'कोरोना के बाद आएगा विध्वंसक दौर, शिक्षा-नौकरी में होगी क्रांति'

कोरोना संकट के बीच संकट के बाद नौकरी, स्कूल, कॉलेज, फैक्टरी, ऑफिस में नई क्रांति आएगी.
कोरोना संकट के बीच संकट के बाद नौकरी, स्कूल, कॉलेज, फैक्टरी, ऑफिस में नई क्रांति आएगी.

कोरोना महामारी के दौर में बच्चों की शिक्षा, हमारी नौकरी, तकनीक पर बुनियादी बदलाव की चर्चा है. पढ़ें थॉमस एल फ्रीडमैन का कॉलम...

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 5:52 PM IST
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नई दिल्ली. जब हम कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) से निकलेंगे तो ऐसे रचनात्मक रूप से विध्वंसक दौर का सामना करना होगा, जिसे यह महामारी तेजी से ला रही है और अभी छिपा रही है. लेकिन, इस संकट के बाद नौकरी, स्कूल, कॉलेज, फैक्टरी, ऑफिस में नई क्रांति आएगी. थॉमस एल. फ्रीडमैन 'दैनिक भास्कर' अखबार के स्पेशल कॉलम में ऐसी राय रखते हैं.

थॉमस एल. फ्रीडमैन कहते हैं कि नौकरी, स्कूल, कॉलेज, फैक्टरी में क्रांति इसलिए आएगी, क्योंकि इससे पहले कभी भी इतने सारे लोगों की इनोवेशन के इतने सस्ते साधनों, सस्ती व शक्तिशाली कम्प्यूटिंग और नए उत्पादों और सेवाओं के लिए लोन तक पहुंच नहीं रही. आप कुछ चौंकाने वाली चीजों को उभरते हुए, यूनिवर्सिटी जैसे स्थापित संस्थानों को गायब होते हुए और कार्यस्थलों में काम की प्रकृति बदलते हुए देखेंगे.





वह कहते हैं, 'मैं भारतीय टेक कंपनी इंफोसिस के प्रेसीडेंट रवि कुमार से इस पल की चर्चा कर रहा था. चूंकि इंफोसिस कंपनियों को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करती है, इसलिए मुझे वह हमेशा ही वैश्विक रोजगार और शिक्षा के ट्रेंड पर जानकारी का अच्छा स्रोत लगती है.'
फ्रीडमैन समझाते हैं कि औद्योगिक क्रांति ने ऐसी दुनिया बनाई जहां नियोक्ता और कर्मचारी, शिक्षाविद् तथा नियोक्ता और सरकार तथा नियोक्ता के बीच काफी दूरी थी. अब यह अंतर मिट रहा है, क्योंकि जिस तेजी से तकनीकी बदलाव, डिजिटाइजेशन और वैश्वीकरण हो रहा है, उससे दो चीजें एक साथ हो रही हैं.
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