ब्लैक फंगस से सतर्क रहें डायबिटिक, देश के दो शीर्ष एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के तरीके

डॉक्टर त्रेहान ने बताया कि नाक में भराव या दर्द, मुंह में फंगस का धब्बा, आंख के नीचे सूजन आदि कोविड की वजह से होने वाले म्यूकरमाइकोसिस में के पहले लक्षण हैं. (फोटो: Twitter/ANI)

डॉक्टर त्रेहान ने बताया कि नाक में भराव या दर्द, मुंह में फंगस का धब्बा, आंख के नीचे सूजन आदि कोविड की वजह से होने वाले म्यूकरमाइकोसिस में के पहले लक्षण हैं. (फोटो: Twitter/ANI)

Black Fungus in India: अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, म्यूकरमाइकोसिस एक गंभीर, लेकिन दुर्लभ संक्रमण है. इसका मुख्य कारण म्यूकरमाइसीट्स नाम के मोल्ड्स के समूह से होता है.

  • Share this:

नई दिल्ली. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) और मेदांता के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन (Dr. Naresh Trehan) शुक्रवार को ब्लैक फंगस के मुद्दे पर साथ आए. इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्लड शुगर पर नियंत्रण रखने से इससे बचा जा सकता है. साथ ही उन्होंने स्टेरॉयड के सही इस्तेमाल की सलाह दी है. जानकारों ने म्यूकरमाइकोसिस को लेकर फैल रही अफवाहों और लक्षणों पर भी चर्चा की.

क्या है म्यूकरमाइकोसिस?

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, म्यूकरमाइकोसिस एक गंभीर, लेकिन दुर्लभ संक्रमण है. इसका मुख्य कारण म्यूकरमाइसीट्स नाम के मोल्ड्स के समूह से होता है. ये मोल्ड्स पूरे पर्यावरण में रहते हैं. ये बीमारी आमतौर पर उन लोगों को अपनी जकड़ में लेती है, जो ऐसी दवाएं ले रहे हैं, जो जर्म्स और बीमारियों से लड़ने की शरीर की क्षमता को कम करती हैं.

क्या हो सकते हैं कारण और कैसे करे बचाव
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि कोविड की इस लहर में स्टेरॉयड का इस्तेमाल काफी ज्यादा हो गया है. ऐसे में जब शुरुआती या हल्के रोग में संकेत के बगैर स्टेरॉयड दिए जाने पर यह दूसरे संक्रमण का कारण बन सकता है. उन्होंने जानकारी दी कि संकेत नहीं मिलने पर स्टेरॉयड के हाई डोज दिए जाने वाले लोगों में ब्लड शुगर और म्यूकरमाइकोसिस का स्तर बढ़ सकता है.

उन्होंने कहा कि हमें इस बीमारी की रोकथाम पर काम करना होगा. उन्होंने इस दौरान तीन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है. एम्स निदेशक ने कहा, 'तीन बातें बेहद जरूरी हैं- ब्लड शुगर स्तर पर अच्छा नियंत्रण रखें, स्टेरॉयड ले रहे लोगों को नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर लेवल की निगरानी करनी चाहिए. और इस बात की सावधानी रखें कि स्टेरॉयड कब और कितना दिया जाना है.'

यह भी पढ़ें: देश में ब्लैक फंगस के करीब 5500 मामले, अकेले महाराष्ट्र में हुईं 70 फीसदी से ज्यादा मौतें



क्या हो सकते हैं लक्षण

डॉक्टर त्रेहन ने बताया कि नाक में भराव या दर्द, मुंह में फंगस का धब्बा, आंख के नीचे सूजन आदि कोविड की वजह से होने वाले म्यूकरमाइकोसिस के पहले लक्षण हैं. उन्होंने जानकारी दी है कि इस मामले में तेज मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत होती है. इस दौरान उन्होंने ब्लैक फंगस से बचने के भी उपाय बताए हैं. मेदांता के चेयरमैन ने कहा, 'डायबिटीज पर नियंत्रण और स्टेरॉयड का विवेकपूर्ण इस्तेमाल ब्लैक फंगस को रोकने का मुख्य तरीका है.'

गलत जानकारियों से बचने की सलाह

डॉक्टर गुलेरिया ने इस दौरान ब्लैक फंगस को लेकर शेयर हो रही गलत जानकारियों पर भी बात की. उन्होंने कहा, 'ऐसे कई संदेश चल रहे हैं कि यह कच्चा खाना खाने से हो सकता है, लेकिन इस बात की पुष्टि करने के लिए कोई डेटा उपलब्ध नहीं है.' उन्होंने कहा, 'इसका इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि कौन सी ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह घर पर आइसोलेशन में रह रहे लोगों में भी पाया गया है.'


पांच राज्यों ने महामारी घोषित किया

गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस को महामारी बीमारी अधिनियम 1897 के तहत अधिसूच्य बीमारी बनाने की अपील की थी. फिलहाल, तमिलनाडु, पंजाब, राजस्थान, असम और ओडिशा ने इस अधिनियम के तहत ब्लैक फंगस को अधिसूचित किया है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज