7 राज्यों के CM जो कर रहे NEET और JEE टालने की मांग, उनकी कथनी और करनी में ये है अंतर

7 राज्यों के CM जो कर रहे NEET और JEE टालने की मांग, उनकी कथनी और करनी में ये है अंतर
7 राज्य NEET और JEE Main एग्जाम टालने की मांग कर रहे हैं.

Demanding to postpone NEET and JEE EXAM: देश में जेईई मेन और नीट के मुद्दे पर घमासान मचा है. विपक्षी दलों के सीएम इन परीक्षाओं को फिलहाल नहीं करवाने पर जोर डाल रहे हैं. लेकिन एक समय था, जब इन्हीं राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन में ढील की मांग करते हुए शराब की दुकानों सहित दूसरी पाबंदियों में ढील की मांग की थी, लेकिन अब वह परीक्षा को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 29, 2020, 6:33 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना (Corona) के बीच जेईई मेन (JEE Main) और नीट की परीक्षा (NEET Exam) अब सरकार बनाम विपक्ष का रूप ले चुकी है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के नेतृत्व में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने परीक्षा टालने की मांग की. इसके बाद 7 राज्यों ने जेईई मेन और नीट एग्जाम टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में रिव्यू पिटीशन याचिका दायर की है. एग्जाम टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट वो राज्य पहुंचे हैं जिनकी कथनी और करनी में काफी अंतर है. एक समय था, जब इन्हीं राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन में ढील की मांग करते हुए शराब की खोलने की मांग की थी, लेकिन अब वह परीक्षा को आगे बढाने की मांग कर रहे हैं.

पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) जो वर्तमान में ये बात कह रहे हैं कि नीट और जेईई के एग्जाम इस वजह से टाले जानें क्योंकि छात्रों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है. उन्होंने मार्च में एक इंटरव्यू के दौरान लॉकडाउन में शराब की दुकान न खुलने पर नाराजगी जाहिर की थी. कैप्टन ने कहा था, शराब बेचने से कोविड-19 का संक्रमण फैलने का अंदेशा है तो सब्जियों को बेचने परमिशन क्यों दी गई?' ये बयान देते वक्त कैप्टन शायद ये भूल गए थे कि सब्जी रोजाना में हर घर की आवश्यकता है, लेकिन शराब नहीं.

शराब की दुकान खोलने वाला दूसरा राज्य छत्तीसगढ़
अप्रैल में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दी थी. शराब की दुकानें खोलने वाला छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य था. वही, भूपेश बघेल अब कह रहे हैं कि कोरोना महामारी अपने चरम पर है इसलिए परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाना चाहिए.
फोटो साभार ट्विटर
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इस पूरे मामले पर कांग्रेस का तर्क दे रही है कि राज्यभर में शराब की दुकानों के खुलने से कोरोना वायरस का प्रसार नहीं होगा, लेकिन 3 घंटे की परीक्षा से छात्रों में महामारी का प्रसार हो सकता है.

बदलता रहा है महाराष्ट्र के मंत्री और मुख्यमंत्री का रूख
कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में महाराष्ट्र शुरुआत से ही शीर्ष पर रहा है. तेजी से बढ़ते कोरोना के आंकड़ों के बीच भी अप्रैल में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शराब की दुकान खोलने की सिफारिश की थी.

 फोटो साभार ट्विटर
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जिस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जब प्रदेश में कोरोना के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे थे तब शराब की दुकानें खुलवाने वाले थे उसी राज्य के मुख्यमंत्री जब बच्चों के करियर की बात है तब कह रहे हैं कि एग्जाम रद्द किए जाए. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना अगर इस वक्त नीट और जईई मेन के एग्जाम करवाए जाते हैं तो बच्चों में संक्रमण फैल सकता है.


राजस्थान सरकार को हाईकोर्ट ने दिया था नोटिस
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लगता है कि "देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए NEET 2020 परीक्षाओं को स्थगित कर दिया जाना चाहिए."

आपको याद दिला दें कि यह वही अशोक गहलोत सरकार है, जिसको शराब की दुकानें खोलने और जनता की जान को जोखिम में डालने के लिए हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया था.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी फिर भी खुली शराब की दुकानें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से चेतावनी जारी करने के बावजूद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी. दिल्ली में शराब की दुकानें खुलने के बाद न तो सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो की गई और न ही दुकानों पर नियमों का पालन किया गया. इतना ही नहीं शराब की दुकानों के बाहर लाइन में खड़े लोगों के चेहरे पर मास्क तक नजर नहीं आए.ये वो वक्त था जब दिल्ली में कोरोना के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे थे. उस वक्त नियमों को फॉलो न करवा पाने वाली दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया का कहना है कि परीक्षा का आयोजन करवाना बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करवाने जैसा होगा.

कोरोना वायरस क्या है, शराब की दुकानें खोले
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अप्रैल में कहा था कि कोरोना वायरस आखिरकार है क्या? ये सब छोड़िए और राज्य में शराब की दुकानें खुलने दीजिए. सिद्धारमैया के इस बयान का कांग्रेस ने भी सपोर्ट किया था. वही, सिद्धारमैया अब कह रहे हैं, छात्रों को NEET और JEE परीक्षा देने के लिए अपना जीवन गिरवी रखना पड़ेगा.
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