कोझिकोड हवाईअड्डे पर मानसून में बड़े आकार के विमानों के इस्तेमाल पर रोक के निर्देश

कोझिकोड हवाईअड्डे पर मानसून में बड़े आकार के विमानों के इस्तेमाल पर रोक के निर्देश
8 अगस्त, 2020 को केरल के कोझीकोड में उतरते समय रनवे से फिसल खाई में चली जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान का मलबा (फाइल फोटो)

डीजीसीए ने यह फैसला कोझिकोड हवाईअड्डे पर चार दिन पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे के मद्देनजर किया है. एयर इंडिया एक्सप्रेस का दुबई से आया बी 737 विमान बारिश के बीच हवाई पट्टी को पार कर घाटी में गिर गया था. इस विमान पर 190 लोग सवार थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 10:41 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इस मानसून (Monsoon) के दौरान केरल (Kerala) के कोझिकोड हवाईअड्डे (Kozhikode Airport) पर बड़े आकार के विमान के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी (Senior officer) ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम ‘‘अत्यधिक सावधानी’ की दृष्टि से उठाया गया है. इसके साथ ही विमानन क्षेत्र के नियामक (aviation regulator) ने कहा है कि वह भारी बारिश वाले हवाईअड्डों का विशेष ऑडिट (special audit of airports) करेगा.

डीजीसीए ने यह फैसला कोझिकोड हवाईअड्डे (Kozhikode Airport) पर चार दिन पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान (Air India Express Plane) हादसे के मद्देनजर किया है. एयर इंडिया एक्सप्रेस का दुबई (Dubai) से आया बी 737 विमान बारिश के बीच हवाई पट्टी को पार कर घाटी में गिर गया था. इस विमान पर 190 लोग सवार थे. यह रोक कब तक रहेगी, इस बारे में पूछे जाने पर डीजीसीए (DGCA) के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कोई तारीख तय नहीं की गई है. हम मानसून (monsoon) समाप्त होने का इंतजार करेंगे. अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए हमने यह फैसला किया है.’’

बड़े आकार के विमान को उड़ान भरने या उतरने के लिए लंबे रनवे की जरूरत होती है
बड़े आकार के बी747 और ए350 विमानों का ईंधन टैंक बड़ा होता है और ये छोटे आकार के बी737 या ए320 विमानों से अधिक लंबी यात्रा कर सकते हैं. इसके अलावा बड़े आकार के विमान को उड़ान भरने या उतरने के लिए लंबे रनवे की जरूरत होती है.
कोझिकोड हवाई अड्डे के टेबलटॉप (ऊंचाई पर बने) रनवे की लंबाई करीब 2,700 मीटर है. इस हवाईअड्डे पर 2019 में बड़े आकार के विमानों के परिचालन की अनुमति दी गई थी. डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारी बारिश से प्रभावित होने वाले मुंबई और चेन्नई जैसे हवाईअड्डों का विशेष ऑडिट किया जाएगा.



AAI देश में 100 से ज्यादा हवाईअड्डों का परिचालन करता है
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) देश के 100 से अधिक हवाईअड्डों का परिचालन करता है. इनमें कोझिकोड भी शामिल है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाईअड्डों का प्रबंधन निजी कंपनियां करती हैं.

शुक्रवार रात को कोझिकोड हवाईअड्डे पर हुए हादसे में एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान 35 फुट नीचे घाटी में गिर गया था और खंड-खंड हो गया था. इस हादसे में दोनों पायलटों सहित 18 लोग मारे गए थे. एयरलाइन ने मंगलवार को बताया कि इस दुर्घटना में घायल 74 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे गई है.

ICAO गाइडलाइन के तहत नागरिक हवाईअड्डों पर EMAS अनिवार्य नहीं
इस हादसे के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने ट्वीट किया था कि एएआई और डीजसीसीए ने संभवत: कोझिकोड के टेबलटॉप रनवे के लिए इंजीनियर्ड मैटिरियल अरेस्टर सिस्टम (EMAS) प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के प्रस्ताव को नजरअंदाज किया.

यह भी पढ़ें: अगर मुझे कुछ भी हुआ तो सीएम अमरिंदर और DGP जिम्मेदार- कांग्रेस MP प्रताप बाजवा

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा था कि अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) के दिशानिर्देशों के अनुरूप कोझिकोड हवाईअड्डे के किनारों पर सुरक्षा का इलाका (आरईएसए) है. पुरी ने कहा कि आईसीएओ के दिशानिर्देशों के तहत नागरिक हवाईअड्डों पर ईएमएएस अनिवार्य नहीं है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज