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डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को मिलेगी रफ्तार, DIC में बड़े बदलाव करेगी सरकार; दोगुनी होगी काम करने वालों की संख्या

DIC को अपग्रेड करने जा रही है सरकार. (पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो)

DIC को अपग्रेड करने जा रही है सरकार. (पीएम नरेंद्र मोदी की फाइल फोटो)

Digital India Programme: DIC को पहले 'मीडिया लैब एशिया' के तौर पर जाना जाता था. मोदी सरकार ने इसका नाम 2017 में बदल दिया था. यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करने में मार्गदर्शन करता है.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम की अगुवा डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (PM Narendra Modi) ने कार्यबल को दोगुना और और आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जैसी परियोजनाओं की जिम्मेदारियों में भी इजाफा करने का फैसला किया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली गैर-लाभकारी कंपनी में अपग्रेड के साथ-साथ संगठन स्तर पर फेरबदल होंगे.

न्यूज18 को मिले दस्तावेज बताते हैं, ‘फिलहाल, DIC की परियोजनाओं में करीब 468 सदस्य हैं और सालाना परियोजनाएं करीब 250 करोड़ रुपये की हैं. DIC को प्रस्तावित नए प्रोजेक्ट्स के बाद टीम के सदस्यों की संख्या 1000 होने के साथ सालाना टर्नओवर के 500 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की संभावना है.’ DIC के जनादेश के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीस, नेशनल लैंग्वेज टेक्नोलॉजी मिशन, मैनेज्ड सर्विस प्रोवाइडर फॉर क्लाउड सर्विसेज, टेक्सटाइल्स मंत्रालय के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए पोषण ट्रैकर और अलग-अलग विभागों के लिए सोशल मीडिया सेवाएं जोड़ी जाएंगी.

कागजों में बताया गया है कि ‘टीम के सदस्यों को प्रेरणा और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए’ सलाहकार संगठन स्तर पर संरचना और HR नीतियां तैयार करेगा. क्योंकि भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के विस्तार में DIC के कामकाज में बदलाव देखने को मिलेगा. दरअसल, इसके तहत मजबूत प्रणाली से चलने वाले व्यवसायिक काम, नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) और MyGov जैसे DIC के कई डिविजन में तालमेल हासिल करना और 9 महीनों के भीतर के नई संरचना तैयार करने का विचार है. DIC में कर्मचारियों के बीच विशेषता तैयार करने और मौजूदा सभी कर्मचारियों के कौशल का पता लगाने के लिए एक आर्किटेक्चर भी बनाया जाएगा.

क्या करता है DIC?
दस्तावेज बताते हैं कि DIC को पहले ‘मीडिया लैब एशिया’ के तौर पर जाना जाता था. मोदी सरकार ने इसका नाम 2017 में बदल दिया था. यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करने में मार्गदर्शन करता है. यह ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट्स के लिए क्षमता बढ़ाने, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप्स (PPP) को प्रोत्साहित करने और अलग-अलग क्षेत्रों में इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को बढ़ाने के जरिए केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों को रणनीतिक समर्थन उपलब्ध कराता है.

DIC सेवाएं देने के लिए रेवेन्यू बेस्ड मॉडल का विकास करने के लिए उद्योग के साथ मिलकर काम करता है और सरकार और बाजार दोनों से प्रतिभाओं को लेकर आता है. DIC सहभागी शासन को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए भी मॉडल्स का विकास करता है. DIC में तीन डिविजन, द टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एंड डेप्लॉयमेंट डिविजन (TDDD), NeGD और MyGov हैं.

TDDD स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका को बेहतर करने और अक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में ICT के लाभ लाने के लिए काम करता है. NeGD एक स्वतंत्र व्यवसाय प्रभाग है, जो केंद्र और राज्य मंत्रालयों की उनके ई-गवर्नेंस पहले के प्रचार में मदद करता है. MyGov एक खास पहल है, जिसमें आम लोग भी शामिल होते हैं.

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