका देना चाहिए.”

"जमीनी हकीकत यह कि चुनाव बांटते हैं"
यह पूछे जाने पर कि क्या चुनावों से पार्टी के अंदर बंटवारा हो सकता है, खुर्शीद ने कहा कि चुनावों से बंटवारा होता है. उन्होंने कहा कि सही भावना में चुनावों को विभाजित नहीं करना चाहिए लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि चुनाव बांटते हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष के तौर पर वापस आना चाहिए, खुर्शीद ने कहा कि यह फैसला उनको लेना है और नेताओं को उन्हें फैसला लेने की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा, “जब आप नेता के तौर पर किसी के लिये सहमति देते हैं तब आपको नेता की बात सुननी चाहिए और वह जो करना चाहता है करने दें. बड़ी संख्या में लोगों का मानना है कि उन्हें पार्टी की अध्यक्षता से दूर नहीं रहना चाहिए.”

यह भी पढ़ें: राहुल नहीं तो कौन होगा कांग्रेस का नया अध्यक्ष? पार्टी के पास हैं ये ऑप्शन्स

सोनिया गांधी कर चुकी हैं पार्टी से नया अध्यक्ष चुनने की अपील की है
इसी बीच कांग्रेस (Congress) की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने पार्टी से नया प्रमुख चुनने की अपील की है. माना जा रहा है कि वे इस्तीफा देने वाली हैं. सूत्रों से जानकारी मिली है कि सोनिया गांधी ने साफ कर दिया है कि वे आगे कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष के पद पर नहीं रहना चाहती हैं. बता दें कि सोनिया गांधी को 2019 के आम चुनावों में हार के बाद तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था. हालांकि सोमवार को होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में अंतरिम अध्यक्ष ही नियुक्त किये जाने की बात कही जा रही है क्योंकि सूत्रों के मुताबिक पूरी पार्टी के नये अध्यक्ष की नियुक्ति कांग्रेस के आंतरिक चुनावों के बाद ही की जा सकती है. (भाषा के इनपुट सहित)
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