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क्‍या एकजुट होने से पहले ही बिखर गया विपक्ष? वीरप्‍पा मोइली के बयान के हैं क्‍या मायने?

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए एक बार फिर विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशें जारी हैं. 
. (फाइल)

लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए एक बार फिर विपक्ष को एकजुट करने की कोशिशें जारी हैं. . (फाइल)

कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता वीरप्‍पा मोइली (Veerappa Moily) ने कहा, विपक्षी दलों (Opposition Parties) को मिलकर एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करना चाहिए, जिसके जरिए वह लोगों को एक बेहतर विकल्प पेश करने का भरोसा दे सकें.

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    नई दिल्‍ली. तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भले ही अपनी दिल्‍ली यात्रा को सफल बता रही हों और विपक्ष (Opposition Parties) को एकजुट करने की बात कर रही हों लेकिन उनकी इन कोशिशों पर अब विपक्ष ने ही सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. कांग्रेस (Congress) के वरिष्‍ठ नेता वीरप्‍पा मोइली (Veerappa Moily) ने साफ तौर पर कहा है कि अगर मोदी के विरोध के नाम पर विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश की गई तो यह सबसे बड़ी भूल साबित होगी. कांग्रेस नेता के इस बयान से कई और दल के नेता भी सहमत नजर आ रहे हैं. यही कारण है कि उन्‍होंने अभी तक इस संबंध में किसी भी तरह का कोई बयान नहीं दिया है. यहां तक कि कुछ विपक्षीय दलों का मानना है कि आम चुनावों के लिए विपक्ष को एकजुट करना जल्दबाजी होगी.

    पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने जिस तरह से बीजेपी को पटखनी देकर बड़ी जीत हासिल की है, उसके बाद से तृणमूल कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ बेहद मुखर हुई है. ममता बनर्जी मोदी सरकार को सत्‍ता से बेदखल करने के लिए एक बार फिर विपक्ष को एकजुट करने में लग गई हैं. विपक्ष को एक जुट करने की कोशिश अभी शुरू ही हुई है कि हर तरफ से आवाज उठने लगी है कि विपक्ष का एजेंडा केवल मोदी सरकार को हराना है.

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    विपक्ष को लेकर हो रही चर्चा के बीच कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता वीरप्‍पा मोइली ने कहा है कि विपक्ष का एजेंडा मोदी विरोधी न होकर जनता के सामने बेहतर विकल्‍प पेश करना होना चाहिए. विपक्षी दलों को मिलकर एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करना चाहिए, जिसके जरिए वह लोगों को एक बेहतर विकल्प पेश करने का भरोसा दे सकें. कांग्रेस नेता की इस बात को दूसरे दल के नेता भी स्‍वीकार कर रहे हैं.

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    राजद के मनोज झा ने कहा है कि अगर मोदी सरकार को हराना है तो देश में साझा कार्यक्रम पर आधारित एक देशव्यापी मोर्चा बनाए जाने की जरूरत है. हालांकि उन्‍होंने कहा कि अभी तक विपक्ष को एकजुट करने का मकसद मोदी सरकार को सत्‍ता से हटाना नहीं है बल्कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्‍थानों को बचाना है. विपक्ष इस खास एजेंडे के साथ ही जनता के सामने अपनी बात रखना चाहता है. वहीं शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता नरेश गुजराल ने कहा कि विपक्ष की ओर से इस तरह की मुहिम की अभी से शुरुआत करना जल्दबाजी होगी. लोकसभा चुनाव आने में अभी भी तीन साल का समय है. इसके पहले कई राज्‍यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इन चुनावों के नतीजों को देखने के बाद ही इस तरह की मुहिम की शुरुआत करना सही साबित होगा.

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