क्या आप जानते हैं कि भारत में 1985 तक वैध था गांजा? देश के साथ बहुत लंबे समय से इसका संबंध

क्या आप जानते हैं कि भारत में 1985 तक वैध था गांजा? देश के साथ बहुत लंबे समय से इसका संबंध
पहली बार ब्रिटिश भारत में भांग के अपराधीकरण की मांग उठी (सांकेतिक फोटो)

भारत में, गांजा, भांग (Bhang), हशीश सहित अन्य कई प्रकारों से विभिन्न रूपों में मारियुआना (Marijuana) का उपयोग किया जाता रहा है. इसका सबसे पुराना ज्ञात उपयोग और उल्लेख 2000 ई.पू. में मिलता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 6, 2020, 5:03 PM IST
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नई दिल्ली. क्या गांजा (cannabis) देश में वैध है? इसका उत्तर है, नहीं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह 1985 तक कानूनी था? बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की असमय और त्रासद मौत (untimely and tragic death) ने फिल्म इंडस्ट्री के भानुमती के पिटारे (Pandora's box) को खोल दिया है. पहले जो बहस परिवारवाद (nepotism) और बाहरी लोगों के प्रति पूर्वाग्रह पर चिंगारी की तरह शुरू हुई थी, अब वह इंडस्ट्री में ड्रग के प्रयोग (drug usage in the industry) को लेकर चल रही तेजतर्रार बहस के दावानल में बदल चुकी है.

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले (SSR death case) में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ड्रग्स की संभावित भूमिका की जांच कर रही है. ऐसा खुद अभिनेत्री (actress), अभिनेता की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) के उन्हें ड्रग्स जैसे मारियुआना (Marijuana) देने के आरोपों के चलते किया जा रहा है. जबकि यह भारत में एक गैरकानूनी पदार्थ (illegal substance) है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1984 तक गांजा भारत में वैध था?
भारत में, गांजा, भांग, हशीश सहित अन्य कई प्रकारों से विभिन्न रूपों में मारियुआना का उपयोग किया जाता रहा है. इसका सबसे पुराना ज्ञात उपयोग और उल्लेख 2000 ई.पू. में मिलता है. 1000 ईसा पूर्व के ग्रंथों और वेदों में भी भांग का उल्लेख किया गया है. अथर्ववेद, पांच विशेष पौधों में से एक के रूप में भांग जिक्र करता है, जो चिंता से छुटकारा दिला सकता है. सुश्रुत संहिता में भी इसका एक औषधीय पौधे के रूप में उल्लेख किया गया है.
जब पुर्तगाली और/ ब्रिटिश भारत आए, तो उन्होंने भारत में भांग के व्यापार और उपभोग का एक फलता-फूलता कारोबार देखने को मिला. अंग्रेजों ने भी इस पर कर लगाया और मारियुआना के उपयोग के संबंध में कानून पारित करने वाले वे शायद पहले थे. यह भी पहली बार ब्रिटिश भारत में ही हुआ कि 1838, 1871 और फिर 1877 में भांग के अपराधीकरण के लिए आवाज उठी. लेकिन गांजा फिर भी कानूनी बना रहा.



अपराधीकरण
नशीली जड़ियों के बारे में दुनिया का दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय संधि 'नारकोटिक ड्रग्स पर एकल कन्वेंशन' के बाद बदल गया- मारियुआना के उपयोग और हानिकारक प्रभावों पर अमेरिकी दृष्टिकोण से प्रभावित सम्मेलन में नशीली जड़ियों को भी अन्य हानिकारक, कठोर दवाओं के साथ वर्गीकृत कर दिया गया. 1961 में यह पारित हुआ. जिसके मुताबिक देशों को मारियुआना को एक खतरनाक दवा के रूप में वर्गीकृत करना था.

भारत ने भारत में भांग की सामाजिक और धार्मिक प्रासंगिकता का हवाला देकर संधि की असहिष्णुता पर सवाल किया और इस पर सहमति बनाई कि यह भांग के पौधे के कुछ हिस्सों (जैसे गांजा या भांग के पौधे की फूलों की कलियों) पर प्रतिबंध लगाएगा, लेकिन इसके अन्य उत्पादों जैसे भांग (भांग के पौधे और बीज) को छोड़कर बाकी सब पर नहीं. इसे आनंद देने वाली दवाओं के उपयोग के लिए विनियमित करने के लिए 25 साल की अवधि भी मिल गई.

1985 में भारत ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट पारित किया जो भांग की बिक्री की अनुमति देते हुए कलियों या फल (चरस) का अपराधीकरण करता था. होली और शिवरात्रि जैसे त्योहारों पर अब भी भारी मात्रा में भांग का सेवन किया जाता है. बाद में इसकी बिक्री और नियमन करने का फैसला राज्यों के ऊपर छोड़ दिया गया था.

SSR केस की जांच के दौरान वैध करने की मांग ने फिर गति पकड़ी
भारत में पिछले कुछ दशकों में नशीली जड़ियों को वैध करने की मांग ने गति पकड़ी है. सुशांत सिंह राजपूत की मौत और कथित तौर पर नशीली जड़ियों के सेवन के आधार पर रिया चक्रवर्ती के चल रहे मीडिया ट्रायल ने एक बार फिर नशीली जड़ियों की आपराधिक स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आलोचकों का दावा है कि इन नशीली जड़ियों पर प्रतिबंध न केवल मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राजस्व हानि का स्रोत भी है. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के एक अध्ययन के अनुसार, लगभग 2.83% भारतीय जो 10-75 वर्ष के हैं, मारियुआना का सेवन करते हैं. यह संख्या 3 करोड़ 10 लाख हुई.

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वैसे इस बीच एनसीबी ने रिया, उसके भाई शोविक, प्रतिभा प्रबंधक जया साहा, श्रुति मोदी, और गोवा स्थित होटल व्यवसायी गौरव आर्य के खिलाफ धारा 20 (बी), 28 और 29 के नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटैंसेस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.
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