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Coronavirus के बढ़ते मामलों के बीच तमिलनाडु में जलीकट्टू को शर्तों के साथ परमिशन

Hindu devotees attempt to control a bull during the annual bull taming
Hindu devotees attempt to control a bull during the annual bull taming "Jallikattu" festival.

तमिलनाडु सरकार (Tamilnadu) ने वार्षिक जल्लीकट्टू खेल (Jallikattu) के आयोजन को मंजूरी दे दी. एक बयान के अनुसार इसमें केवल 300 लोगों को हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2020, 3:22 PM IST
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बी शिवकुमार


चेन्नई. तमिलनाडु सरकार (Tamilnadu) ने बुधवार को वार्षिक जल्लीकट्टू खेल (Jallikattu) के आयोजन को मंजूरी दे दी. एक सरकारी बयान के अनुसार इसमें केवल 300 लोगों को हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी. आमतौर पर इस खेल में हजारों युवा भाग लेते हैं और बैल को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार प्रतिभागी सीमित होंगे.

बयान में कहा गया है, 'जल्लीकट्टू और मंजुविरट्टु (एक अन्य प्रकार का बैल खेल) में 300 प्रतिभागियों को भाग लेने की अनुमति दी जाएगी. इरुथुवरत्तू में केवल 150 लोगों को ही भाग लेने की अनुमति होगी.'
नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही खेल में हिस्सा लेने की परमिशन


बयान में कहा गया है, 'इन सभी खेलों को केवल खुले मैदानों में आयोजित किया जाएगा और आगंतुकों की कुल क्षमता के 50% लोगों को ही खेल देखने की अनुमति होगी. सभी आगंतुकों को थर्मल स्कैनर के साथ जांचा जाएगा, अनिवार्य रूप से मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना चाहिए.' सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी प्रतिभागियों की कोरोना जांच होगी और नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही खेल में हिस्सा लेने की परमिशन दी जाएगी.

मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के एक महीने बाद साल 2017 में 8 जनवरी से 23 जनवरी तक मरीना सैंड पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें सरकार से जल्लीकट्टू की अनुमति देने की मांग की गई थी. विरोध के बाद, तत्कालीन मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम (मौजूदा डिप्टी सीएम) नई दिल्ली गए और खेल की अनुमति लेने के लिए केंद्र से एक आदेश लिया. चेन्नई के कुछ हिस्सों में पुलिस की गोलीबारी और हिंसा के साथ विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ था.

तमिलनाडु में मदुरै के पास अलंगनल्लूर जल्लीकट्टू विभिन्न राज्यों और देशों से आने वाले आगंतुकों के साथ विश्व प्रसिद्ध है. इसके साथ ही मदुरै और अन्य दक्षिणी जिलों की छोटी ग्राम पंचायतों में भी जलीकट्टू का आयोजन किया जाता है.
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