फडणवीस का उद्धव सरकार पर आरोप, पत्र में किया 400 करोड़ के घोटाले का जिक्र

देवेंद्र फडनवीस ने उद्वव सरकार पर पत्र के जरिए आरोप लगाए हैं. (फाइल फोटो)
देवेंद्र फडनवीस ने उद्वव सरकार पर पत्र के जरिए आरोप लगाए हैं. (फाइल फोटो)

फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने पत्र में कहा कि कुछ राज्य मंत्रियों ने पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा कर्मियों को स्थायी करने का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा ‘इस तरह की टिप्पणियों के बाद कुछ ऑडियो क्लिप सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग कर्मचारी को स्थायी करने के लिए एक लाख से 2.5 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं. यह घोटाला 300 करोड़ रुपये से 400 करोड़ रुपये तक का है.'

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  • Last Updated: October 28, 2020, 9:12 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य में कुछ लोग राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) के संविदा कर्मचारियों को स्थायी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं. महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) में विपक्ष के नेता (Leader Of Opposition) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) को लिखे पत्र में दावा किया कि यह भ्रष्टाचार 300-400 करोड़ रुपये तक का है.

फडणवीस ने पत्र में कहा कि कुछ राज्य मंत्रियों ने पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा कर्मियों को स्थायी करने का आश्वासन दिया था. उन्होंने कहा, ‘इस तरह की टिप्पणियों के बाद कुछ ऑडियो क्लिप सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग कर्मचारी को स्थायी करने के लिए एक लाख से 2.5 लाख रुपये तक की मांग कर रहे हैं. यह घोटाला 300 करोड़ रुपये से 400 करोड़ रुपये तक का है.'

राज्य में लगभग 20,000 संविदा कर्मी 
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में लगभग 20,000 संविदा कर्मी हैं. एनएचएम एक केंद्र प्रायोजित योजना है, लेकिन इसका कार्यान्वयन राज्य सरकार करती है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कई लोगों ने रिश्वत चुकाने के लिए कर्ज तक लिया है ताकि उन्हें स्थायी नौकरी मिल सके. मैं अपने पत्र के साथ तीन ऑडियो क्लिप भेज रहा हूं जिनमें रिश्वत को लेकर हुई कथित बातचीत रिकॉर्ड की गई है.'




सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए
फडणवीस ने कहा कि इस मामले में सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और इसमें शामिल किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर इस एक मिशन में इतना भ्रष्टाचार है तो कल्पना करिये की राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अन्य क्षेत्रों में कितना भ्रष्टाचार हो सकता है.'
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