पंजाब, राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार में मतभेद, तय हुआ था ढाई साल वाला फॉर्मूला?

छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ में 2023 में जो चुनाव होंगे उसमें कांग्रेस को कैसे जितना है उसके लिए अभी से ही उस ओर ध्यान दिया जा रहा है.'

छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ में 2023 में जो चुनाव होंगे उसमें कांग्रेस को कैसे जीतना है उसके लिए अभी से ही उस ओर ध्यान दिया जा रहा है. अभी से ही बैठकें हो रही हैं, ट्रेनिंग सेशन शुरू कर दिए गए हैं और विधायकों का परफॉर्मेंस रिव्यू कर रहे हैं.'

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नई दिल्ली. पंजाब, राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी कलह के बीच छत्तीसगढ़ से भी मुख्यमंत्री पद को लेकर पुराने फॉर्मूले पर चर्चा शुरू हो गई है. बताया ये जा रहा है कि चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जो फॉर्मूला दिया था उसके मुताबिक शुरुआती ढाई साल भूपेश बघेल और बचे ढाई साल टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनने का मौका मिलेगा.

छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने खास बातचीत में बताया, 'मुख्यमंत्री पद को लेकर को ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय नहीं किया गया था. छत्तीसगढ़ कांग्रेस में मनमुटाव की बातें बेबुनियाद हैं. मेरी जानकारी में कोई ढाई साल- ढाई साल का फॉर्मूला नहीं है, ये सिर्फ भ्रम फैलाया जा रहा है. कोई छतीसगढ़ का नेता नाराज नहीं है. मुख्यमंत्री को बदलने के संदर्भ में विधायकों की कोई बैठक नहीं हुई है.'

एक तरफ कलह, दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव की तैयारियां
एक तरफ पार्टी में कलह की खबरें आ रही हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य में चुनाव साल 2023 के नंवबर में होने हैं, लेकिन पार्टी ने अभी से वहां कमर कसना शुरू कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, ओवर ऑल ऑर्गेनाइजेशन रिव्यू करने के बाद कांग्रेस फिर से संगठन का ब्लॉक से लेकर राज्य इकाई तक पुनर्गठन कर रही है.

कांग्रेस के हर विधायक की परफॉर्मेंस का रिव्यू किया जा रहा है और संभावित उम्मीदवार का फीडबैक भी लिया जा रहा है और हर स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग करवाई जा रही है.

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अभी से डोर-टू-डोर अभियान 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक, पार्टी ने प्रत्येक क्षेत्र में लोगों को किस तरह की समस्याएं हैं और उनकी क्या जरूरतें हैं, इसको जानने के लिए डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया है. इस अभियान के अंतर्गत पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे और छतीसगढ़ सरकार की नीतियों और निर्णय के बारे में उन्हें बताएंगे.

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राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष देखना चाहता हैं कार्यकर्ता
छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ में 2023 में जो चुनाव होंगे उसमें कांग्रेस को कैसे जितना है उसके लिए अभी से ही उस ओर ध्यान दिया जा रहा है. अभी से ही बैठकें हो रही हैं, ट्रेनिंग सेशन शुरू कर दिए गए हैं और विधायकों का परफॉर्मेंस रिव्यू कर रहे हैं. कोरोना वायरस के कारण कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव स्थगित किया गया है, लेकिन कांग्रेस का हर नेता और कार्यकर्ता राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष देखना चाहता है.’

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