कोरोना वैक्सीनेशन के बाद 48 घंटे तक उड़ान नहीं भर पाएंगे पायलट और केबिन क्रू सदस्य

डीजीसीए ने फरमान एहतियातन जारी किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

डीजीसीए ने फरमान एहतियातन जारी किया है. (सांकेतिक तस्वीर)

डीजीसीए (DGCA) ने कहा है कि अगर पायलट (Pilot) और केबिन क्रू मेंबर (Cabin crew Members) अपना वैक्सीनेशन करवाते हैं तो वो 48 घंटे तक उड़ान का हिस्सा नहीं बन पाएंगे.

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नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Covid-19) के खिलाफ इस वक्त देश में वैक्सीनेशन (Vaccination) का दूसरा चरण जारी है. इस बीच रेगुलेटरी अथॉरिटी डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविशन यानी डीजीसीए (DGCA) ने पायलट (Pilot) और केबिन क्रू मेंबर (Cabin crew Members) के वैक्सीनेशन के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं. डीजीसीए ने कहा है कि अगर पायलट और केबिन क्रू मेंबर अपना वैक्सीनेशन करवाते हैं तो वो 48 घंटे तक उड़ान का हिस्सा नहीं बन पाएंगे.

बता दें 1 मार्च से 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को एक मार्च से कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण शुरू किया गया है. वहीं, निजी क्लिनिकों एवं केंद्रों पर उन्हें इसके लिए शुल्क देना पड़ रहा है. कुछ देशों में मिले वायरस के नए स्वरूप के मद्देनजर केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी आगाह किया है कि सख्त पाबंदी में किसी तरह की ढिलाई से हालात जटिल हो सकते हैं.

16 जवरी से भारत में शुरू हुआ था टीकाकरण अभियान

पीएम की अगुवाई वाली कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया था कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा किसी दूसरी बीमारी से ग्रसित 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना वायरस रोधी टीका एक मार्च से लगाया जायेगा. देश में कोविड-19 टीकाकरण का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था जिसमें देश के स्वास्थ्यकर्मियों और प्रथम पंक्ति के कर्मचारियों का टीकाकरण शुरू किया गया था.
सेना के रिटायर्ड कर्मियों के लिए भी शुरू होगा टीकाकरण

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेवा अस्पतालों में वयोवृद्धों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के आश्रितों के टीकाकरण के लिए मंजूरी दे दी है. सशस्त्र बलों की चिकित्सा सुविधाओं के पंजीकरण के पूरा होने के बाद कोविन प्लेटफॉर्म पर ये प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने की संभावना है.
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