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कांग्रेस-NCP और शिवसेना को अपने '162 विधायकों' पर है यकीन तो फिर क्यों की ओपन बैलेट की मांग

News18Hindi
Updated: November 26, 2019, 3:03 PM IST
कांग्रेस-NCP और शिवसेना को अपने '162 विधायकों' पर है यकीन तो फिर क्यों की ओपन बैलेट की मांग
शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों ने सोमवार शाम होटल में परेड की थी.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के मुताबिक, महाराष्ट्र (Maharashtra) में बुधवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट में ओपन बैलेट के जरिए वोटिंग की जाएगी. वहीं विधानसभा की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाएगा.

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  • Last Updated: November 26, 2019, 3:03 PM IST
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीजेपी (BJP) के सरकार गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट (Floor test) कराने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक बुधवार को महाराष्ट्र में होने वाले फ्लोर टेस्ट में वोटिंग ओपन बैलेट के जरिए की जाएगी. वहीं विधानसभा की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस दौरान स्पीकर का चुनाव नहीं किया जाएगा और प्रोटेम स्पीकर ही फ्लोर टेस्ट कराएगा और सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी कराएगा.

कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने पिछले हफ्ते ही एनसीपी से ओपन बैलेट टेस्ट कराने की मांग की थी. इस तरह से वोटिंग कराने का मकसद साफ है कि कोई भी विधायक अपने मताधिकार का गलत इस्तेमाल न कर सके और अपनी पार्टी को ही वोट दे. इसी के साथ इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे.



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फ्लोर टेस्ट कराने के तीन तरीके हैं. ध्वनि मत से विधायकों को अपना मत देने का अधिकार होता है. अगर इस प्रक्रिया से वोटिंग नहीं कराई जाती है तो इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बैलेट बॉक्स और स्लिप का प्रयोग कर मतदान कराया जाता है. इसी के साथ अगर गुप्त मतदान की आवश्यकता होती है तो मतपत्र प्रक्रिया का इस्तेमाल कर मतदान कराया जाता है. यह काफी हद तक आम चुनावों की तरह ही होता है.

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ओपन बैलेट के मामले में राजनीतिक दलों से संबंधित विधायकों को वोट डालने के बाद पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि को अपना मतपत्र दिखाना आवश्यक होता है. यह मतदान में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया जाता है. बुधवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट में यह तरीका निर्णायक होगा, क्योंकि महाराष्ट्र की राजनीति को देखते हुए कल क्रॉस वोटिंग की संभावनों से इनकार नहीं किया जा सकता है.
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First published: November 26, 2019, 12:59 PM IST
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